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अब 150 एमटी होगी कंपोस्ट प्लांट की क्षमता
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आवासीय कालोनियों और बाजारों से एकत्र होने वाले कूड़े का अब सराय स्थित कंपोस्ट प्लांट में वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा। प्लांट में गीला और सूखे कूड़े को पृथक किया जाएगा। उसके बाद कूड़े से खाद तैयार होगी। प्लांट की क्षमता भी 100 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 150 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी। प्लांट क्षमता बढ़ाने में करीब 50 लाख रुपये का खर्च आएगा। निगम ने प्लांट की चहारदीवारी निर्माण पूरा करने के बाद प्लांट अपग्रेड करने के लिए ड्रोन सर्वे कर लिया है। कूड़ा निस्तारण करने वाली मौजूदा फर्म से अनुबंध भी खत्म कर दिया है।
हरिद्वार में कूड़ा उठाने से लेकर उसका निस्तारण बड़ी समस्या है। नगर निगम क्षेत्र में 60 वार्ड हैं। सभी वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था अब जाकर पटरी पर आई है। आवासीय कालोनियों के अलावा बाजार क्षेत्र से काफी कूड़ा एकत्र होता है। प्रमुख स्नान और पर्व त्योहारों पर कूड़ा की मात्रा बढ़ जाती है। हरकी पैड़ी और प्रमुख बाजारों से सुबह व रात्रि में कूड़ा उठाया जाता है। प्रतिदिन औसतन शहर से 180 मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र होता है। इसमें गीला कूड़ा अलग कर करीब 120 मीट्रिक टन सूखा कूड़ा रहता है।
कूड़ा के निस्तारण के लिए सराय में कंपोस्ट प्लांट लगा है। प्लांट की क्षमता अभी 100 मीट्रिक टन रोजाना की है। प्लांट संचालन के लिए नगर निगम ने इसी साल मार्च में प्राइवेट फर्म से अनुबंध किया था। फर्म को प्रति कुंतल कूड़ा निस्तारण के लिए 192 रुपये भुगतान हो रहा था। नगर निगम ने फर्म पर संतोषजनक कार्य न करने का आरोप लगाते हुए अनुबंध खत्म कर दिया है। नगर निगम प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 150 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने जा रहा है। मुख्य नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती के मुताबिक प्लांट अपग्रेड करने में करीब 50 लाख रुपये का खर्च होगा। कूड़ा निस्तारण कर उसकी खाद तैैयार की जाएगी।
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नया कंक्रीट यार्ड बनेगा
प्लांट अपग्रेड करने के लिए ड्रोन सर्वे कर लिया है। नया कंक्रीट यार्ड बनाया जा रहा है। पहले से कंक्रीट यार्ड 44 मीटर लंबा और 44 मीटर चौड़ा बना है। जबकि नया यार्ड 40 मीटर लंबा और 70 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। एसएलएफ की क्षमता भी तीन गुना की जा रही है। वर्तमान में एसएलएफ का साइज 32 मीटर चौड़ा और 130 मीटर लंबा है।
प्लांट में कूड़ा निस्तारण करने वाली वर्तमान फर्म का अनुबंधन खत्म कर दिया है। फर्म संतोषजनक कार्य नहीं कर रही थी। प्लांट की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसके लिए कार्य शुरू कर दिया है। प्लांट संचालन के लिए नए टेंडर किए जाने हैं।
- दयानंद सरस्वती, मुख्य नगर आयुक्त
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हरिद्वार में कूड़ा उठाने से लेकर उसका निस्तारण बड़ी समस्या है। नगर निगम क्षेत्र में 60 वार्ड हैं। सभी वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था अब जाकर पटरी पर आई है। आवासीय कालोनियों के अलावा बाजार क्षेत्र से काफी कूड़ा एकत्र होता है। प्रमुख स्नान और पर्व त्योहारों पर कूड़ा की मात्रा बढ़ जाती है। हरकी पैड़ी और प्रमुख बाजारों से सुबह व रात्रि में कूड़ा उठाया जाता है। प्रतिदिन औसतन शहर से 180 मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र होता है। इसमें गीला कूड़ा अलग कर करीब 120 मीट्रिक टन सूखा कूड़ा रहता है।
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कूड़ा के निस्तारण के लिए सराय में कंपोस्ट प्लांट लगा है। प्लांट की क्षमता अभी 100 मीट्रिक टन रोजाना की है। प्लांट संचालन के लिए नगर निगम ने इसी साल मार्च में प्राइवेट फर्म से अनुबंध किया था। फर्म को प्रति कुंतल कूड़ा निस्तारण के लिए 192 रुपये भुगतान हो रहा था। नगर निगम ने फर्म पर संतोषजनक कार्य न करने का आरोप लगाते हुए अनुबंध खत्म कर दिया है। नगर निगम प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 150 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने जा रहा है। मुख्य नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती के मुताबिक प्लांट अपग्रेड करने में करीब 50 लाख रुपये का खर्च होगा। कूड़ा निस्तारण कर उसकी खाद तैैयार की जाएगी।
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नया कंक्रीट यार्ड बनेगा
प्लांट अपग्रेड करने के लिए ड्रोन सर्वे कर लिया है। नया कंक्रीट यार्ड बनाया जा रहा है। पहले से कंक्रीट यार्ड 44 मीटर लंबा और 44 मीटर चौड़ा बना है। जबकि नया यार्ड 40 मीटर लंबा और 70 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। एसएलएफ की क्षमता भी तीन गुना की जा रही है। वर्तमान में एसएलएफ का साइज 32 मीटर चौड़ा और 130 मीटर लंबा है।
प्लांट में कूड़ा निस्तारण करने वाली वर्तमान फर्म का अनुबंधन खत्म कर दिया है। फर्म संतोषजनक कार्य नहीं कर रही थी। प्लांट की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसके लिए कार्य शुरू कर दिया है। प्लांट संचालन के लिए नए टेंडर किए जाने हैं।
- दयानंद सरस्वती, मुख्य नगर आयुक्त