{"_id":"6a1826ce004e76c16b074468","slug":"eid-al-adha-hands-raised-in-prayer-for-the-nations-progress-haridwar-news-c-35-1-sdrn1005-149407-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईद-उल-अजहा : नमाज में मुल्क की तरक्की के लिए दुआओं में उठे हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईद-उल-अजहा : नमाज में मुल्क की तरक्की के लिए दुआओं में उठे हाथ
Thu, 28 May 2026 04:58 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Thu, 28 May 2026 04:58 PM IST
विज्ञापन
-ज्वालापुर सहित तमाम इलाकों में शांतिपूर्वक मनाया गया बकरीद का त्योहार
-नमाज के दौरान उठी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
हरिद्वार। ईद-उल-अजहा (बकरीद) ज्वालापुर सहित विभिन्न इलाकों में अकीदत और खुलूस के साथ मनाई गई। ज्वालापुर स्थित ईदगाह और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआएं मांगीं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पूरे इंतजाम रहे। नमाज के बाद लोगों ने अपने घरों में कुर्बानी दी।
बृहस्पतिवार की सुबह ईदगाह में मौलाना अब्दुल वाहिद कासमी ने नमाज अदा कराई। इससे पहले उन्होंने कहा कि कुर्बानी समर्पण और अटूट विश्वास का संदेश देती है। खुदा की आजमाइश में हजरत इब्राहिम खरे उतरे और अपने पुत्र हजरत इस्माइल को भी कुर्बान करने से पीछे नहीं हटे। यही त्याग और समर्पण ईद-उल-अजहा का मूल संदेश है। मौलाना आरिफ ने कहा कि ईद-उल-अजहा एकता और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है। देश में विभिन्न धर्म और समुदायों की ओर से मनाए जाने वाले पर्व भारत की संस्कृति के प्रतीक हैं। आपसी प्रेम और सौहार्द से ही मुल्क की तरक्की संभव है। उन्होंने सरकार से गो माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे राष्ट्रीय स्तर पर गो संरक्षण का मार्ग प्रशस्त होगा। जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती बदरुद्दीन कासमी साहब ने कहा कि ईद-उल-अजहा केवल कुर्बानी का पर्व नहीं बल्कि इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देने वाला त्योहार है। कहा कि सभी लोगों को समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। ईदगाह कमेटी के सदर जमशेद खान और बाबर खान ने कहा कि त्योहार को हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाएं और हिंदू-मुस्लिम एकता का परिचय दें। पार्षद अहसान अंसारी ने कहा कि सभी धर्म समुदायों का सम्मान करते हुए त्योहार की खुशियों को एक-दूसरे से साझा करना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन और नगर निगम की ओर से दिए गए सहयोग के लिए आभार जताया।
ईदगाह कमेटी के उपाध्यक्ष सज्जाद गौड़ और हाजी मुकर्रम अली ने कहा कि मिलजुलकर बकरा ईद मनाते हुए सौहार्द, एकता और भाईचारे का संदेश देना चाहिए। इधर, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जिले में ईद उल अजहा का त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
-नमाज के दौरान उठी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
हरिद्वार। ईद-उल-अजहा (बकरीद) ज्वालापुर सहित विभिन्न इलाकों में अकीदत और खुलूस के साथ मनाई गई। ज्वालापुर स्थित ईदगाह और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआएं मांगीं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पूरे इंतजाम रहे। नमाज के बाद लोगों ने अपने घरों में कुर्बानी दी।
बृहस्पतिवार की सुबह ईदगाह में मौलाना अब्दुल वाहिद कासमी ने नमाज अदा कराई। इससे पहले उन्होंने कहा कि कुर्बानी समर्पण और अटूट विश्वास का संदेश देती है। खुदा की आजमाइश में हजरत इब्राहिम खरे उतरे और अपने पुत्र हजरत इस्माइल को भी कुर्बान करने से पीछे नहीं हटे। यही त्याग और समर्पण ईद-उल-अजहा का मूल संदेश है। मौलाना आरिफ ने कहा कि ईद-उल-अजहा एकता और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है। देश में विभिन्न धर्म और समुदायों की ओर से मनाए जाने वाले पर्व भारत की संस्कृति के प्रतीक हैं। आपसी प्रेम और सौहार्द से ही मुल्क की तरक्की संभव है। उन्होंने सरकार से गो माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे राष्ट्रीय स्तर पर गो संरक्षण का मार्ग प्रशस्त होगा। जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती बदरुद्दीन कासमी साहब ने कहा कि ईद-उल-अजहा केवल कुर्बानी का पर्व नहीं बल्कि इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देने वाला त्योहार है। कहा कि सभी लोगों को समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। ईदगाह कमेटी के सदर जमशेद खान और बाबर खान ने कहा कि त्योहार को हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाएं और हिंदू-मुस्लिम एकता का परिचय दें। पार्षद अहसान अंसारी ने कहा कि सभी धर्म समुदायों का सम्मान करते हुए त्योहार की खुशियों को एक-दूसरे से साझा करना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन और नगर निगम की ओर से दिए गए सहयोग के लिए आभार जताया।
विज्ञापन
ईदगाह कमेटी के उपाध्यक्ष सज्जाद गौड़ और हाजी मुकर्रम अली ने कहा कि मिलजुलकर बकरा ईद मनाते हुए सौहार्द, एकता और भाईचारे का संदेश देना चाहिए। इधर, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जिले में ईद उल अजहा का त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
विज्ञापन