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साधुओं ने यात्री परिवार को दौड़ा दौड़ाकर पीटा
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
Updated Sun, 31 May 2015 01:00 AM IST
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मायादेवी मंदिर पार्किंग में वाहन खड़ा करने को लेकर हुए विवाद में जूना अखाड़े के साधुओं ने दिल्ली के यात्री परिवार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। डंडे से पीटकर एक युवक का सिर फोड़ डाला। महिलाओं को भी नहीं बख्शा। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर केस दर्ज कर पार्किंग कर्मी को हिरासत में लिया है।
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दिल्ली की गीता कालोनी, शाहदरा निवासी सीबीएसई बोर्ड से रिटायर्ड कर्मचारी ठाकुर दास अपने परिवार एवं रिश्तेदारों के साथ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आए थे। यात्री परिवार की पांच कार भैरव घाट के पास आकर ठहर गई। इस पर पार्किंग कर्मी ने उनसे रसीद कटाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अभी वह ठहरने के लिए कमरा ढूंढ रहे हैं।
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पार्किंग में वाहन पार्क करने पर रसीद कटा लेंगे। इसके बाद पार्किंग कर्मी के बुलाने पर पहुंचे साधुओं ने कार सवारों से मारपीट शुरू कर दी। परिवार के पुरुषों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। बीच बचाव में आई महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। बुजुर्ग ठाकुर दास ने साधु संतों के सामने हाथ पैर जोड़े, लेकिन तब भी उनका दिल नहीं पसीजा।
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उनकी इनोवा कार के भी शीशे तोड़ डाले। सूचना मिलने पर चेतक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। तब जाकर मामला शांत हुआ। यात्री परिवार के सदस्य जयंत के सिर में टांके लगे हैं, जबकि महिला शारदा, अन्नू, अमित मेहरा, हरिओम, रुचि एवं पुष्पा घायल हुए हैं। कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि यात्री परिवार के सदस्य अभिनव की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
दहशत दिखी चेहरों पर
कोतवाली में मौजूद यात्री परिवार इतनी दहशत में था कि वे पल भर भी हरिद्वार में नहीं रुकना चाहते थे। महिलाएं बच्चे सब घबराए हुए थे। जैसे तैसे पुलिस ने उनको सुरक्षा का विश्वास दिलाया। साथ ही पुलिसकर्मियों को भेजकर उनके ठहरने की व्यवस्था कराई गई।
‘साधु संत नहीं गुंडे हैं’
हरिद्वार। पीड़ित परिवार की जुबां से यही बोल फूटते रहे कि ये साधु संत नहीं गुंडे हैं। भला ऐसे भी कोई मारपीट करता है। बुजुर्ग ठाकुर दास का कहना है कि उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि साधु वेशधारी ऐसे भी होते हैं। बोले कि आसपास के दुकानदार भी तमाशा देखते रहे, लेकिन साधु संतों को रोकने की हिम्मत भी किसी ने नहीं दिखाई।