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चेतना दिवस के रूप में मना डा. पंड्या का जन्मदिन
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 29 Oct 2016 10:31 PM IST
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शांतिकुंज के प्रमुख और देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या का 67 वां जन्मदिन चेतना दिवस के रूप में मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीपयज्ञ के साथ हुआ। इस अवसर पर डा. पंड्या के पिता पूर्व न्यायाधीश सत्यनारायण पंड्या ने उन्हें मंगल तिलक कर शुभाशीष दिया। इसके बाद संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी और शांतिकुंज के निवासियों ने बच्चों ने गुलदस्ता भेंटकर स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि दिवाली पर शहीदों के नाम भी एक दीया जलाएं। इससे पहले शांतिकुंज के निवासियों तथा साधको ने 27 कुंडीय यज्ञशाला में डा. पड्या की दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की मंगल कामना करते हुए यज्ञाहुति दीं।
एमडी (मेडीसिन) में स्वर्ण पदक प्राप्त हृदयरोग विशेषज्ञ डा.पंड्या ने देश-विदेश में युवाओं का मार्गदर्शन, भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार, देसंविवि के संचालन, साहित्य लेखन-संपादन,विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय पर शोध जैसे विशिष्ट कार्यों में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में समाज व राष्ट्रोत्थान के कार्यों में जुटने वाले युवाओं की फौज तैयार करनी है। उन्होंने देवदारू व गरुड़ के पौधे रोपकर उसका पूजन किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। ईएमडी विभाग ने डा. पंड्या के जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई और संगीत विभाग की टीम ने बधाई संगीत प्रस्तुत किया। कुलाधिपति ने जीवन में सफलता प्राप्त करने एवं सभ्य, सुसंस्कृत व विकसित समाज के लिए विद्यार्थियों से एक-एक बुराई को छोड़ने एवं एक-एक अच्छाई ग्रहण करने की सलाह दी। इस दौरान कुलपति शरद पारधी, प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या, कुलसचिव संदीप कुमार, विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीपयज्ञ के साथ हुआ। इस अवसर पर डा. पंड्या के पिता पूर्व न्यायाधीश सत्यनारायण पंड्या ने उन्हें मंगल तिलक कर शुभाशीष दिया। इसके बाद संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी और शांतिकुंज के निवासियों ने बच्चों ने गुलदस्ता भेंटकर स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि दिवाली पर शहीदों के नाम भी एक दीया जलाएं। इससे पहले शांतिकुंज के निवासियों तथा साधको ने 27 कुंडीय यज्ञशाला में डा. पड्या की दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की मंगल कामना करते हुए यज्ञाहुति दीं।
एमडी (मेडीसिन) में स्वर्ण पदक प्राप्त हृदयरोग विशेषज्ञ डा.पंड्या ने देश-विदेश में युवाओं का मार्गदर्शन, भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार, देसंविवि के संचालन, साहित्य लेखन-संपादन,विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय पर शोध जैसे विशिष्ट कार्यों में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में समाज व राष्ट्रोत्थान के कार्यों में जुटने वाले युवाओं की फौज तैयार करनी है। उन्होंने देवदारू व गरुड़ के पौधे रोपकर उसका पूजन किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। ईएमडी विभाग ने डा. पंड्या के जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई और संगीत विभाग की टीम ने बधाई संगीत प्रस्तुत किया। कुलाधिपति ने जीवन में सफलता प्राप्त करने एवं सभ्य, सुसंस्कृत व विकसित समाज के लिए विद्यार्थियों से एक-एक बुराई को छोड़ने एवं एक-एक अच्छाई ग्रहण करने की सलाह दी। इस दौरान कुलपति शरद पारधी, प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या, कुलसचिव संदीप कुमार, विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
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