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रोशनाबाद में देसी शराब के ठेके से 95 हजार लूटे
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जिला मुख्यालय से सटे रोशनाबाद में देसी शराब के ठेके में घुसे हथियारबंद बदमाशों के कर्मचारियों को बंधक बनाकर 95 हजार लूटने का मामला सामने आया है। सिडकुल पुलिस कार्रवाई के बजाय वारदात को छिपाए रही। एसएसपी सेंथिल अबुदई तक को इस वारदात की जानकारी नहीं दी गई। उनसे घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने सिडकुल पुलिस से मामला दरियाफ्त किया। सोमवार दोपहर बाद एसओ प्रशांत बहुगुणा ने घटना की पुष्टि की। कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
घटना शनिवार देर रात करीब ग्यारह बजे की बताई जा रही है। देसी शराब के ठेके में कार्यरत सेल्समैन सुमन, संदीप और बिजेंद्र ठेके में ही रहते है। रोजाना की तरह दुकान बंद कर देने के बाद वह अंदर ही मौजूद थे। इसी दौरान एक सेल्समैन पेशाब करने के लिए ठेके से निकलकर खुले में गया। आरोप है कि इसी दौरान हथियारों से लैस दो युवकों ने सेल्समैन पर काबू पा लिया। फिर वह उसे आतंकित कर ठेके के अंदर ले गए। जहां तीनों सेल्समैन को बंधक बनाकर उन्होंने ठेके से 95 हजार की रकम लूट ली।
जाते-जाते बदमाश सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी अपने साथ ले गए। सेल्समैनों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। स्थानीय पुलिस मौके पर भी पहुंची, लेकिन कार्रवाई के बजाय वारदात पर पर्दा डाल दिया। यहां तक कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी नहीं दी गई। सोमवार को जब इस संबंध में एसएसपी सेंथिल अबुदई से पूछा तो उन्होंने इस तरह की घटना संज्ञान में होने से इंकार कर दिया। एसएसपी के संज्ञान लेने के बाद सिडकुल पुलिस में हडकंप मच गया। सोमवार को दोपहर बाद एसओ प्रशांत बहुगुणा ने घटना होने की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी मामले की जांच कर रहे है।
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सिडकुल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
हरिद्वार। लूट की वारदात को लेकर सिडकुल पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। उच्चाधिकारियों से यह सूचना क्यों छिपाई गई। वारदात को संदिग्ध मानने के बावजूद पुलिस का यह कदम गले नहीं उतरता। पुलिस की दिलचस्पी घटपा को छिपाए रखने में क्यों ज्यादा रही, यही सबसे बड़ा सवाल है।
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घटना शनिवार देर रात करीब ग्यारह बजे की बताई जा रही है। देसी शराब के ठेके में कार्यरत सेल्समैन सुमन, संदीप और बिजेंद्र ठेके में ही रहते है। रोजाना की तरह दुकान बंद कर देने के बाद वह अंदर ही मौजूद थे। इसी दौरान एक सेल्समैन पेशाब करने के लिए ठेके से निकलकर खुले में गया। आरोप है कि इसी दौरान हथियारों से लैस दो युवकों ने सेल्समैन पर काबू पा लिया। फिर वह उसे आतंकित कर ठेके के अंदर ले गए। जहां तीनों सेल्समैन को बंधक बनाकर उन्होंने ठेके से 95 हजार की रकम लूट ली।
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जाते-जाते बदमाश सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी अपने साथ ले गए। सेल्समैनों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। स्थानीय पुलिस मौके पर भी पहुंची, लेकिन कार्रवाई के बजाय वारदात पर पर्दा डाल दिया। यहां तक कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी नहीं दी गई। सोमवार को जब इस संबंध में एसएसपी सेंथिल अबुदई से पूछा तो उन्होंने इस तरह की घटना संज्ञान में होने से इंकार कर दिया। एसएसपी के संज्ञान लेने के बाद सिडकुल पुलिस में हडकंप मच गया। सोमवार को दोपहर बाद एसओ प्रशांत बहुगुणा ने घटना होने की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी मामले की जांच कर रहे है।
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सिडकुल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
हरिद्वार। लूट की वारदात को लेकर सिडकुल पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। उच्चाधिकारियों से यह सूचना क्यों छिपाई गई। वारदात को संदिग्ध मानने के बावजूद पुलिस का यह कदम गले नहीं उतरता। पुलिस की दिलचस्पी घटपा को छिपाए रखने में क्यों ज्यादा रही, यही सबसे बड़ा सवाल है।