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..श्रावण शुक्ल पक्ष रविवार से
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:41 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। रविवार से 15 दिनों का श्रावण शुक्ल पक्ष शुरू हो रहा है। इस पक्ष में अनेक बड़े पर्व पड़ेंगे। श्रावण कृष्ण पक्ष की भांति शुक्ल पक्ष में प्रतिदिन भगवान शंकर का जलाभिषेक अनेक प्रकार के पदार्थों और द्रव्यों से किया जाता है।
सोमवार को जहां तीसरा बड़ा शिव पर्व मनाया जाएगा, वहीं शिव की आराधना भी गली-गली होगी। सोमवार को ही हरियाणी तीज और सिंधारा पर्व एक साथ पड़ रहे हैं। ऐसा तृतीया तिथि के क्षय होने से हुआ है। सोमवार को दूज और तीज तिथियां एक साथ पड़ेंगी। इस पर्व में दूरवा गणपति व्रत, नागपंचमी, स्वतंत्रता दिवस, तुलसी जयंती, चामुंड़ा जयंती, पवित्रा एकादशी, रक्षा बंधन, ऋषि तर्पण, श्रावणी आदि अनेक पर्व पड़ेंगे। 17 अगस्त को भगवान भाष्कर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इसी प्रकार 23 अगस्त को शरद ऋतु का जन्म होगा। 24 अगस्त को शुक्र चित्रा नक्षत्र में चले जाएंगे। यजुर्वेदीय उपाकर्म का पर्व 26 अगस्त को रक्षा बंधन के रूप में मनाया जाएगा।
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भारतीय ज्योतिष नक्षत्र के हिसाब से शुल्क पक्ष के सभी दिन जलाभिषेक किया जाता है। ज्योतिषाचार्य डा. प्रतीक मिश्रपुुरी के अनुसार नक्षत्रों को प्रतिपालन ऋषियों की देन है। यदि कोई भी पूजा नक्षत्रों के हिसाब से की जाए तो उसका कई गुना फल प्राप्त होता है। श्रावणी अमावस्या के दिन बुध का अश्लेषा नक्षत्र है। इस दिन मिथुन राशि के लोग जलाभिषेक करें तो मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। प्रतिदिन सभी राशियों के अलग-अलग नक्षत्र पड़ रहे हैं। तिथि और नक्षत्र जानकर जलाभिषेक करने से अभिषेक का कई गुना फल प्राप्त होता है।
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