फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Annadata: This Lord has pity on us, just don't rain now

बारिश-तूफान से गिरी धान की फसल

Sat, 25 Sep 2021 12:54 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
Annadata: This Lord has pity on us, just don't rain now
खेतीबाड़ी को यूं ही जुआ नहीं कहा जाता है। बारिश न हो तो नुकसान और ज्यादा भी हो गई तो नुकसान। ऐसा ही कुछ हो रहा है इस साल। सितंबर खत्म होने को है और मानसून की मेहरबानी किसानों के लिए मुसीबत बन गई। बृहस्पतिवार रात को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से किसानों की धान की तैयार फसल जमीन पर बिछ गई। फसल गिरने से धान का दाना काला पड़ने से नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन

पथरी क्षेत्र के ग्रामीण कई हेक्टेयर में धान की फसल उगाते हैं। बासमती, सरबती धान, पूसा बासमती 1509, सरबती पूसा बासमती-1, पूसा बासमती 1121 की फसल लगभग तैयार है। अब जबकि किसान फसल काटने की तैयारी कर रहे थे तो बारिश ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बृहस्पतिवार देर रात को क्षेत्र में हवाओं के साथ हुई बारिश के बाद शाहपुर, बादशाहपुर, शेरपुर, नई कुंडी, भट्टीपुर, नसीरपुर कलां, धारीवाला, टिकौला, हरसीवाला, रानीमाजरा, भुवापुर चमरावल, शिवगढ, फुलगढ, गोविन्दगढ, दुर्गागढ, आदर्श टिहरी नगर, टिहरी डोब नगर, अम्बूवाला, झाबरी, धनपुरा घिस्सूपुरा, पदार्था, बिशनपुर, पुरानी कुंडी, चांदपुर, कटारपुर, फेरुपुर में धान की फसल गिर गई। किसान सरदार करण सिंह, रामेश्वर, भजन सिंह, लक्ष्मण सिंह, जोगेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, देशराम सैनी, नीशू सैनी, मोहित सैनी का कहना है कि कुछ ही दिनों बाद धान की फसल की कटाई शुरू होनी है। धान की फसल गिरने से उत्पादन पर असर पड़ेगा और जो दाना होगा वह काला हो सकता है। ऐसे में बाजार में उसके उचित दाम नहीं मिलेंगे।
विज्ञापन

-----------
धान की फसल गिरने से दाना बड़ा नहीं हो पाएगा और काला भी पड़ सकता है। इसके बाद भी बारिश हुई और खेतों में पानी भरा तो ज्यादा नुकसान होगा।
-डॉ. पुरुषोत्तम कुमार, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी
-----------
किसान हमेशा ताकता है आसमान
किसान कभी बारिश नहीं होने पर इस उम्मीद के साथ आसमान ताकत है कि कहीं बादल दिखें और कब बारिश होगी। आजकल किसान आसमान की तरफ इस उम्मीद के साथ टकटकी लगाए है कि आखिर कब मौसम साफ होगा और वह फसल की कटाई कर सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------------
जंगली जानवर भी पहुंचाते हैं नुकसान
पथरी क्षेत्र के कई गांवों के खेत जंगल से सटे हैं। हाथी राजाजी टाइगर के जंगलों से निकल धान और गन्ने के खेतों में घुस आते हैं और भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा नील गायें भी नुकसान पहुंचाती हैं। किसानों से जंगली जानवरों से फसलों को बचाया तो मौसम नुकसान पहुंचा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed