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हड़ताल कर केंद्र सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन पर पहुंचे बैंककर्मी
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पीएनबी बैंक के बाहर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी ।
- फोटो : HARIDWAR
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हरिद्वार। 11वां वेतन समझौता 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ लागू करने और पांच दिन ड्यूटी समेत अन्य मांगों के समर्थन में बैंक के अधिकारी-कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के पहले दिन सभी सरकारी बैंकों में ताले लटके रहे और अंदेशा जताया जा रहा है कि पहले दिन करीब पांच सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। हालांकि लीड बैंक मैनेजर अनिल झा ने दावा कि हड़ताल से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि अब लेन देन के काम इंटरनेट के माध्यम से कई तरीके से होते हैं। यूनाइटेड फोर ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले सभी बैंकों के कर्मचारियों ने अपने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना जाता है तो फिर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
यूनाइटेड फोर ऑफ बैंक यूनियंस ने देशभर में दो दिन की हड़ताल की घोषणा की थी। बृहस्पतिवार को पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत कोई भी सरकारी बैंक नहीं खुला। सभी सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी रानीपुर मोड़ स्थित पीएनबी की ब्रांच पर एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला संयोजक राजकुमार सक्सेना ने कहा कि बैंक अधिकारी और कर्मचारी 2017 से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार उनकी मांग मानने को तैयार नहीं। उन्होंने कहा कि अब केंद्रीय संस्थानों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का वेतन बैंक अधिकारी के वेतन से ज्यादा है। बैंक कर्मी सरकार की समस्त योजनाओं को क्रियान्वित कर रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें हाशिये पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती है तो इसी साल 11, 12 और 13 मार्च को हड़ताल करेंगे। इसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई तो फिर एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। इस मौके पर अंकुश झाम्ब, शोभित, संजय हांडा, राहुल, आशुतोष, सीएसएस रावत, सतीश भट्ट, बालकिशन, रंजीत सिंह, सौरभ, प्रतीक, ज्योति, सुप्रिया, भावना, सुदेश, मनीषा, राजीव शर्मा, अतुल, बिजेंद्र सिंह, हिमांशु, ऋषभ, वीरपाल, केशव, राजकुमार, नरेंद्र नेगी, रवि कुमार, प्रशात मल्होत्रा, गजेंद्र बिष्ट, गौरव, मनीषा, प्रकांशा, साधना आदि शामिल हुए।
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ये है बैंक अधिकारियों की मांगें
पर्याप्त लोडिंग के साथ वेतन पर्ची घटकों पर 20 प्रतिशत वृद्धि पर पुनरीक्षण समझौता, 5 दिन की बैंकिंग, मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी लागू करने, पारिवारिक पेंशन में सुधार, परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोच को आवंटन, बिना सीमा के सेवानिवृत्ति लाभों पर आयकर से छूट, शाखाओं में कारोबार के समय, भोजनावकाश आदि का एक समान निर्धारण, अवकाश बैंक की शुरूआत, अधिकारियों के लिए निश्चित काम के घंटे, ठेका कर्मचारियों के लिए समाज काम के लिए समान वेतन की मांग शामिल हैं।
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वेतन मिलने में होगी देरी
हरिद्वार। एसबीआई, पीएनबी, इलाहाबाद, यूनियन, सिंडिकेट, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि बैंकों में महीने के अंतिम दिनों में दो दिन की हड़ताल के बाद रविवार को भी अवकाश होने से कर्मचारियों को वेतन देर से मिलेगा। इन्हीं तीन दिनों में सरकारी, गैर सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों खाते में वेतन चढ़ाने का काम किया जाता है।
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यूनाइटेड फोर ऑफ बैंक यूनियंस ने देशभर में दो दिन की हड़ताल की घोषणा की थी। बृहस्पतिवार को पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत कोई भी सरकारी बैंक नहीं खुला। सभी सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी रानीपुर मोड़ स्थित पीएनबी की ब्रांच पर एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला संयोजक राजकुमार सक्सेना ने कहा कि बैंक अधिकारी और कर्मचारी 2017 से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार उनकी मांग मानने को तैयार नहीं। उन्होंने कहा कि अब केंद्रीय संस्थानों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का वेतन बैंक अधिकारी के वेतन से ज्यादा है। बैंक कर्मी सरकार की समस्त योजनाओं को क्रियान्वित कर रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें हाशिये पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती है तो इसी साल 11, 12 और 13 मार्च को हड़ताल करेंगे। इसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई तो फिर एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। इस मौके पर अंकुश झाम्ब, शोभित, संजय हांडा, राहुल, आशुतोष, सीएसएस रावत, सतीश भट्ट, बालकिशन, रंजीत सिंह, सौरभ, प्रतीक, ज्योति, सुप्रिया, भावना, सुदेश, मनीषा, राजीव शर्मा, अतुल, बिजेंद्र सिंह, हिमांशु, ऋषभ, वीरपाल, केशव, राजकुमार, नरेंद्र नेगी, रवि कुमार, प्रशात मल्होत्रा, गजेंद्र बिष्ट, गौरव, मनीषा, प्रकांशा, साधना आदि शामिल हुए।
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ये है बैंक अधिकारियों की मांगें
पर्याप्त लोडिंग के साथ वेतन पर्ची घटकों पर 20 प्रतिशत वृद्धि पर पुनरीक्षण समझौता, 5 दिन की बैंकिंग, मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी लागू करने, पारिवारिक पेंशन में सुधार, परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोच को आवंटन, बिना सीमा के सेवानिवृत्ति लाभों पर आयकर से छूट, शाखाओं में कारोबार के समय, भोजनावकाश आदि का एक समान निर्धारण, अवकाश बैंक की शुरूआत, अधिकारियों के लिए निश्चित काम के घंटे, ठेका कर्मचारियों के लिए समाज काम के लिए समान वेतन की मांग शामिल हैं।
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वेतन मिलने में होगी देरी
हरिद्वार। एसबीआई, पीएनबी, इलाहाबाद, यूनियन, सिंडिकेट, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि बैंकों में महीने के अंतिम दिनों में दो दिन की हड़ताल के बाद रविवार को भी अवकाश होने से कर्मचारियों को वेतन देर से मिलेगा। इन्हीं तीन दिनों में सरकारी, गैर सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों खाते में वेतन चढ़ाने का काम किया जाता है।