धर्मनगरी में आफत की तरह बरसे बादल
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हरिद्वार। शहर में तेज बारिश से शुक्रवार की रात जगह-जगह जलभराव रहा। हरकी पैड़ी क्षेत्र में पहाड़ियों से बहकर आने वाले मलबे ने एक बार फिर लोगों की अग्नि परीक्षा ली। ज्वालापुर और उत्तरी हरिद्वार में भी दुकानों व घरों में पानी भरने से लोग रात भर परेशान रहे। इस बीच शनिवार को भी दिन भर रिमझिम बरसात होती रही। लोगों को घरों और दुकानों से पानी व कीचड़ निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा है। व्यापारियों की मानें तो ज्वालापुर और हरिद्वार में करोड़ों का नुकसान हुआ।
शुक्रवार की रात करीब आठ बजे बारिश शुरू हुई। बारिश इतनी जबर्दस्त थी कि आधे घंटे में ही शहर जलमग्न हो गया। मध्य हरिद्वार में भगत सिंह चौक, चंद्राचार्य चौक, कनखल में कृष्णानगर, चौक बाजार, पहाड़ी बाजार, सतीघाट, ज्वालापुर कटहरा बाजार, चौक बाजार, गुरुद्वारा रोड, लोधा मंडी, हरकी पैड़ी क्षेत्र में अपर रोड, मोती बाजार, ठंडा कुआं, सब्जी मंडी, खड़खड़ी में भीमगोड़ा, नई बस्ती, भूपतवाला में गुसाईं गली, भारत माता मंदिर के आसपास सड़कों पर कई फीट ऊपर तक पानी भर गया। हरकी पैड़ी क्षेत्र में शिवालिक की पहाड़ियों से बहकर आने वाला मलबा बाजारों में कीचड़ के रूप में फैल गया। इससे आने जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों को दिक्कत उठानी पड़ी। ज्वालापुर बाजार और हरकी पैड़ी क्षेत्र में कई जगहों पर पानी के साथ मलबा दुकानों में भर गया। शनिवार की सुबह व्यापारियों ने दुकानें खोलने के बाद मलबे की सफाई की। मेयर मनोज गर्ग और नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी ने अलग-अलग जगहों पर जलभराव से हुई परेशानी का जायजा लिया।
आरोप प्रत्यारोप में ही उलझी नालों की सफाई
मेयर मनोज गर्ग सहित पार्षद सरकार पर बजट न देने का आरोप लगाते रहे तो कांग्रेस के जनप्रतिनिधि भाजपा के बहुमत वाले नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे। बरसात से पहले नालों की सफाई इसी आरोप-प्रत्यारोप में उलझकर रह गई। अब हाल यह है कि नाले कूड़े कचरे और मलबे से अटे होने के कारण जलभराव होना स्वाभाविक है।
कनखल थाने में घुसा पानी
बारिश का पानी शुक्रवार की रात कनखल थाने में भी घुस आया। जलभराव होने से कनखल थाने का पूरा आंगन पानी से लबालब हो गया। इससे पुलिसकर्मियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं हाइवे पर फोरलेन का काम जगह-जगह लटकने से भी जलभराव रहा। खासकर शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार, पावन धाम चौक, चंडीघाट चौराहे के आसपास हाईवे पर भी पानी जमा होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे रोड पर दुकानें और कालोनियां लबालब
ज्वालापुर में रेलवे रोड के पास रात की बारिश से दुकानों के साथ ही कालोनियों में भी पानी भर गया। इस कारण दिनभर लोग परेशान रहे। कई दुकानदार तो शनिवार को बारिश में खराब हुआ अपना सामान छतों पर भी सुखाते देखे गए। गोल गुरुद्वारा और आसपास की कालोनियों नानकपुरी, जगदीशनगर, श्रीनाथनगर, आदर्शनगर आदि में पानी भर गया। एमएनए विप्रा त्रिवेदी ने शनिवार को इस क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को हुए नुकसान का जायजा लिया। पार्षद रवि धींगड़ा, प्रवीण कुमा, विक्की तनेजा आदि ने उन्हें नुकसान के बारे में जानकारी दी।
कृष्णानगर में अतिक्रमण बना परेशानी का सबब
कृष्णानगर में दुकानों में पानी भर जाने के कारण लोगों को भरी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पूर्व सभासद अशोक शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिया के समानांतर मिट्टी और पत्थर डालकर पानी का रास्ता रोक देने के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने प्रशासन और नगर निगम पर व्यापारियों तथा आम जनता की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
मेयर का चेहरा तो चमका, शहर बदहाल
हरिद्वार। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज ने आरोप लगाया कि मेयर मनोज गर्ग की लचर कार्यप्रणाली का खामियाजा शहर को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मेयर ने दाढ़ी को राजनीतिक इश्यू बनाने के बाद अपना चेहरा तो चमका लिया, लेकिन शहर की हालत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बारिश से हुए नुकसान के लिए नगर निगम के मेयर और अधिकारी जिम्मेदार हैं।