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आचार्य बालकृष्ण पतंजलि के शिल्पी : रामदेव
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पतंजलि योगपीठ में जड़ी-बूटी दिवस पर आचार्य बालकृष्ण के टीका लगाते योगगुरु बाबा रामदेव।
- फोटो : HARIDWAR
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पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का जन्मोत्सव बुधवार को जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि के राष्ट्रव्यापी आंदोलन और आयामों के पीछे आचार्य बालकृष्ण की अग्रणी भूमिका है। आचार्य बालकृष्ण पतंजलि योगपीठ के शिल्पी हैं।
पतंजलि स्थित योग भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि प्रकृति, संस्कृति व विज्ञान की त्रिवेणी का उद्घोषक रहा है। प्रत्येक वर्ष आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर पतंजलि के माध्यम से औषधीय पौधों का नि:शुल्क वितरण किया जाता है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि किसी भी दिवस की सार्थकता देश, समाज और मानवता के लिए अच्छा करने से होती है। जन्मदिवस मात्र माध्यम है। प्रयोजन औषधीय वनस्पतियों का वितरण और रोपण है।
उन्होंने कहा कि बरसात में जड़ी-बूटियों का रोपण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक माह से पतंजलि कार्यकर्ताओं की ओर से जड़ी-बूटी रोपण एवं वितरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरूआत योग-ध्यान से हुई। आचार्य बालकृष्ण की प्रसिद्ध पुस्तक आयुर्वेद सिद्धांत रहस्य कोरियन और फ्रैंच भाषा में लोकार्पित की गई। पुस्तक विश्व की 80 भाषाओं में उपलब्ध है। स्वामी रामदेव की शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य आधारित पुस्तक शाश्वत प्रज्ञा का भी विमोचन हुआ।
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औषधीय पौधों से खत्म होगा मेडिकल टेरेरिज्म
हरिद्वार। स्वामी रामदेव ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिन पर गिलोय, आंवला, अश्वगंधा, नीम और तुलसी के औषधीय पौधों का नि:शुल्क वितरण देशभर में पतंजलि योग समितियों के माध्यम से किया गया। उन्होंने कहा कि इस समय मानवता पर कम्युनिकेबल और नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (बैक्टिरियल, लाइफ स्टाइल, फंगल, जेनेटिक व इन्क्योरेबल डिजीज) के रूप में बड़ा संकट आया है। रोग रूपी शत्रु घात लगाकर बैठे हैं। ऐसे समय में गिलोय, नीम, अश्वगंधा, तुलसी जब घर-घर में होंगी तो मेडिकल टेरेरिज्म समाप्त होगा।
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407 लोगों ने किया रक्तदान
हरिद्वार। आचार्य बालकृष्ण के जन्मोत्सव कार्यक्रम में मदर टेरेसा ब्लड बैंक रुड़की के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने स्वयं रक्तदान किया। शिविर में 407 यूनिट रक्तदान हुआ। शिविर संचालन में पतंजलि अनुसंधान संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय की सक्रिय भूमिका रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुंबई के धर्मानुज ग्रुप की ओर से ‘चाणाक्य’ नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम में प्रो. महावीर, डॉ. एनपी सिंह, साध्वी देवप्रिया, रामभरत, ललित मोहन, अंशुल, पारूल, स्वामी परमार्थ देव, डा. जयदीप आर्य आदि मौजूद रहे।
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छात्र-छात्राओं को दिलाया पौधरोपण का संकल्प
हरिद्वार। पतंजलि विवि के उपकुलपति प्रो. महावीर अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को विवि की वाटिका में प्रत्येक विद्यार्थी को एक-एक पौधा रोपने का संकल्प दिलाया। आचार्य बालकृष्ण के जन्मोत्सव पर पतंजलि विवि में सेवा योजन वाटिका का शुभारंभ किया। उपकुलपति प्रो महावीर अग्रवाल ने कहा है कि भविष्य में पतंजलि विवि में आने वाले सभी छात्र छात्राओं से वाटिका में एक-एक पौधे का रोपण करवाया जाएगा। संचालन डॉ. वैशाली गौड़ ने किया।
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पतंजलि स्थित योग भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि प्रकृति, संस्कृति व विज्ञान की त्रिवेणी का उद्घोषक रहा है। प्रत्येक वर्ष आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर पतंजलि के माध्यम से औषधीय पौधों का नि:शुल्क वितरण किया जाता है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि किसी भी दिवस की सार्थकता देश, समाज और मानवता के लिए अच्छा करने से होती है। जन्मदिवस मात्र माध्यम है। प्रयोजन औषधीय वनस्पतियों का वितरण और रोपण है।
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उन्होंने कहा कि बरसात में जड़ी-बूटियों का रोपण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक माह से पतंजलि कार्यकर्ताओं की ओर से जड़ी-बूटी रोपण एवं वितरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरूआत योग-ध्यान से हुई। आचार्य बालकृष्ण की प्रसिद्ध पुस्तक आयुर्वेद सिद्धांत रहस्य कोरियन और फ्रैंच भाषा में लोकार्पित की गई। पुस्तक विश्व की 80 भाषाओं में उपलब्ध है। स्वामी रामदेव की शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य आधारित पुस्तक शाश्वत प्रज्ञा का भी विमोचन हुआ।
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औषधीय पौधों से खत्म होगा मेडिकल टेरेरिज्म
हरिद्वार। स्वामी रामदेव ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिन पर गिलोय, आंवला, अश्वगंधा, नीम और तुलसी के औषधीय पौधों का नि:शुल्क वितरण देशभर में पतंजलि योग समितियों के माध्यम से किया गया। उन्होंने कहा कि इस समय मानवता पर कम्युनिकेबल और नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (बैक्टिरियल, लाइफ स्टाइल, फंगल, जेनेटिक व इन्क्योरेबल डिजीज) के रूप में बड़ा संकट आया है। रोग रूपी शत्रु घात लगाकर बैठे हैं। ऐसे समय में गिलोय, नीम, अश्वगंधा, तुलसी जब घर-घर में होंगी तो मेडिकल टेरेरिज्म समाप्त होगा।
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407 लोगों ने किया रक्तदान
हरिद्वार। आचार्य बालकृष्ण के जन्मोत्सव कार्यक्रम में मदर टेरेसा ब्लड बैंक रुड़की के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने स्वयं रक्तदान किया। शिविर में 407 यूनिट रक्तदान हुआ। शिविर संचालन में पतंजलि अनुसंधान संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय की सक्रिय भूमिका रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुंबई के धर्मानुज ग्रुप की ओर से ‘चाणाक्य’ नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम में प्रो. महावीर, डॉ. एनपी सिंह, साध्वी देवप्रिया, रामभरत, ललित मोहन, अंशुल, पारूल, स्वामी परमार्थ देव, डा. जयदीप आर्य आदि मौजूद रहे।
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छात्र-छात्राओं को दिलाया पौधरोपण का संकल्प
हरिद्वार। पतंजलि विवि के उपकुलपति प्रो. महावीर अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को विवि की वाटिका में प्रत्येक विद्यार्थी को एक-एक पौधा रोपने का संकल्प दिलाया। आचार्य बालकृष्ण के जन्मोत्सव पर पतंजलि विवि में सेवा योजन वाटिका का शुभारंभ किया। उपकुलपति प्रो महावीर अग्रवाल ने कहा है कि भविष्य में पतंजलि विवि में आने वाले सभी छात्र छात्राओं से वाटिका में एक-एक पौधे का रोपण करवाया जाएगा। संचालन डॉ. वैशाली गौड़ ने किया।