फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   After becoming a martyr in the name of Where stones

आखिर कहां बन रहा शहीद के नाम का पत्थर

Fri, 09 Sep 2016 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Fri, 09 Sep 2016 10:36 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
 1965 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए धर्मनगरी हरिद्वार के जांबाज सेकेंड लेफ्टिनेंट देवेंद्र शर्मा की स्मृतियों को संजोने में नगर निगम शहीद के परिजनों से किया गया वादा पूरा करने असफल रहा है। डेढ़ साल पहले मेयर मनोज गर्ग ने दावा किया था कि तुलसी चौक से शिवमूर्ति चौक वाले मार्ग पर उनके नाम के शिलापट लगाकर उनकी स्मृतियों को संजोया जाएगा । डेढ़ साल बाद भी शहीद के नाम के दो पत्थर आज तक नहीं बन सके।

 
मूलरूप से रुड़की क्षेत्र के ग्राम भलस्वागाज के रहने वाले बदरीप्रसाद शर्मा के तीन बेटों में से सबसे छोटे बेटे देवेंद्र प्रसाद शर्मा बचपन से ही देशभक्ति के जज्बे सेना की सेवन ग्रेनियडर्स शाखा में सेकेंड लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती हुए। महज 24 साल के ही थे कि वर्ष 1965 में भारत-पाक के बीच युद्ध हो गया। वे उस समय अंबाला में तैनात थे। 10 सितंबर को पंजाब के उत्तरी असल क्षेत्र में पाकिस्तान सेना के टैंकों से की जा रही लगातार बमबारी का जबाब देते हुए वे शहीद हो गए। जब उनकी अस्थियां हरिद्वार लाई गई थी तो अपने इस जाबांज को श्रद्धांजलि देने के लिए उस समय पूरा हरिद्वार उमड़ पड़ा था।
विज्ञापन


तब नगर पालिका ने देवेंद्र प्रसाद शर्मा के नाम पर तुलसी चौक से लेकर शिवमूर्ति चौक तक की सड़क का नाम रखा था। सड़क के दोनों तरफ लगाए गए देवेंद्र प्रसाद शर्मा के नाम के स्मृति शिलापट कई साल पहले टूट गए थे। देवेंद्र शर्मा के परिजनों और परिचितों ने कई बार शासन-प्रशासन से उनकी स्मृतियों को स्थायी करने की आग्रह किया। मेयर मनोज गर्ग ने करीब डेढ़ साल पहले दावा किया था कि शीघ्र ही सड़क के दोनों और शिलापट लगाए जाएंगे। इसके लिए अधिकारियों को शिलापट तैयार कराने का आदेश दे दिया है लेकिन आज तक शिलापट आज तक नहीं लगाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


वादा पूरा करना तो दूर नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को तो यह वादा याद भी नहीं है। मेयर मनोज गर्ग ने वादा याद दिलाए जाने पर कहा कि उन्होंने इस बारे में नगर निगम के जेई मोहम्मद रऊफ को निर्देश दिए गए थे। अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई इस बारे में पता करेंगे। जबकि मोहम्मद रऊफ को तो शहीद का नाम भी नहीं पता। उन्होंने तीन बार पूछा कि आप किन शहीद के बारे में बात कर रहे हैं। कहा कि मैं स्टोर कीपर से पूछकर ही कोई जानकारी दे सकता हूं।  शिवलोक कालोनी में रहने वाले स्वर्गीय देवेंद्र प्रसाद शर्मा के भतीजे मनोज शर्मा ने बताया कि वे वादा पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed