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हर की पैड़ी क्षेत्र को चमन दिखाने को झौंकी पूरी ताकत
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:00 AM IST
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हरिद्वार। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में हरकी पैड़ी क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराने और गंगा घाटों पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी। आज शनिवार को को हाईकोर्ट की ओर से नामित कमिश्नरों को हरकी पैड़ी क्षेत्र के गंगा घाटों का निरीक्षण करना है।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने पहले सीसीआर में विभागीय के अधिकारियों के साथ बैठक की और फिर अपने अंदाज में सबको लेकर अतिक्रमण हटवाने निकल पड़े। अलकनंदा घाट से लेकर रोडीबेलवाला, सीसीआर, हाथीपुल, गऊघाट, सुभाषघाट, नाईघाट, घंटाघर और मालवीय घाट का निरीक्षण किया। प्रशासन के साथ विवाद से बचने के लिए व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पहले ही हरकी पैड़ी बड़ा बाजार, गंगा घाटों की तरफ का बाजार बंद करा दिया था। गऊघाट पुल के नीचे भी दो पुलिस कर्मियों को बैठा दिया है ताकि कोर्ट कमिश्नरों के निरीक्षण तक कोई उधर फटक न पाए। इसी प्रकार गंगा में बहती सीवर पर कोर्ट कमिश्नर की नजर न पड़े इसलिए आनन-फानन में नाईसोता नाला के मुुंह पर रेत के कट्टों की दीवार बना दी है। अधिकारियों की रणनीति यह भी है कि कोई भी व्यक्ति वहां कोर्ट कमिश्नर न मिल पाए। अफसरों को डर है कि यदि किसी को कोर्ट कमिश्नरों से मिलने दिया गया तो वह उनके करे कराए पर पानी फेर देगा। अवैध अतिक्रमणकारियों ने नगर निगम के रैन बसेरों को अपना गोदाम किसकी मिलीभगत से बना रखा है। इस पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। नाईसोता नाला की दुकानों को लेकर भी प्रशासन को गुमराह किया गया है, जिसमें नगर निगम के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसी प्रकार कांगड़ा मंदिर के नीचे गंगा घाट की ओर और ऊपर मेन रोड की तरफ जो दुकानें हैं सब अवैध हैं। इसलिए दो दिन से दुकानदारों ने बंद कर छोड़ रखा है। कांगड़ा मंदिर, कपूरथला हाउस और बृज लॉज का तो हरकी पैड़ी के विस्तार के लिए अधिग्रहण किया जा चुका था। सिंचाई विभाग ने सबका मुआवजा भी बना दिया था, लेकिन एक व्यक्ति के हाईकोर्ट से स्टे लाने से योजना धरी रह गई। किसी ने हाईकोर्ट में पैरवी नहीं की और कुंभ समाप्त होने के बाद सब ठंडे बस्ते में चला गया।
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अतिक्रमणकारियों ने पेड़ों पर रख दिया था सामान
हरिद्वार। गऊघाट से बिरलाघाट तक एक किलोमीटर लंबे घाट और प्लेटफार्म पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, अलकनंदा घाट, ग्रीन विस्टा में बाहरी लोगों का कब्जा है। प्रशासन द्वारा जमीन पर चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान से अपना सामान जब्त होने से बचाने के लिए अतिक्रमणकारियों ने रोडी बेलवाला में पेड़ों पर चढ़ा दिया था। नजर पर पड़ने सिंचाई विभाग के कर्मियों ने पेड़ों से सामान उतारा और जब्त कर दिया। इस अभियान में सहायक अभियंता एससी पंत, अवर अभियंता धर्मेंद्र, जिलेदार प्रीतिपाल सिंह मेहरा आदि शामिल थे।
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जिलाधिकारी दीपक रावत ने पहले सीसीआर में विभागीय के अधिकारियों के साथ बैठक की और फिर अपने अंदाज में सबको लेकर अतिक्रमण हटवाने निकल पड़े। अलकनंदा घाट से लेकर रोडीबेलवाला, सीसीआर, हाथीपुल, गऊघाट, सुभाषघाट, नाईघाट, घंटाघर और मालवीय घाट का निरीक्षण किया। प्रशासन के साथ विवाद से बचने के लिए व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पहले ही हरकी पैड़ी बड़ा बाजार, गंगा घाटों की तरफ का बाजार बंद करा दिया था। गऊघाट पुल के नीचे भी दो पुलिस कर्मियों को बैठा दिया है ताकि कोर्ट कमिश्नरों के निरीक्षण तक कोई उधर फटक न पाए। इसी प्रकार गंगा में बहती सीवर पर कोर्ट कमिश्नर की नजर न पड़े इसलिए आनन-फानन में नाईसोता नाला के मुुंह पर रेत के कट्टों की दीवार बना दी है। अधिकारियों की रणनीति यह भी है कि कोई भी व्यक्ति वहां कोर्ट कमिश्नर न मिल पाए। अफसरों को डर है कि यदि किसी को कोर्ट कमिश्नरों से मिलने दिया गया तो वह उनके करे कराए पर पानी फेर देगा। अवैध अतिक्रमणकारियों ने नगर निगम के रैन बसेरों को अपना गोदाम किसकी मिलीभगत से बना रखा है। इस पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। नाईसोता नाला की दुकानों को लेकर भी प्रशासन को गुमराह किया गया है, जिसमें नगर निगम के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसी प्रकार कांगड़ा मंदिर के नीचे गंगा घाट की ओर और ऊपर मेन रोड की तरफ जो दुकानें हैं सब अवैध हैं। इसलिए दो दिन से दुकानदारों ने बंद कर छोड़ रखा है। कांगड़ा मंदिर, कपूरथला हाउस और बृज लॉज का तो हरकी पैड़ी के विस्तार के लिए अधिग्रहण किया जा चुका था। सिंचाई विभाग ने सबका मुआवजा भी बना दिया था, लेकिन एक व्यक्ति के हाईकोर्ट से स्टे लाने से योजना धरी रह गई। किसी ने हाईकोर्ट में पैरवी नहीं की और कुंभ समाप्त होने के बाद सब ठंडे बस्ते में चला गया।
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अतिक्रमणकारियों ने पेड़ों पर रख दिया था सामान
हरिद्वार। गऊघाट से बिरलाघाट तक एक किलोमीटर लंबे घाट और प्लेटफार्म पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, अलकनंदा घाट, ग्रीन विस्टा में बाहरी लोगों का कब्जा है। प्रशासन द्वारा जमीन पर चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान से अपना सामान जब्त होने से बचाने के लिए अतिक्रमणकारियों ने रोडी बेलवाला में पेड़ों पर चढ़ा दिया था। नजर पर पड़ने सिंचाई विभाग के कर्मियों ने पेड़ों से सामान उतारा और जब्त कर दिया। इस अभियान में सहायक अभियंता एससी पंत, अवर अभियंता धर्मेंद्र, जिलेदार प्रीतिपाल सिंह मेहरा आदि शामिल थे।
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