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जिले में अधिक से अधिक हो स्टे खोलें: तोमर
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर ने पं. दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास होम स्टे विकास योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्रों तक पहुंचाने के आदेश दिए हैं।
बुधवार को विकास भवन कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने योजना की प्रगति की समीक्षा की। जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन के विकास, पर्यटकों को आवास के साथ ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत कोई भी भवन स्वामी अपने भवन का होम स्टे योजना के तहत पंजीकरण करा सकता है। यह योजना नगर निगम क्षेत्र को छोड़कर संपूर्ण प्रदेश में लागू है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने और पर्यटकों को ग्रामीण क्षेत्रों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने बताया कि होम स्टे के लिए बैंक परियोजना लागत के सापेक्ष 25 प्रतिशत अथवा साढ़े सात लाख रुपये तक का अनुदान भी देता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी को निर्देश दिए कि जिला पर्यटन अधिकारी के साथ जनपद में होम स्टे योजना की संभावनाओं वाले ग्रामीण क्षेत्रों का चिह्नीहकरण कर स्थानीय निवासियों को प्रोत्साहित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों के साथ बैठक एवं चर्चा कर योजना की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में इस योजना का अच्छा स्कोप हो सकता है।
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बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग अंजनी रावत नेगी, डीडीएम नाबार्ड अमित भारद्वाज, वन विभाग के एसडीओ आरसी शर्मा आदि उपस्थित थे।
हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर ने पं. दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास होम स्टे विकास योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्रों तक पहुंचाने के आदेश दिए हैं।
बुधवार को विकास भवन कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने योजना की प्रगति की समीक्षा की। जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन के विकास, पर्यटकों को आवास के साथ ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत कोई भी भवन स्वामी अपने भवन का होम स्टे योजना के तहत पंजीकरण करा सकता है। यह योजना नगर निगम क्षेत्र को छोड़कर संपूर्ण प्रदेश में लागू है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने और पर्यटकों को ग्रामीण क्षेत्रों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने बताया कि होम स्टे के लिए बैंक परियोजना लागत के सापेक्ष 25 प्रतिशत अथवा साढ़े सात लाख रुपये तक का अनुदान भी देता है।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी को निर्देश दिए कि जिला पर्यटन अधिकारी के साथ जनपद में होम स्टे योजना की संभावनाओं वाले ग्रामीण क्षेत्रों का चिह्नीहकरण कर स्थानीय निवासियों को प्रोत्साहित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों के साथ बैठक एवं चर्चा कर योजना की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में इस योजना का अच्छा स्कोप हो सकता है।
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बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग अंजनी रावत नेगी, डीडीएम नाबार्ड अमित भारद्वाज, वन विभाग के एसडीओ आरसी शर्मा आदि उपस्थित थे।