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गंगनहर बंद होकर भी भर रही झोली
hridwar uttrakhanda india
Updated Wed, 12 Oct 2016 11:35 PM IST
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गंगा में ढूंढ रहे खजाना
- फोटो : अमर उजाला
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धर्मनगरी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली गंगा की धारा बंद होकर भी हजारों लोगों की झोली भर रही है। मंगलवार आधी रात जब गंगनहर बंद हुई तो बुधवार सुबह से ही हजारों लोग गंगा में खजाना तलाशने उतर पड़े। इनमें से किसी के हाथ सिक्के लगे तो किसी को चांदी की मूर्ति मिली। हरकी पैड़ी से लेकर ज्वालापुर तक गंगनहर में हजारों की भीड़ खजाना तलाशने में जुटी रही।
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हर साल की तरह इस बार भी दशहरे की मध्य रात्रि में गंगनहर को सफाई के लिए बंद कर दिया गया है। ऐसे में बुधवार को गंगनहर के बीच नजारा बदला हुआ दिखाई दिया। हरकी पैड़ी के पास श्रद्धालु काफी कम जल में स्नान करते दिखाई दिए, तो वहीं बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी थे जो गंगा की धारा से खजाना तलाशने में जुटे थे। गंगा तट के आसपास रह रहे झुग्गीवासी तो परिवार सहित ही इस काम में जुटे थे। वहीं भिख मांगने वालों को भी गंगा बंदी से नया काम मिल गया। ऐसे भी अनेक लोग गंगा में जेवर व नगदी तलाशते दिखे। रोड़ीबेलवाला झुग्गी बस्ती निवासी सोहनलाल ने बताया कि उन्हें चांदी के कई सिक्के मिले। वहीं मालती देवी के हाथ एक चेन भी लगी। इसी तरह किसी के हिस्से में नगदी आई तो किसी को गंगा की कृपा से धातु की मूर्तियां भी मिली। इसी खजाने के लिए हर वर्ष एक बड़ी आबादी गंगा बंदी का इंतजार करती है। यह नजारा हरकी पैड़ी से लेकर मायापुर, ऋषिकुल, प्रेमनगर आश्रम, सिंहद्वार से लेकर ज्वालापुर के दुर्गा घाट और पुल जटवाड़ा तक नजर आया। इस काम में लगे लोगों ने बताया कि कई लोग बिजनौर और सहारनपुर से भी यह सीजन कमाने आए हैं।
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हर तरफ गंदगी के ढेर
गंगनहर बंद हुई तो गंगा की स्वच्छता और निर्मलता के दावों की भी पोल खुल गई। जगह जगह लगे पिलर और टापूनुमा स्थानों पर जमा कचरे और कीचड़ के ढेर गंगा की व्यथा को साफ बयान कर रहे हैं। हरकी पैड़ी भी इससे अछूती नहीं है। मायापुर, सिंहद्वार, जटवाड़ा पुल तक जितने भी पुल हैं, उन सभी में गंदगी के अंबार लगे हैं। घाटों पर लगी रेलिंग भी कूड़े से अटी हुई है।
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सफाई के लिए भी उतरे गंगा प्रेमी
हजारों लोग जहां गंगा की बंद पड़ी धारा में खजाना ढूंढ रहे थे, तो कुछ गंगा प्रेमी सफाई करने के लिए भी उतर पड़े। गणेशघाट पर गंगा भक्त महेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में युवाओं की एक टोली ने कूड़ा करकट बाहर निकाला। महेंद्र बिष्ट ने बताया कि उनकी टीम हर साल सफाई करती है। इस टीम में स्वामी गिरि महाराज के अलावा विजय जोशी, सुशील, अजय गौड़, अंकित, शिवम आदि इस टीम में शामिल रहे।