{"_id":"61b3727c58295f5d422be4a3","slug":"danger-travel-on-flyover-expansion-joint-damaged-haridwar-news-drn3983908191","type":"story","status":"publish","title_hn":"फ्लाईओवर पर खतरे का सफर, एक्सपेंशन ज्वाइंट क्षतिग्रस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फ्लाईओवर पर खतरे का सफर, एक्सपेंशन ज्वाइंट क्षतिग्रस्त
विज्ञापन
चंड़ी चौक फ्लाईओवर की सड़क पर एक साइड से एक्सपेंशन ज्वाइंट हुआ क्षतिग्रस्त।
- फोटो : HARIDWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडी चौक फ्लाईओवर की एक लेन का एक्सपेंशन ज्वाइंट क्षतिग्रस्त हो गया है। एक्सपेंशन ज्वाइंट की लोहे की पत्ती टूटने से उसके बीच की रबड़ भी उखड़ गई है। इससे तीन इंच से अधिक गैप आ गया है। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस एक लेन पर वाहनों का संचालन बंद कर दिया है।
इसी साल कुंभ शुरू होने से पहले हरिद्वार-देहरादून हाईवे चौड़ीकरण का काम पूरा हुआ था। हाईवे में कई जगहों पर फ्लाईओवर बनाए गए। फ्लाईओवर की लेन अलग-अलग टुकड़ों में बनती है। टुकड़ों को आपस में एक्सपेंशन ज्वाइंट से जोड़ा जाता है। इसे जोड़ने के लिए दोनों टुकड़ों के कोने पर लोहे की पत्तियां लगाई जाती हैं। पत्तियों के बीच में रबड़ लगाई जाती है। इस जोड़ में नियमानुसार 50 एमएम का गैप छोड़ा जाता है। ताकि वाहन चलने पर होने वाली कंपन्न से फ्लाईओवर को किसी तरह का नुकसान न हो। चंडी चौक फ्लाईओवर पर एक तरफ एक्सपेंशन ज्वाइंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गैप तीन इंच से अधिक आने से वाहनों में झटके लगने लगे थे।
एक्सपेंशन ज्वाइंट लेवल से ऊपर होने पर लगते हैं झटके
फ्लाईओवर पर अक्सर एक्सपेंशन ज्वाइंट वाहन चालकों को दर्द देते हैं। एक्सपेंशन ज्वाइंट पर लोहे की पत्तियां होती हैं। सड़क बनने के बाद वाहनों के दबाव से डामर कुछ समय पर बैठने लगता है। जबकि एक्सपेंशन ज्वाइंट अपनी जगह रहते हैं और ठोकर बन जाते हैं। इससे तेज गति से चलने वाले वाहन एक्सपेंशन ज्वाइंट पर उछलते हैं। कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। हरिद्वार में कई जगहों पर फ्लाईओवर में इस तरह के ठोकर बन रहे हैं।
विज्ञापन
फ्लाईओवर पर एक्सपेंशन ज्वाइंट की लोहे की पत्ती टूटकर उखड़ गई है। वाहन दुर्घटना से बचाव के लिए पुलिस ने क्षतिग्रस्त साइड पर बैरिकेडिंग कर दी है। तकनीकी टीम को जांच कर जल्द ही एक्सपेंशन ज्वाइंट की मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं।
- प्रदीप गुंसाई , एनएचआईए परियोजना निदेशक
विज्ञापन
इसी साल कुंभ शुरू होने से पहले हरिद्वार-देहरादून हाईवे चौड़ीकरण का काम पूरा हुआ था। हाईवे में कई जगहों पर फ्लाईओवर बनाए गए। फ्लाईओवर की लेन अलग-अलग टुकड़ों में बनती है। टुकड़ों को आपस में एक्सपेंशन ज्वाइंट से जोड़ा जाता है। इसे जोड़ने के लिए दोनों टुकड़ों के कोने पर लोहे की पत्तियां लगाई जाती हैं। पत्तियों के बीच में रबड़ लगाई जाती है। इस जोड़ में नियमानुसार 50 एमएम का गैप छोड़ा जाता है। ताकि वाहन चलने पर होने वाली कंपन्न से फ्लाईओवर को किसी तरह का नुकसान न हो। चंडी चौक फ्लाईओवर पर एक तरफ एक्सपेंशन ज्वाइंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गैप तीन इंच से अधिक आने से वाहनों में झटके लगने लगे थे।
विज्ञापन
एक्सपेंशन ज्वाइंट लेवल से ऊपर होने पर लगते हैं झटके
फ्लाईओवर पर अक्सर एक्सपेंशन ज्वाइंट वाहन चालकों को दर्द देते हैं। एक्सपेंशन ज्वाइंट पर लोहे की पत्तियां होती हैं। सड़क बनने के बाद वाहनों के दबाव से डामर कुछ समय पर बैठने लगता है। जबकि एक्सपेंशन ज्वाइंट अपनी जगह रहते हैं और ठोकर बन जाते हैं। इससे तेज गति से चलने वाले वाहन एक्सपेंशन ज्वाइंट पर उछलते हैं। कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। हरिद्वार में कई जगहों पर फ्लाईओवर में इस तरह के ठोकर बन रहे हैं।
विज्ञापन
फ्लाईओवर पर एक्सपेंशन ज्वाइंट की लोहे की पत्ती टूटकर उखड़ गई है। वाहन दुर्घटना से बचाव के लिए पुलिस ने क्षतिग्रस्त साइड पर बैरिकेडिंग कर दी है। तकनीकी टीम को जांच कर जल्द ही एक्सपेंशन ज्वाइंट की मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं।
- प्रदीप गुंसाई , एनएचआईए परियोजना निदेशक