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सीएम गंगा पूजन करेंगे या नहर का
रतनमणी डोभाल हरिद्वार
Updated Sun, 19 Mar 2017 10:08 PM IST
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सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार (आज) प्रात: हरिद्वार आएंगे। पहले उन्हें रविवार को आना था, लेकिन देर रात में ही कार्यक्रम में संशोधन कर दिया गया। हरिद्वार में गंगा पूजन कार्यक्रम के दौरान उनके साथ पूरी कैबिनेट के आने की संभावना है। बड़ा सवाल यह है कि मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट गंगा की पूजा करेंगे या गंगनहर की। अब तक जिस हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर गंगा मानकर अनादि काल से पूजा अर्चना की जाती रही है उसको जाते-जाते हरीश रावत सरकार ने स्कैप चैनल (नहर) घोषित कर दिया है। 17 दिसंबर को इस आशय का शासनादेश हो चुुका है।
मुख्यमंत्री के साथ ही त्रिवेंद्र सिंह रावत नमामि गंगे स्वच्छता मिशन के राष्ट्रीय संयोजक भी हैं। मुख्यमंत्री के साथ इस दोहरे दायित्व को निभाने के लिए उन्होंने नमामि गंगे अभियान चलाने का कार्यक्रम भी बनाया है। उनका पहले ही दौरे में हरकी पैड़ी पहुंचने में श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों तथा तीर्थ पुरोहितों सामना करना पड़ेगा, जो भागीरथी बिंदु से हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड में बहने वाली गंगा की अविछिन्न धारा को नहर घोषित किए जाने से खासे नाराज हैं और शासनादेश को वापस लेने की मांग कर चुके हैं। मुख्यमंत्री के हरकी पैड़ी आने पर श्री गंगा सभा के पदाधिकारी उनसे शासनादेश को वापस लेने की मांग कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री के साथ ही त्रिवेंद्र सिंह रावत नमामि गंगे स्वच्छता मिशन के राष्ट्रीय संयोजक भी हैं। मुख्यमंत्री के साथ इस दोहरे दायित्व को निभाने के लिए उन्होंने नमामि गंगे अभियान चलाने का कार्यक्रम भी बनाया है। उनका पहले ही दौरे में हरकी पैड़ी पहुंचने में श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों तथा तीर्थ पुरोहितों सामना करना पड़ेगा, जो भागीरथी बिंदु से हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड में बहने वाली गंगा की अविछिन्न धारा को नहर घोषित किए जाने से खासे नाराज हैं और शासनादेश को वापस लेने की मांग कर चुके हैं। मुख्यमंत्री के हरकी पैड़ी आने पर श्री गंगा सभा के पदाधिकारी उनसे शासनादेश को वापस लेने की मांग कर सकते हैं।
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