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खतरा बाढ़ का, चौकियां ‘हवा’ में
Haridwar
Updated Mon, 24 Jun 2013 05:30 AM IST
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रुड़की। पिछली बारिश से उफनाई नदियों ने घाड़ और खादर क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। करोड़ों की फसलें बर्बाद हुई। किसी का मकान गिरा तो किसी की दीवार। कई सड़कों को भी बाढ़ बहा ले गई। कई जगह अब भी खेतों में पानी भरा है। मौसम विभाग ने एक-दो दिन में फिर बारिश की भविष्यवाणी की है। लेकिन प्रशासन ने न तो पिछली तबाही से सबक लिया और न ही भविष्यवाणी पर कोई सतर्कता बरती। बाढ़ राहत चौकियां अब भी हवा में नजर आ रही हैं। लोग दहशत में हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही।
कहने को तो प्रशासन ने घाड़ और खादर क्षेत्र में कई बाढ़ राहत चौकियां खोली हैं। रविवार को जब ‘अमर उजाला’ ने पड़ताल की तो इन बाढ़ चौकियों की हकीकत सामने आ गई। कहीं ताले लटके मिले तो कहीं कर्मचारी नदारद। राहत सामग्री भी बाढ़ चौकियाें पर नहीं मिली। यह सामग्री लक्सर तहसील मुख्यालय के आरके सेक्सन विभाग के कार्यालय में संदूक में धूल फांक रही है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन लोगों को बाढ़ से राहत पहुंचाने के लिए कितना सतर्क हैं। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के बाद भी अधिकारी हरकत में नहीं आ रहे हैं।
बाढ़ चौकियों का आंखों देखा हाल
घाड़ क्षेत्र
समय 12:30 बजे
तेलपुरा गांव में बाढ़ राहत चौकी बनाई गई है, लेकिन पूरे गांव में कहीं भी चौकी होने का बोर्ड या संदेश नहीं लगाया गया है। पूछताछ करने पर पता चला कि गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय को चौकी बनाया गया है, लेकिन स्कूल पर ताला लगा पाया गया।
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समय 01:01 बजे
बुग्गावाला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाई गई बाढ़ राहत चौकी तो खुली मिली, लेकिन चौकी पर एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मचारी मिला। बाढ़ से राहत पहुंचाने के लिए चौकी पर एक रस्सी तक नहीं पाई गई।
समय 03:55 बजे
छांगामजरी में बाढ़ राहत चौकी बनाए गए प्राथमिक विद्यालय पर ताला लगा पाया गया। यही नहीं, न तो प्राथमिक विद्यालय पर कोई बाढ़ राहत चौकी होने का बोर्ड मिला न कोई कर्मचारी।
खादर क्षेत्र
समय: 11:10
गोवर्धनपुर बाढ़ राहत चौकी पर ताला लटका पाया गया। दूर-दूर तक भी बाढ़ राहत चौकी के पास कोई अधिकारी-कर्मचारी काफी देर तक प्रतीक्षा करने के बाद भी नजर नहीं आया।
समय: 12:20
तहसीलदार सोहन सिंह ने बताया कि रायसी पुलिस चौकी को बाढ़ राहत चौकी बनाया गया है, लेकिन चौकी प्रभारी ने बताया कि चौकी यहां नहीं कृषक इंटर कालेज में बनाई गई है। कृषक इंटर कालेज में एनडीआरएफ का एक दल मिला। कालेज के एक कक्ष में ताला लटका मिला। दल के सदस्यों ने बताया कि हमारे अलावा यहां कोई नहीं आता है।
बोले बाढ़ पीड़ित
बाढ़ राहत चौकी पर आज तक कोई नहीं देखा है। बस ताला ही लगा रहता है।
- जोगेंद्र, गोवर्धनपुर
बाढ़ राहत चौकी का कोई फायदा नहीं है। चौकी केवल कागजों में ही नजर आती है।
- बलराम, गोवर्धनपुर
- मौसम विभाग की बारिश की भविष्यवाणी से हमारी रातों की नींद उड़ी हुई है।
- नरेंद्र, रायसी
पिछली बाढ़ से अब तक नहीं उबर पाए, अब फिर बारिश की भविष्यवाणी ने डरा दिया है।
- सोनीपाल, बंजारेवाला
ग्रामीणों को बाढ़ राहत चौकियाें से बिल्कूल भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
- मदन भूषण सैनी, बुग्गावाला
ये होने चाहिए बाढ़ राहत चौकी पर इंतजाम
विकास, राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, खाद्य आपूर्ति, पशुपालन विभाग का एक-एक कर्मचारी होना चाहिए। इसके साथ ही लोगाें को बाढ़ से बचाने के लिए रस्सी, कुदाल, तिरपाल, कुल्हाड़ी, लाइफ जैकेट, टार्च, टैंट आदि सामान होना चाहिए।
वर्जन
बाढ़ राहत चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। अगर कहीं इसमें लापरवाही बरती जा रही है तो जांच की जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा कार्रवाई की जाएगी।
- बीर सिंह बुदियाल, एएसडीएम रुड़की।
