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हरकी पैड़ी पर डुबकी नहीं लगा सके श्रद्धालु
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हरकी पैड़ी पर पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग के बाद सुनसान पड़ा हरकी पैड़ी ।
- फोटो : HARIDWAR
सोमवती अमावस्या पर पुलिस-प्रशासन की सख्ती के चलते हरकी पैड़ी पूरी तरह पाबंद रही। किसी भी श्रद्धालु को गंगा किनारे तक जाने की इजाजत नहीं दी गई। अलबत्ता बाहरी घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त किया। तमाम प्रतिबंध के बावजूद श्रद्धालु सुबह के समय हरकी पैड़ी की तरफ बढ़ने शुरू हो गए थे, लेकिन पुलिस की क्वारंटीन की चेतावनी के चलते इन लोगों ने बाहरी यानी गंगा के अन्य घाटों पर डुबकी लगाई। इससे पहले हर बार सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु यहां डुबकी लगाने पहुंचते थे।
कोरोना के चलते शिवरात्रि और सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान प्रतिबंधित किया गया था। नियम का कड़ाई से पालन कराने के लिए दो दिन से जिले की सीमाओं को सील किया गया था। पुलिस प्रशासन का पूरा फोकस हरकी पैड़ी पर रहा ताकि कोई श्रद्धालु वहां न पहुंच सके। नगर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह की अगुवाई ने हरकी पैड़ी आने वाले तमाम रास्तों को सील किया गया था। लगातार माइक से गंगा स्नान करने वाले को 14 दिन के लिए क्वारंटीन करने की चेतावनी दी जा रही थी। वैसे तो सुबह से ही श्रद्धालुओं का दो-दो और तीन-तीन के ग्रुपों में आने का सिलसिला शुरू हो गया था, लेकिन पुलिस सख्ती के चलते श्रद्धालु हरकी पैड़ी नहीं पहुंच सके। ऐसे में उन्होंने बाहरी घाटों चंडीघाट, सुभाष घाट, अलकनंदा घाट, कुशावर्त, हनुमान घाट, सर्वानंद घाट, सप्तऋषि क्षेत्र के तमाम घाट, बिरला घाट, गोविंदघाट, प्रेमनगर घाट, रामघाट, विश्वकर्मा घाट आदि की तरफ रुख कर लिया था। स्थानीय श्रद्धालुओं ने इन्हीं घाटों पर डुबकी लगाकर पूजा अर्चना की।
बाजारों से गायब रही रौनक
सोमवती अमावस्या पर स्नान प्रतिबंध होने के कारण बाजारों से रौनक गायब रही। दुकान हो या ठेला किसी पर भी भीड़ तो क्या खाने वाला एक भी व्यक्ति नहीं मिला। शनिवार और रविवार को लॉकडाउन के बाद सोमवार को बाजार तो खुले, लेकिन दूर तक ग्राहकी नजर नहीं आई। व्यापारियों का कहना था कि कोरोना संकट ने पूरे व्यापार को चौपट कर दिया है। ऐसे में बाजार खुलने और बंद होने में कोई फर्क नहीं है। कांवड़ यात्रा के बाद सोमवती अमावस्या के स्नान पर प्रतिबंध ने व्यापार की कमर तोड़ दी है।
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कोरोना के चलते शिवरात्रि और सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान प्रतिबंधित किया गया था। नियम का कड़ाई से पालन कराने के लिए दो दिन से जिले की सीमाओं को सील किया गया था। पुलिस प्रशासन का पूरा फोकस हरकी पैड़ी पर रहा ताकि कोई श्रद्धालु वहां न पहुंच सके। नगर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह की अगुवाई ने हरकी पैड़ी आने वाले तमाम रास्तों को सील किया गया था। लगातार माइक से गंगा स्नान करने वाले को 14 दिन के लिए क्वारंटीन करने की चेतावनी दी जा रही थी। वैसे तो सुबह से ही श्रद्धालुओं का दो-दो और तीन-तीन के ग्रुपों में आने का सिलसिला शुरू हो गया था, लेकिन पुलिस सख्ती के चलते श्रद्धालु हरकी पैड़ी नहीं पहुंच सके। ऐसे में उन्होंने बाहरी घाटों चंडीघाट, सुभाष घाट, अलकनंदा घाट, कुशावर्त, हनुमान घाट, सर्वानंद घाट, सप्तऋषि क्षेत्र के तमाम घाट, बिरला घाट, गोविंदघाट, प्रेमनगर घाट, रामघाट, विश्वकर्मा घाट आदि की तरफ रुख कर लिया था। स्थानीय श्रद्धालुओं ने इन्हीं घाटों पर डुबकी लगाकर पूजा अर्चना की।
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बाजारों से गायब रही रौनक
सोमवती अमावस्या पर स्नान प्रतिबंध होने के कारण बाजारों से रौनक गायब रही। दुकान हो या ठेला किसी पर भी भीड़ तो क्या खाने वाला एक भी व्यक्ति नहीं मिला। शनिवार और रविवार को लॉकडाउन के बाद सोमवार को बाजार तो खुले, लेकिन दूर तक ग्राहकी नजर नहीं आई। व्यापारियों का कहना था कि कोरोना संकट ने पूरे व्यापार को चौपट कर दिया है। ऐसे में बाजार खुलने और बंद होने में कोई फर्क नहीं है। कांवड़ यात्रा के बाद सोमवती अमावस्या के स्नान पर प्रतिबंध ने व्यापार की कमर तोड़ दी है।
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