प्रेमिका के कहने पर दोस्त ने ही की सुनील की हत्या
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पुलिस ने आईआईटी रुड़की के सिक्योरिटी गार्ड सुनील सैनी की हत्या का खुलासा कर दिया है। सुनील के ही दोस्त ने उसकी हत्या की थी। आरोपी ने अपनी प्रेमिका के कहने पर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने हत्यारोपी और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली रुड़की में एसएसपी हरिद्वार स्वीटी अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि आईआईटी रुड़की के सिक्योरिटी गार्ड एवं टोडा कल्याणपुर निवासी सुनील सैनी पुत्र रमेश सैनी की 17 मई की रात को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। मृतक का शव शेरपुर गांव के जंगल से बरामद हुआ था। शव के समीप शराब की बोतल, चिकन के टुकड़े आदि मिले थे।
एसएसपी अग्रवाल ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए एसपी देहात प्रवेंद्र डोबाल, सीओ रुड़की कुलदीप असवाल के नेतृत्व में तीन पुलिस टीम एवं एसओजी को लगाया गया था। इस दौरान पुलिस ने मृतक के पड़ोसी एवं आईआईटी रुड़की में ठेकेदार के अंडर में एसी ठीक करने का काम करने वाले अनुज गिरी पुत्र महेंद्र गिरी को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
अनुज से जब कड़ी पूछताछ की गई तो उसने सारी सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि सुनील की हत्या उसने ही की है। उसने यह हत्या अपनी प्रेमिका शालू निवासी जौहरा, थाना-मंसूरपुर जिला-मुजफ्फरनगर के कहने पर की है। पुलिस ने शालू को भी गिरफ्तार कर लिया है। शालू मृतक सुनील के छोटे भाई सुशील से प्यार करती है। सुशील आरपीएफ में है।
दोनों की शादी होने वाली थी, लेकिन सुनील ने यह शादी नहीं होने दी। उसने शालू का चरित्र ठीक नहीं है, कहते हुए शादी से इंकार कर दिया था। इसका बदला लेने के लिए शालू ने सुनील के ही दोस्त अनुज को मोहरा बनाया। उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया और शर्त रखी की यदि वह सुनील की हत्या कर देगा तो वह उससे शादी कर लेगी।
बदले की आग में झुलस रही थी शालू
मोहब्बत में हारी शालू बदले की आग में झुलस रही थी। यही कारण है कि शादी में बाधक बने प्रेमी के भाई का कत्ल कराकर उसने बदला लिया। पुलिस की मानें तो शालू को जेल जाने का भी अफसोस नहीं है। दरअसल शालू की प्रेम कहानी की शुरुआत तीन साल पहले हुई। जौहरा, थाना मंसूरपुर निवासी शालू, सुनील सैनी की चाची की दूर की रिश्तेदार है। वह तीन साल पहले उस समय सुनील के घर आई थी। जब उसकी चाची गर्भवती थी।
शालू ने यहां रहकर सुनील की चाची की देखभाल की थी। यहीं पर वह सुनील के छोटे भाई सुशील से मिली थी। दोनों में प्यार हो गया। यहां तक की बात शादी तक आ गई, लेकिन सुनील ने शालू और सुशील की शादी पर आपत्ति जाहिर की थी, जिसके कारण दोनों की शादी नहीं हो पाई। ऐसे में तीन साल से बदले की आग में शालू झुलस रही थी। इसके लिए उसने सुनील सैनी के पड़ोस में रहने वाले एवं उसके दोस्त अनुज को चुना।
अनुज को उसने अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। शालू को जब लगा कि अनुज उसके लिए जान दे भी सकता है और ले भी सकता है तो उसने अनुज को बताया कि वह उससे शादी करेगी। लेकिन उससे पहले उसे उसकी एक शर्त माननी होगी। शर्त में शालू ने बताया कि सुनील ने उसके साथ बहुत बुरा किया है। वह उससे बदला लेना चाहती है। इसलिए वह उसकी हत्या कर दे।
कत्ल कराने का नहीं है अफसोस
शालू के प्यार में पागल अनुज ने इसके लिए तैयार होने में जरा भी देर नहीं लगाई। अनुज ने सुनील से और ज्यादा नजदीकियां बढ़ाई और एक योजना बनाकर सुनील को मौत के घाट उतार दिया। बकौल पुलिस शालू का कहना है कि उसे जेल जाने का कोई अफसोस नहीं है। उसने अपना बदला ले लिया है।