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हरपाल सिंह से सीखिए ईमानदारी
Haridwar
Updated Fri, 25 Jan 2013 05:31 AM IST
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हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विवि के एक कर्मचारी ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। एटीएम मशीन ने डिमांड से ज्यादा रुपये निकाल दिए तो उनका ईमान डिगा नहीं। उन्होंने बैंक में जाकर 14500 रुपये की राशि वापस लौटा दी। हर कोई कर्मचारी की ईमानदारी की प्रशंसा कर रहा है।
गोपनीय विभाग में कार्यरत हरपाल सिंह बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पहुंचे। उन्होंने वहां एटीएम मशीन से 15 हजार रुपये निकालने की प्रक्रिया पूरी की। मशीन से रुपये निकलने के बाद उन्होंने गिनती की तो वह पूरे 29 हजार 500 रुपये थे। उन्होंने दो-तीन बार नगदी की गिनती की तो वह 29 हजार 500 रुपये ही हुई। उन्होंने मशीन से निकली रसीद को देखा तो उस पर निकाली गई राशि 15 हजार रुपये ही लिखी थी।
मुफ्त के पैसे देखकर कई लोगों का ईमान डिग जाता है लेकिन हरपाल सिंह ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। उन्होंने बैंक शाखा खुलने का इंतजार किया। दस बजे के बाद वह सिंहद्वार स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में पहुंचे और पूरा वाकया शाखा प्रबंधक को बताया। शाखा प्रबंधक भी उनकी ईमानदारी से प्रभावित हुए। हरपाल सिंह ने 14500 रुपये की राशि शाखा प्रबंधक को लौटा दी और लिखित में राशि लौटाने की रसीद भी हासिल की। पैसा वापस करने के बाद हरपाल विश्वविद्यालय परिसर स्थित गोपनीय विभाग पहुंचे। जहां पर अनुभाग अधिकारी महावीर यादव और अन्य सहकर्मियों ने उनकी ईमानदारी की तारीफ की।
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सम्मानित किए जाएंगे हरपाल
- गुरुकुल कांगड़ी विवि के शिक्षा परीक्षा अनुभाग अधिकारी महावीर यादव ने बताया कि हरपाल सिंह ने पूरे समाज के लिए एक मिसाल पेश की है। इसलिए उन्हें गुरुकुल कांगड़ी विवि की कर्मचारी यूनियन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। यह प्रस्ताव शीघ्र ही यूनियन की कार्यकारिणी के समक्ष पेश कर सम्मान समारोह की तिथि नियत की जाएगी।
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गोपनीय विभाग में कार्यरत हरपाल सिंह बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पहुंचे। उन्होंने वहां एटीएम मशीन से 15 हजार रुपये निकालने की प्रक्रिया पूरी की। मशीन से रुपये निकलने के बाद उन्होंने गिनती की तो वह पूरे 29 हजार 500 रुपये थे। उन्होंने दो-तीन बार नगदी की गिनती की तो वह 29 हजार 500 रुपये ही हुई। उन्होंने मशीन से निकली रसीद को देखा तो उस पर निकाली गई राशि 15 हजार रुपये ही लिखी थी।
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मुफ्त के पैसे देखकर कई लोगों का ईमान डिग जाता है लेकिन हरपाल सिंह ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। उन्होंने बैंक शाखा खुलने का इंतजार किया। दस बजे के बाद वह सिंहद्वार स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में पहुंचे और पूरा वाकया शाखा प्रबंधक को बताया। शाखा प्रबंधक भी उनकी ईमानदारी से प्रभावित हुए। हरपाल सिंह ने 14500 रुपये की राशि शाखा प्रबंधक को लौटा दी और लिखित में राशि लौटाने की रसीद भी हासिल की। पैसा वापस करने के बाद हरपाल विश्वविद्यालय परिसर स्थित गोपनीय विभाग पहुंचे। जहां पर अनुभाग अधिकारी महावीर यादव और अन्य सहकर्मियों ने उनकी ईमानदारी की तारीफ की।
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सम्मानित किए जाएंगे हरपाल
- गुरुकुल कांगड़ी विवि के शिक्षा परीक्षा अनुभाग अधिकारी महावीर यादव ने बताया कि हरपाल सिंह ने पूरे समाज के लिए एक मिसाल पेश की है। इसलिए उन्हें गुरुकुल कांगड़ी विवि की कर्मचारी यूनियन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। यह प्रस्ताव शीघ्र ही यूनियन की कार्यकारिणी के समक्ष पेश कर सम्मान समारोह की तिथि नियत की जाएगी।