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जनवरी से बनेगा दूधाधारी एलिवेटेड फ्लाईओवर
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देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर दूधाधारी स्थित निर्माणाधीन फ्लाईओवर ।
- फोटो : HARIDWAR
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नेशनल हाईवे पर दूधाधारी फ्लाईओवर का काम नए साल में जनवरी से शुरू हो जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरा कर ली है। फरीदाबाद की एजेंसी इसका निर्माण करेगी और करीब 113 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एनएचएआई की प्रोजेक्ट इंपलटेशेन यूनिट पीआईयूू कार्यालय रुड़की के मुताबिक देहरादून-हरिद्वार फोरलेन निर्माण में नोएडा की सेम इंडिया एजेंसी को काम का जिम्मा सौंपा गया था। कंपनी पर कोर कॉलेज से शांतिकुंज का क्षेत्र था। निर्माण एजेंसी के अनुबंध में दूधाधारी फ्लाईओवर शामिल नहीं था। बावजूद, कंपनी से एनएचआईए ने फ्लाईओवर का अतिरिक्त काम कराया। पहले कुंभ और फिर कोरोना संक्रमण के कारण निर्माण कार्य बंद हो गया।
हाल ही में एनएचआई ने 1.8 किलोमीटर लंबे और 22 मीटर चौड़े फ्लाईओवर के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए टेंडर मांगे गए। टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी कागजी कार्यवाही भी अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि जनवरी से जमीनी स्तर अधूरे फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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प्रोजेक्ट पर अभी तक 270 करोड़ खर्च
पीआईयू यूनिट के डिप्टी मैनेजर राघव त्रिपाठी के अनुसार देहरादून-हरिद्वार फोरलेन निर्माण पर अभी तक 270 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जबकि, एक किलोमीटर से ज्यादा लंबे दूधाधारी फ्लाईओवर के अधूरे निर्माण को पूरा कराने के लिए सौ करोड़ से ज्यादा अतिरिक्त खर्च किए जा रहे हैं। कोर कॉलेज से शांतिकुंज तक चौड़ीकरण का काम सेम इंडिया पूरा कर चुकी है।
फरीदाबाद की एजेंसी को अधूरे फ्लाईओवर काम को पूरा करने जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल टेंडर से जुड़ी अंतिम कागजी कार्यवाही को पूरा किया जा रहा है। जनवरी से काम शुरू हो जाएगा।
- राघव त्रिपाठी, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई पीआईयू यूनिट, रुड़की
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एनएचएआई की प्रोजेक्ट इंपलटेशेन यूनिट पीआईयूू कार्यालय रुड़की के मुताबिक देहरादून-हरिद्वार फोरलेन निर्माण में नोएडा की सेम इंडिया एजेंसी को काम का जिम्मा सौंपा गया था। कंपनी पर कोर कॉलेज से शांतिकुंज का क्षेत्र था। निर्माण एजेंसी के अनुबंध में दूधाधारी फ्लाईओवर शामिल नहीं था। बावजूद, कंपनी से एनएचआईए ने फ्लाईओवर का अतिरिक्त काम कराया। पहले कुंभ और फिर कोरोना संक्रमण के कारण निर्माण कार्य बंद हो गया।
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हाल ही में एनएचआई ने 1.8 किलोमीटर लंबे और 22 मीटर चौड़े फ्लाईओवर के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए टेंडर मांगे गए। टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी कागजी कार्यवाही भी अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि जनवरी से जमीनी स्तर अधूरे फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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प्रोजेक्ट पर अभी तक 270 करोड़ खर्च
पीआईयू यूनिट के डिप्टी मैनेजर राघव त्रिपाठी के अनुसार देहरादून-हरिद्वार फोरलेन निर्माण पर अभी तक 270 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जबकि, एक किलोमीटर से ज्यादा लंबे दूधाधारी फ्लाईओवर के अधूरे निर्माण को पूरा कराने के लिए सौ करोड़ से ज्यादा अतिरिक्त खर्च किए जा रहे हैं। कोर कॉलेज से शांतिकुंज तक चौड़ीकरण का काम सेम इंडिया पूरा कर चुकी है।
फरीदाबाद की एजेंसी को अधूरे फ्लाईओवर काम को पूरा करने जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल टेंडर से जुड़ी अंतिम कागजी कार्यवाही को पूरा किया जा रहा है। जनवरी से काम शुरू हो जाएगा।
- राघव त्रिपाठी, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई पीआईयू यूनिट, रुड़की