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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Sacked police officers pinned eyes

बर्खास्त सिपाही पर टिकी पुलिस की निगाहें

Sat, 09 Jan 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sat, 09 Jan 2016 12:16 AM IST
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हरिद्वार। मिशन आक्रोश को एक बार फिर सुलगाने के मामले में हरिद्वार पुलिस की सुई एक बर्खास्त सिपाही पर आकर ठहर गई है। हालांकि कार्रवाई की जद में वह पुलिसकर्मी भी आ सकते है जिन्होंने फेसबुक पोस्ट पर अपनी टिप्पणी की है। शुक्रवार को मामले के उछलने पर दिनभर पुलिस महकमे में इसको लेकर चर्चा होती रही। देहरादून तक बैठे आला अफसर पूरे मामले की जानकारी लेते रहे।

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बुधवार देर रात कोतवाली ज्वालापुर में एसएसआई कमल मोहन भंडारी की ओर से अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर डाले गए विवादित पोस्ट पर कई पुलिसकर्मियों ने अपनी टिप्पणी की है और कई ने उसे लाइक भी किया है। पिछले वर्ष वेतन विसंगति और एरियर को लेकर सुलगी चिंगारी शांत पड़ गई थी लेकिन अब फिर से फेसबुक पर डाली गई पोस्ट से भड़कने के आसार बन गए हैं। हालांकि, आला अफसर पूरे मामले पर निगाहें गढ़ाए बैठे हैं।  
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शुक्रवार को मिशन आक्रोश को लेकर दर्ज हुए मुकदमे की बात सार्वजनिक होने पर पुलिस विभाग में एक बार फिर से आक्रोश है। दिनभर वर्ष 2007 से पहले भर्ती पुलिसकर्मी इस बात को लेकर एक दूसरे से संपर्क साधते रहे। लेकिन सीधे तौर पर कोई भी पुलिसकर्मी विरोध में सामने नहीं आया है। क्योंकि, सेवा समाप्त होने से लेकर निलंबन का खौफ सभी को सता रहा है। इधर, एक पर्वतीय जिले से मिशन आक्रोश में बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी निभाने वाले बर्खास्त सिपाही की भूमिका ही मुख्य बताई जा रही है हालांकि वो अब पुलिस का हिस्सा नहीं है। इसलिए उस पर पुलिसकर्मियों को भड़काने के मामले में कार्रवाई जरूर हो सकती है। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।

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