आपात स्थिति में बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात राजस्व कर्मचारियों को इधर-उधर भेजा जा रहा है, अन्य विभाग के अधिकारी चौकियों पर नहीं हैं तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। राहत सामग्री तहसील मुख्यालय में जरूर रखी है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर तुरंत बाढ़ राहत चौकियों पर भेज दी जाएंगी।
- मोहम्मद नासिर, एसडीएम लक्सर
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कहने को तो प्रशासन ने घाड़ और खादर क्षेत्र में कई बाढ़ राहत चौकियां खोली हैं। रविवार को जब ‘अमर उजाला’ ने पड़ताल की तो इन बाढ़ चौकियों की हकीकत सामने आ गई। कहीं ताले लटके मिले तो कहीं कर्मचारी नदारद। राहत सामग्री भी बाढ़ चौकियाें पर नहीं मिली। यह सामग्री लक्सर तहसील मुख्यालय के आरके सेक्सन विभाग के कार्यालय में संदूक में धूल फांक रही है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन लोगों को बाढ़ से राहत पहुंचाने के लिए कितना सतर्क हैं। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के बाद भी अधिकारी हरकत में नहीं आ रहे हैं।
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बाढ़ चौकियों का आंखों देखा हाल
घाड़ क्षेत्र
समय 12:30 बजे
तेलपुरा गांव में बाढ़ राहत चौकी बनाई गई है, लेकिन पूरे गांव में कहीं भी चौकी होने का बोर्ड या संदेश नहीं लगाया गया है। पूछताछ करने पर पता चला कि गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय को चौकी बनाया गया है, लेकिन स्कूल पर ताला लगा पाया गया।
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समय 01:01 बजे
बुग्गावाला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाई गई बाढ़ राहत चौकी तो खुली मिली, लेकिन चौकी पर एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मचारी मिला। बाढ़ से राहत पहुंचाने के लिए चौकी पर एक रस्सी तक नहीं पाई गई।
समय 03:55 बजे
छांगामजरी में बाढ़ राहत चौकी बनाए गए प्राथमिक विद्यालय पर ताला लगा पाया गया। यही नहीं, न तो प्राथमिक विद्यालय पर कोई बाढ़ राहत चौकी होने का बोर्ड मिला न कोई कर्मचारी।
खादर क्षेत्र
समय: 11:10
गोवर्धनपुर बाढ़ राहत चौकी पर ताला लटका पाया गया। दूर-दूर तक भी बाढ़ राहत चौकी के पास कोई अधिकारी-कर्मचारी काफी देर तक प्रतीक्षा करने के बाद भी नजर नहीं आया।
समय: 12:20
तहसीलदार सोहन सिंह ने बताया कि रायसी पुलिस चौकी को बाढ़ राहत चौकी बनाया गया है, लेकिन चौकी प्रभारी ने बताया कि चौकी यहां नहीं कृषक इंटर कालेज में बनाई गई है। कृषक इंटर कालेज में एनडीआरएफ का एक दल मिला। कालेज के एक कक्ष में ताला लटका मिला। दल के सदस्यों ने बताया कि हमारे अलावा यहां कोई नहीं आता है।
बोले बाढ़ पीड़ित
बाढ़ राहत चौकी पर आज तक कोई नहीं देखा है। बस ताला ही लगा रहता है।
- जोगेंद्र, गोवर्धनपुर
बाढ़ राहत चौकी का कोई फायदा नहीं है। चौकी केवल कागजों में ही नजर आती है।
- बलराम, गोवर्धनपुर
- मौसम विभाग की बारिश की भविष्यवाणी से हमारी रातों की नींद उड़ी हुई है।
- नरेंद्र, रायसी
पिछली बाढ़ से अब तक नहीं उबर पाए, अब फिर बारिश की भविष्यवाणी ने डरा दिया है।
- सोनीपाल, बंजारेवाला
ग्रामीणों को बाढ़ राहत चौकियाें से बिल्कूल भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
- मदन भूषण सैनी, बुग्गावाला
ये होने चाहिए बाढ़ राहत चौकी पर इंतजाम
विकास, राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, खाद्य आपूर्ति, पशुपालन विभाग का एक-एक कर्मचारी होना चाहिए। इसके साथ ही लोगाें को बाढ़ से बचाने के लिए रस्सी, कुदाल, तिरपाल, कुल्हाड़ी, लाइफ जैकेट, टार्च, टैंट आदि सामान होना चाहिए।
वर्जन
बाढ़ राहत चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। अगर कहीं इसमें लापरवाही बरती जा रही है तो जांच की जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा कार्रवाई की जाएगी।
- बीर सिंह बुदियाल, एएसडीएम रुड़की।
आपात स्थिति में बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात राजस्व कर्मचारियों को इधर-उधर भेजा जा रहा है, अन्य विभाग के अधिकारी चौकियों पर नहीं हैं तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। राहत सामग्री तहसील मुख्यालय में जरूर रखी है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर तुरंत बाढ़ राहत चौकियों पर भेज दी जाएंगी।
- मोहम्मद नासिर, एसडीएम लक्सर