फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   BSP-Congress face to face

बसपा-कांग्रेस आमने-सामने

Thu, 18 Aug 2016 12:13 AM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Thu, 18 Aug 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
BSP-Congress face to face
बसपा-कांग्रेस आमने-सामने - फोटो : अमर उजाला

पथरी। बादशाहपुर के नेहरू इंटर कालेज में दलित छात्र को डा. अंबेडकर पर रचित गीत गाने से रोकने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। साथ ही मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है। बुधवार को जहां दलित समाज के लोगों और बसपा कार्यकर्ताओं ने बादशाहपुर के रविदास मंदिर पर पंचायत कर आरोपी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग दोहराई। वहीं कुछ कांग्रेसी नेता आरोपी शिक्षकों के पक्ष में उतर आए। उन्होंने फेरुपुर चौकी के सामने धरना देकर कार्रवाई का विरोध जताया।

विज्ञापन

बादशाहपुर में बुधवार की सुबह आसपास के गांव से भी दलित समाज के लोग पहुंचे और रविदास मंदिर पर पंचायत की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। यहां दलित समाज के लोगों को संबोधित करते हुए बसपा नेता मुकर्रम अंसारी ने कहा कि डा. अंबेडकर का अपमान करने वालों को सजा मिलनी जरूरी है। मुकदमा दर्ज न हुआ तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. नाथीराम ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तक वह चुप होकर बैठने वाले नहीं हैं। पंचायत में समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि बुधवार को मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो एसएसपी दफ्तर का घेराव किया जाएगा। पंचायत में साधुराम चौहान, ग्राम प्रधान जाफिर हसन, नदीम अहमद, संजय कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, अरुण, संजय, विपिन, सुखविंद्र, बाबूराम, अखिलेश, मोनू कुमार, मदन सिंह, शिवकुमार समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
विज्ञापन

 वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता हनीफ अंसारी के नेतृत्व में बुधवार की शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिक्षकों के समर्थन में फेरुपुर चौकी के बाहर धरना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेसियों का कहना है कि प्रधानाचार्या व शिक्षकों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का दबाव पुलिस पर बनाया जा रहा है। यदि मुकदमा दर्ज हुआ तो आंदोलन शुरू होगा। धरने की सूचना पर सीओ डीएस रावत मौके पर पहुंचे और कांग्रेसियों को समझाने का प्रयास किया। मगर कांग्रेसियों का कहना था कि पहले यह आश्वस्त किया जाए कि मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा, तभी धरना खत्म किया जाएगा। धरने पर नसीम अंसारी, मुस्तफा, नजाकत अली, नौशाद, जाफिर हसन आदि मौजूद रहे।

----------
असमंजस में पुलिस
पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने और न करने को लेकर दोनों तरफ से दबाव है। एक तरफ दलित समाज के लोगों और बसपा नेताओं ने पंचायत कर अपने इरादे जाहिर कर दिए। वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों के समर्थन में कांग्रेस नेताओं का धरना शुरू होने से मामला पक्ष विपक्ष में उलझ गया। पुलिस के सामने मुश्किल यह है कि दलित समाज की मांग पूरी करते हुए मुकदमा दर्ज करती है तो कांग्रेसी नेता मामले को राजधानी तक पहुंचाएंगे। वहीं मुकदमा दर्ज न किया गया तो दलित राजनीति गरम होने के आसार अभी से नजर आ रहे हैं। ऐसे में अंदरूनी तौर पर पुलिस चाहती है कि किसी तरह मामला आपसी रजामंदी से ही निपट जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed