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प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पर भेजकर भूल गया महकमा
Haridwar
Updated Mon, 25 Feb 2013 05:30 AM IST
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रुड़की। टीईटी प्रशिक्षुओं को क्रियात्मक ट्रेनिंग पर भेजकर शिक्षा विभाग उन्हें भूल गया है। तीन माह के लिए यह ट्रेनिंग होनी थी लेकिन चार माह बाद भी प्रशिक्षुओं को वापस नहीं बुलाया जा सका है।
जिले में 88 टीईटी प्रशिक्षुओं को चार माह पूर्व अति दुर्गम क्षेत्रों में तीन माह के लिए क्रियात्मक ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। लेकिन तीन माह की ट्रेनिंग पूरी होने का नाम नहीं ले रही है। इस ट्रेनिंग के बाद तीन माह की सैद्धांतिक ट्रेनिंग जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान में होनी है। सैद्धांतिक ट्रेनिंग के बाद ही टीईटी प्रशिक्षुओं को तैनाती मिल पाएगी। टीईटी प्रशिक्षु चार माह से अतिदुर्गम क्षेत्रों में ट्रेनिंग कर रहे है। इन क्षेत्रों में जाने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मानदेय न मिलने से अर्थिक संकट
टीईटी प्रशिक्ष़ओं के लिए क्रियात्मक प्रशिक्षण निर्धारित समय पर पूरा न होने से उनके लिए काफी मुश्किल भरा हो साबित हो रहा है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि उन्हें अभी तक मानदेय भी मिलना शुरू नहीं हुआ है। उन्हें मानदेय के नाम पर 7300 रुपये प्रतिमाह मिलने थे। जबकि प्रतिदिन उन्हें स्कूल तक पहुंचने के लिए काफी खर्च करना पड़ रहा है। इससे उनके सामने अर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। हरिद्वार निवासी एक प्रशिक्षु ने बताया कि ब्लॉक नारसन के एक अतिदुर्गम क्षेत्र के स्कूल में वह पढ़ाने के लिए जाता है। वहां आने जाने में प्रतिदिन कम से कम 100 रुपये अधिक खर्च हो जाते हैं। वह एक प्राइवेट नौकरी कर रहा था। ट्रेनिंग के चलते उसने वह नौकरी छोड़ दी।
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वर्जन
‘टीईटी प्रशिक्षुओं को लेकर शासन से अभी कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आने पर ही उन्हें सैद्धांतिक ट्रेनिंग पर भेजा जा सकेगा। उनके मानदेय को जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा।
पुष्पा रानी वर्मा, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, हरिद्वार
-------
टीईटी प्रशिक्षुओं की सैद्धांतिक ट्रेनिंग शुरू करने के लिए कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर ही इस संबंध में कार्य शुरू हो सकेगा। अभी उनकी क्रियात्मक ट्रेनिंग ही चल रही है।
शशीबाला चौधरी, प्राचार्या, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, रुड़की।
‘टीईटी प्रशिक्षुओं के मानदेय को लिखा जा चुका है। जल्द ही उनका मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा। अभी उनकी क्रियात्मक ट्रेनिंग चल रही है।
दिनेश चंद्र डिमरी, खंड शिक्षा अधिकारी, रुड़की।
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जिले में 88 टीईटी प्रशिक्षुओं को चार माह पूर्व अति दुर्गम क्षेत्रों में तीन माह के लिए क्रियात्मक ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। लेकिन तीन माह की ट्रेनिंग पूरी होने का नाम नहीं ले रही है। इस ट्रेनिंग के बाद तीन माह की सैद्धांतिक ट्रेनिंग जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान में होनी है। सैद्धांतिक ट्रेनिंग के बाद ही टीईटी प्रशिक्षुओं को तैनाती मिल पाएगी। टीईटी प्रशिक्षु चार माह से अतिदुर्गम क्षेत्रों में ट्रेनिंग कर रहे है। इन क्षेत्रों में जाने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मानदेय न मिलने से अर्थिक संकट
टीईटी प्रशिक्ष़ओं के लिए क्रियात्मक प्रशिक्षण निर्धारित समय पर पूरा न होने से उनके लिए काफी मुश्किल भरा हो साबित हो रहा है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि उन्हें अभी तक मानदेय भी मिलना शुरू नहीं हुआ है। उन्हें मानदेय के नाम पर 7300 रुपये प्रतिमाह मिलने थे। जबकि प्रतिदिन उन्हें स्कूल तक पहुंचने के लिए काफी खर्च करना पड़ रहा है। इससे उनके सामने अर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। हरिद्वार निवासी एक प्रशिक्षु ने बताया कि ब्लॉक नारसन के एक अतिदुर्गम क्षेत्र के स्कूल में वह पढ़ाने के लिए जाता है। वहां आने जाने में प्रतिदिन कम से कम 100 रुपये अधिक खर्च हो जाते हैं। वह एक प्राइवेट नौकरी कर रहा था। ट्रेनिंग के चलते उसने वह नौकरी छोड़ दी।
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‘टीईटी प्रशिक्षुओं को लेकर शासन से अभी कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आने पर ही उन्हें सैद्धांतिक ट्रेनिंग पर भेजा जा सकेगा। उनके मानदेय को जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा।
पुष्पा रानी वर्मा, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, हरिद्वार
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टीईटी प्रशिक्षुओं की सैद्धांतिक ट्रेनिंग शुरू करने के लिए कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर ही इस संबंध में कार्य शुरू हो सकेगा। अभी उनकी क्रियात्मक ट्रेनिंग ही चल रही है।
शशीबाला चौधरी, प्राचार्या, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, रुड़की।
‘टीईटी प्रशिक्षुओं के मानदेय को लिखा जा चुका है। जल्द ही उनका मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा। अभी उनकी क्रियात्मक ट्रेनिंग चल रही है।
दिनेश चंद्र डिमरी, खंड शिक्षा अधिकारी, रुड़की।