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..भाजपा पार्षद की सूझबूझ से दबोचा शातिर दिव्यांग
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समाज कल्याण विभाग का कर्मचारी बनकर (मुख्यमंत्री जीवन यापन योजना) के पंजीकरण शुल्क के नाम पर धन हड़प रहे एक दिव्यांग को हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से आमजन को झांसा देने के लिए खुद के ही खाते के सात फर्जी चेक, एक रजिस्टर एवं 1950 रुपये बरामद हुए हैं।
रविवार को बिल्वकेश्वर वार्ड के पार्षद विनीत जौली को सूचना मिली कि झलकारी बस्ती में एक दिव्यांग युवक मुख्यमंत्री जीवन यापन योजना के लाभार्थियों के चेक बांट रहा है। जब मौके पर पहुंचे तो दिव्यांग युवक ने उन्हें बताया कि वह समाज कल्याण विभाग में कार्यरत है और (मुख्यमंत्री जीवन यापन) योजना के लाभार्थियों के चयन के लिए पंजीकरण कर रहा है। भाजपा पार्षद ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इस तरह की कोई योजना ही नहीं है और न ही विभाग ने किसी को चेक वितरित करने के लिए भेजा है। पार्षद ने संदेह होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस युवक को अपने साथ कोतवाली ले आई। पूछताछ में युवक ने अपना नाम चांद उर्फ अमानत निवासी मोहल्ला हज्जावन ज्वालापुर बताया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी ने बस्ती में जाकर कुछ लोगों के नाम और पते पूछने शुरू कर दिए। लोगों के पूछने पर उसने बताया कि वह (मुख्यमंत्री जीवन यापन) के पात्रों को चेक दे रहा है। उसने लोगों को दस हजार रुपये के चेक भी दिखाए। लोगों ने चेक के संबंध में पूछा तो उसने बताया कि योजना में पंजीकरण कराने की एवज में 140 रुपये देने होंगे। फिर तीन माह बाद उन्हें भी दस हजार की सहायता राशि मिलेगी। इस लालच में आकर करीब 30 आमजन ने पंजीकरण भी करा लिया था। आरोपी के कब्जे से सात चेक, एक रजिस्टर एवं 1950 रुपये बरामद हुए। एसआई कुंवरराम की तरफ से इस संबंध में केस दर्ज कराया गया है।
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रविवार को बिल्वकेश्वर वार्ड के पार्षद विनीत जौली को सूचना मिली कि झलकारी बस्ती में एक दिव्यांग युवक मुख्यमंत्री जीवन यापन योजना के लाभार्थियों के चेक बांट रहा है। जब मौके पर पहुंचे तो दिव्यांग युवक ने उन्हें बताया कि वह समाज कल्याण विभाग में कार्यरत है और (मुख्यमंत्री जीवन यापन) योजना के लाभार्थियों के चयन के लिए पंजीकरण कर रहा है। भाजपा पार्षद ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इस तरह की कोई योजना ही नहीं है और न ही विभाग ने किसी को चेक वितरित करने के लिए भेजा है। पार्षद ने संदेह होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस युवक को अपने साथ कोतवाली ले आई। पूछताछ में युवक ने अपना नाम चांद उर्फ अमानत निवासी मोहल्ला हज्जावन ज्वालापुर बताया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी ने बस्ती में जाकर कुछ लोगों के नाम और पते पूछने शुरू कर दिए। लोगों के पूछने पर उसने बताया कि वह (मुख्यमंत्री जीवन यापन) के पात्रों को चेक दे रहा है। उसने लोगों को दस हजार रुपये के चेक भी दिखाए। लोगों ने चेक के संबंध में पूछा तो उसने बताया कि योजना में पंजीकरण कराने की एवज में 140 रुपये देने होंगे। फिर तीन माह बाद उन्हें भी दस हजार की सहायता राशि मिलेगी। इस लालच में आकर करीब 30 आमजन ने पंजीकरण भी करा लिया था। आरोपी के कब्जे से सात चेक, एक रजिस्टर एवं 1950 रुपये बरामद हुए। एसआई कुंवरराम की तरफ से इस संबंध में केस दर्ज कराया गया है।
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