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छह वर्षीय बच्ची के साथ दुराचार करने वाले को आजीवन कारावास
Updated Fri, 04 May 2018 12:04 AM IST
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रोशनाबाद।
छह वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को विशेष न्यायाधीश पोक्सो/ अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान और आदेश चौहान ने बताया कि 16 दिसंबर 2016 को 6 वर्षीय पीड़ित बालिका दोपहर को करीब एक बजे अपने मामा की ठेली पर खाना देने गई थी। ठेली पर भीड़ होने के कारण बच्ची के मामा ने तजम्मुल पुत्र अफसर अली निवासी ढंडेरा, रुड़की हरिद्वार को अपनी भांजी को उसके घर बहादराबाद थाने के एक गांव में छोड़ने को कहा। करीब एक घंटे बाद ठेली पर आकर तजम्मुल ने बच्ची को घर छोड़कर आने की बात बताई। थोड़ी देर बाद उसकी बहन ने फोन करके उसे बताया था कि जिस लड़के को बच्ची घर भेजने को कहा था वह रास्ते में ही उसे छोड़ कर भाग गया। उसके बाद बालिका रोते हुए घर आई थी और अपनी मां को सारी घटना बताई थी। उसके बाद पीड़ित बच्ची की मां उसे लेकर अपने भाई के पास आई। वहां से तजम्मुल के पास गए तो पीड़ित बालिका ने तजम्मुल को पहचानते हुए बताया था कि इसी ने उसके साथ गलत काम किया है। घटना के संबंध में पीड़ित बच्ची के मामा ने बहादराबाद थाने में आरोपी तजम्मुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बालिका के बयानों के आधार पुलिस ने आरोपी तजम्मुल के संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से 8 गवाहों के बयान कराए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने तजम्मुल को छह वर्षीय बच्ची केे साथ दुष्कर्म करने की धाराओं में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व बीस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
छह वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को विशेष न्यायाधीश पोक्सो/ अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान और आदेश चौहान ने बताया कि 16 दिसंबर 2016 को 6 वर्षीय पीड़ित बालिका दोपहर को करीब एक बजे अपने मामा की ठेली पर खाना देने गई थी। ठेली पर भीड़ होने के कारण बच्ची के मामा ने तजम्मुल पुत्र अफसर अली निवासी ढंडेरा, रुड़की हरिद्वार को अपनी भांजी को उसके घर बहादराबाद थाने के एक गांव में छोड़ने को कहा। करीब एक घंटे बाद ठेली पर आकर तजम्मुल ने बच्ची को घर छोड़कर आने की बात बताई। थोड़ी देर बाद उसकी बहन ने फोन करके उसे बताया था कि जिस लड़के को बच्ची घर भेजने को कहा था वह रास्ते में ही उसे छोड़ कर भाग गया। उसके बाद बालिका रोते हुए घर आई थी और अपनी मां को सारी घटना बताई थी। उसके बाद पीड़ित बच्ची की मां उसे लेकर अपने भाई के पास आई। वहां से तजम्मुल के पास गए तो पीड़ित बालिका ने तजम्मुल को पहचानते हुए बताया था कि इसी ने उसके साथ गलत काम किया है। घटना के संबंध में पीड़ित बच्ची के मामा ने बहादराबाद थाने में आरोपी तजम्मुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बालिका के बयानों के आधार पुलिस ने आरोपी तजम्मुल के संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से 8 गवाहों के बयान कराए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने तजम्मुल को छह वर्षीय बच्ची केे साथ दुष्कर्म करने की धाराओं में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व बीस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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