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बेलगाम छात्रो ंने कानून को दी चुनौती
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच हुए फसाद में छात्रों ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए शहर में मनमर्जी करते नजर आए। हैरत की बात यह है कि पूरे शहर में तांडव मचाते रहे बेकाबू छात्र गुटों में पुलिस एक भी गिरफ्तार नहीं कर पाई।
एसएमजेएन कालेज में छात्रसंघ चुनाव सर पर हैं। संभवत: विवाद के पीछे वही मुख्य वजह है। शनिवार को शहर में घटे घटनाक्रम ने हर किसी को हिलाकर रख डाला। हाथ में धारदार हथियार, बेसबाल, डंडे और हॉकी खुलेआम लहराकर घूम रहे बेकाबू छात्रों को रोकने की हिम्मत किसी में नहीं थी। वे अपनी मनमर्जी करते रहे। पहले एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एसएमजेएन कालेज कैंपस में में खून बहाया तो फिर एनएसयूआई ने भी जवाबी हमला बोला। वे भी जुलूस की शक्ल में सीधे एबीवीपी कार्यालय धमक गए। वहां एबीवीपी कार्यकर्ता छिप गए, वरना यहां भी खून बहना तय था।
पूरे शहर में मचे हुडदंग देखकर एकबारगी ऐसा लगा रहा था कि मानो किसी फिल्म की शूटिंग हो रही हो। पुलिस की परवाह भले किसे थी, ये साफ- साफ दिखाई दिया।
हरिद्वार। एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच हुए फसाद में छात्रों ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए शहर में मनमर्जी करते नजर आए। हैरत की बात यह है कि पूरे शहर में तांडव मचाते रहे बेकाबू छात्र गुटों में पुलिस एक भी गिरफ्तार नहीं कर पाई।
एसएमजेएन कालेज में छात्रसंघ चुनाव सर पर हैं। संभवत: विवाद के पीछे वही मुख्य वजह है। शनिवार को शहर में घटे घटनाक्रम ने हर किसी को हिलाकर रख डाला। हाथ में धारदार हथियार, बेसबाल, डंडे और हॉकी खुलेआम लहराकर घूम रहे बेकाबू छात्रों को रोकने की हिम्मत किसी में नहीं थी। वे अपनी मनमर्जी करते रहे। पहले एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एसएमजेएन कालेज कैंपस में में खून बहाया तो फिर एनएसयूआई ने भी जवाबी हमला बोला। वे भी जुलूस की शक्ल में सीधे एबीवीपी कार्यालय धमक गए। वहां एबीवीपी कार्यकर्ता छिप गए, वरना यहां भी खून बहना तय था।
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पूरे शहर में मचे हुडदंग देखकर एकबारगी ऐसा लगा रहा था कि मानो किसी फिल्म की शूटिंग हो रही हो। पुलिस की परवाह भले किसे थी, ये साफ- साफ दिखाई दिया।