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नहीं हो सका 28 नहरों का अंतिम आवंटन
hridwar uttrakhanda india
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:04 AM IST
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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सिंचाई विभाग के बीच होने वाला परिसंपत्तियों का अंतिम बंटवारा दोनों राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता के कारण नहीं हो सका। 28 नहरों के आवंटन पर सहमति बनने के बाद भी उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए फिलहाल आवंटन पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। आवास और खाली पड़ी भूमि के आवंटन के बारे में भी कोई निर्णय नहीं हो सका। अब आचार संहिता हटने के बाद दोबारा बैठक करने पर निर्णय लिया गया।
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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सिंचाई विभाग के बीच संपत्तियों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया चल रही है। सिंचाई नहरों और आवासों के आवंटन पर दोनों प्रदेशों के बीच सहमति तो बन चुकी थी, लेकिन आवंटन पत्र पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए। सोमवार को इसके लिए दोनों ही राज्य के प्रमुख अधिकारियों की बैठक हरिद्वार में वीआईपी घाट के स्थित सिंचाई विभाग के अलकनंदा गेस्ट हाउस में बुलाई गई थी। काफी देर तक चली बैठक में हरिद्वार जिले में स्थित सिंचाई विभाग की 28 नहरों के आवंटन पर सहमति बन गई। इनमें से उत्तरी खंड गंगनहर की 16 और पूर्वी खंड गंगनहर की एक तथा मुजफ्फरनगर गंगनहर डिवीजन से 11 नहरें शामिल थी। दोनों ही पक्षों ने इस बारे में सहमति पत्र तैयार करने का निर्णय भी ले लिया था। जैसे ही सहमति पत्र बनाने की बारी आई तो एक अधिकारी ने यह कहते हुए आपत्ति कर दी कि अभी आदर्श आचार संहिता लगी हुई है। ऐसे में कोई भी निर्णय लेना उचित नहीं है। अन्य अधिकारियों ने भी इस बात का समर्थन किया और नहरों के आवंटन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं हो सके।
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हरिद्वार में स्थित कुंभ मेले की प्रयोग की भूमि को छोड़कर अन्य भूमि उत्तराखंड सिंचाई विभाग को सौंपे जाने को हस्ताक्षर किए जाने थे, लेकिन उस दस्तावेज पर भी हस्ताक्षर नहीं हो सके। इसके अलावा 266 आवासों के आवंटन के मामले में कहा गया कि दोनों राज्य के अधिकारी एक बार मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। अब आदर्श अचार संहिता हटने के बाद दोबारा बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में उत्तराखंड सिंचाई विभाग की ओर से मुख्य अभियंता अजय कुमार वर्मा, सुरेश चंद्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश चंद्र जोशी, अधिशासी अभियंता डीके सिंह, विकास श्रीवास्तव, राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा के अलावा यूपी की ओर से भी अधिशासी अभियंता सीबी यादव समेत अनेक अधिकारी शामिल हुए।
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