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Haridwar News: मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में अनुमति न मिलने से अटका आयुष्मान से उपचार
Fri, 26 Jun 2026 05:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Fri, 26 Jun 2026 05:29 PM IST
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- दो माह से शासन में धूल फांक रही आयुष्मान की अनुमति की फाइल
- हॉस्पिटल प्रबंधन ने आयुष्मान से उपचार कर रखी है पूरी तैयारी
बसंत कुमार
हरिद्वार। 38 करोड़ रुपये की लागत से बने मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज अब तक शुरू नहीं हो सका है। हॉस्पिटल प्रबंधन ने दो महीने पहले शासन को अनुमति के लिए फाइल भेजी थी, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। हॉस्पिटल में आयुष्मान काउंटर और कर्मचारियों की तैनाती सहित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। केवल पीपीपी मोड पर संचालित हॉस्पिटल का नाम आयुष्मान पोर्टल में जोड़ा जाना बाकी है। पोर्टल पर नाम जुड़ते ही मरीजों को योजना का लाभ मिलने लगेगा। आयुष्मान योजना के तहत मेडिसिन, सर्जरी, रसोली, ट्यूब ब्लॉकेज जैसी बीमारियों का इलाज किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा भी मिलेगी। योजना शुरू होने से गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य मरीजों को भी निशुल्क उपचार का लाभ मिलेगा, लेकिन शासन की देरी के कारण यह सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है।
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आयुष्मान योजना से हॉस्पिटल में उपचार करने के लिए स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है, जैसे ही अनुमति मिल जाएगी, वैसे ही मरीजों का आयुष्मान से उपचार शुरू कर दिया जाएगा।
मनोज मिश्रा, निदेशक, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल हरिद्वार
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- हॉस्पिटल प्रबंधन ने आयुष्मान से उपचार कर रखी है पूरी तैयारी
बसंत कुमार
हरिद्वार। 38 करोड़ रुपये की लागत से बने मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज अब तक शुरू नहीं हो सका है। हॉस्पिटल प्रबंधन ने दो महीने पहले शासन को अनुमति के लिए फाइल भेजी थी, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। हॉस्पिटल में आयुष्मान काउंटर और कर्मचारियों की तैनाती सहित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। केवल पीपीपी मोड पर संचालित हॉस्पिटल का नाम आयुष्मान पोर्टल में जोड़ा जाना बाकी है। पोर्टल पर नाम जुड़ते ही मरीजों को योजना का लाभ मिलने लगेगा। आयुष्मान योजना के तहत मेडिसिन, सर्जरी, रसोली, ट्यूब ब्लॉकेज जैसी बीमारियों का इलाज किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा भी मिलेगी। योजना शुरू होने से गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य मरीजों को भी निशुल्क उपचार का लाभ मिलेगा, लेकिन शासन की देरी के कारण यह सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है।
आयुष्मान योजना से हॉस्पिटल में उपचार करने के लिए स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है, जैसे ही अनुमति मिल जाएगी, वैसे ही मरीजों का आयुष्मान से उपचार शुरू कर दिया जाएगा।
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मनोज मिश्रा, निदेशक, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल हरिद्वार