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दुर्घटना में कांस्टेबल की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sun, 20 Dec 2015 12:04 AM IST
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हरिद्वार। भेल हरिद्वार मुख्य मार्ग पर देहरादून विजिलेंस में तैनात कांस्टेबल रमेश ममगई (35) की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। रोशनाबाद पुलिस लाइन में राजकीय सम्मान के बाद कनखल श्मशान घाट पर कांस्टेबल को अंतिम विदाई दी गई। हादसा कैसे हुआ, यह अभी साफ नहीं हो सका है।
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स्थानीय एसएसपी कार्यालय में तैनात रहे कांस्टेबल रमेश ममगई का कुछ माह पूर्व ही देहरादून में विजिलेंस कार्यालय में तबादला हुआ था। वे परिवार समेत यहां पुलिस लाइन में रहते थे। शुक्रवार देर रात वह अपने सहकर्मियों के साथ देहरादून से लौटा था। उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में रहने वाले दोस्त सोम की मोटरसाइकिल लेकर वह रोशनाबाद जा रहा था। लेकिन भेल सेक्टर चौराहे से ठीक पहले दुर्घटना में घायल हो गया। रमेश के सिर पर गहरी चोट आने पर उसे सिडकुल के मेट्रो अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया। कांस्टेबल की मौत की सूचना मिलने पर एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर समेत कई पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस लाइन लाया गया। राजकीय सम्मान के बाद कनखल शमशान घाट पर कांस्टेबल को अंतिम विदाई दी गई। मूल रूप से टिहरी के गांव वीड, मखगोली, रानीचौरी निवासी रमेश अपने पीछे पत्नी एवं तीन साल का बेटा छोड़ गया है। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि दुर्घटना कैसे हुई, ये अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
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नहीं पहना था हेलमेट
कांस्टेबल रमेश ममगई ने हेलमेट नहीं पहना था। सभी पुलिसकर्मी यही कह रहे थे कि काश हेलमेट पहना होता तो शायद उसकी जान बच जाती।
युवतियों के हौसले को सलाम
कांस्टेबल रमेश की मौत के साथ ही मानवता के शर्मसार होने का भी पहलू सामने आया है। बताते है कि वह आधा-पौना घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना देना उचित नहीं समझा। न ही उसे अस्पताल ले गए। बाद में दो युवतियां उसको अस्पताल ले गईं। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। सभी पुलिसकर्मी उन युवतियों के जज्बे को सलाम कर रहे थे।
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