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नगर निगम सफाईकर्मियों ने शुरू की हड़ताल, सफाई ठप
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सेवानिवृत्त एवं सेवारत कर्मचारियों के बकाया, मृतक आश्रितों को नौकरी देने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलित कर्मचारियों ने नगर आयुक्त पर ज्ञापन नहीं लेने और कर्मचारी विरोधी रवैया अख्तियार करने का आरोप लगाया है। कहा कि नगर आयुक्त की ओर से खेद व्यक्त करने के बाद ही वह काम पर लौटेंगे। दूसरी ओर नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने कर्मचारियों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
मृतक आश्रितों को नौकरी देने एवं कर्मचारियों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर नगर निगम कर्मचारी आंदोलित हैं। शनिवार सुबह कर्मचारी नगर निगम से सटे विकास प्राधिकरण कार्यालय में धरने पर बैठे। इस बीच नगर निगम प्रशासन और कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों की बता तब बिगड़ गई जब कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए नगर आयुक्त को ज्ञापन देने प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नगर आयुक्त नितिन भदौरिया को ज्ञापन देने के लिए बुलाया। जब वह कर्मचारियों के बीच आए तो वहां कर्मचारी नेता राजेंद्र संबोधित कर रहे थे। नगर आयुक्त उनसे माइक लेकर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताना चाहते थे, लेकिन माइक लेने पर कर्मचारी भड़क गए और नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी के साथ हंगामा करने लगे। हंगामे से क्षुब्ध नगर आयुक्त ज्ञापन लिए बिना अपने कक्ष में चले गए। नगर आयुक्त ने कहा कि जिसको ज्ञापन देना वह कार्यालय में आकर दें। इससे बात और बिगड़ गई। सफाई कर्मचारी नेता भड़क गए और वहीं पर धरने पर बैठ गए। घंटे भर तक धरना- प्रदर्शन, भाषणबाजी और नारेबाजी का दौर चलता रहा। नगर आयुक्त के पुलिस को बुलाने से कर्मचारी और भड़क गए। उन्होंने नगर निगम से वाल्मिकी चौक ललतारौ पुल तक जुलूस निकाला। संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि अब हड़ताल नगर आयुक्त के खेद व्यक्त करने के बाद ही समाप्त होगी।
मोर्चा के नेताओं ने सफाई व्यवस्था चौपट करने और केआरएल के सफाई कर्मचारियों को भी घर- घर से कूड़ा नहीं उठाने देने की घोषणा की है। प्रदर्शनकारियों में सुरेंद्र तेश्वर, आत्माराम बेनीवाल, राजेंद्र श्रमिक, सुनील राजौर, संजय, सलेखचंद, लक्ष्मीचंद, नीरज, अनुराग, नानकचंद, बलराम, प्रवीण व अशोक आदि कर्मचारी नेता शामिल थे।
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बायोमीट्रिक हाजिरी भी समस्या
बायोमीट्रिक हाजिरी व्यवस्था सफाई हवलदारों के लिए जी का जंजाल बन गई है। कर्मचारी चाहते हैं कि सफाई कर्मचारियों की हाजिरी की व्यवस्था पुराने ढर्रे पर रहे। कुछ का कहना है कि बायोमीट्रिक मशीन में उंगली का निशान नहीं आ रहा है। दूसरी ओर नगर आयुक्त नितिन भदौरिया का आदेश है कि बायोमीट्रिक हाजिरी की जांच के बाद ही वेतन भुगतान किया जाएगा।
कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने व उनसे ज्ञापन लेने गया था। जब कर्मचारी हंगामा करने लगे और अभद्रता पर उतारु हो गए तो लौट आया। कर्मचारियों की समस्याएं हल करने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई जारी है। बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था प्रदेश के सभी नगर निकायों में लागू है। इसमें कुछ भी नही किया जा सकता है।
- नितिन भदौरिया, नगर आयुक्त
हरिद्वार।
सेवानिवृत्त एवं सेवारत कर्मचारियों के बकाया, मृतक आश्रितों को नौकरी देने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलित कर्मचारियों ने नगर आयुक्त पर ज्ञापन नहीं लेने और कर्मचारी विरोधी रवैया अख्तियार करने का आरोप लगाया है। कहा कि नगर आयुक्त की ओर से खेद व्यक्त करने के बाद ही वह काम पर लौटेंगे। दूसरी ओर नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने कर्मचारियों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
मृतक आश्रितों को नौकरी देने एवं कर्मचारियों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर नगर निगम कर्मचारी आंदोलित हैं। शनिवार सुबह कर्मचारी नगर निगम से सटे विकास प्राधिकरण कार्यालय में धरने पर बैठे। इस बीच नगर निगम प्रशासन और कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों की बता तब बिगड़ गई जब कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए नगर आयुक्त को ज्ञापन देने प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नगर आयुक्त नितिन भदौरिया को ज्ञापन देने के लिए बुलाया। जब वह कर्मचारियों के बीच आए तो वहां कर्मचारी नेता राजेंद्र संबोधित कर रहे थे। नगर आयुक्त उनसे माइक लेकर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताना चाहते थे, लेकिन माइक लेने पर कर्मचारी भड़क गए और नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी के साथ हंगामा करने लगे। हंगामे से क्षुब्ध नगर आयुक्त ज्ञापन लिए बिना अपने कक्ष में चले गए। नगर आयुक्त ने कहा कि जिसको ज्ञापन देना वह कार्यालय में आकर दें। इससे बात और बिगड़ गई। सफाई कर्मचारी नेता भड़क गए और वहीं पर धरने पर बैठ गए। घंटे भर तक धरना- प्रदर्शन, भाषणबाजी और नारेबाजी का दौर चलता रहा। नगर आयुक्त के पुलिस को बुलाने से कर्मचारी और भड़क गए। उन्होंने नगर निगम से वाल्मिकी चौक ललतारौ पुल तक जुलूस निकाला। संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि अब हड़ताल नगर आयुक्त के खेद व्यक्त करने के बाद ही समाप्त होगी।
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मोर्चा के नेताओं ने सफाई व्यवस्था चौपट करने और केआरएल के सफाई कर्मचारियों को भी घर- घर से कूड़ा नहीं उठाने देने की घोषणा की है। प्रदर्शनकारियों में सुरेंद्र तेश्वर, आत्माराम बेनीवाल, राजेंद्र श्रमिक, सुनील राजौर, संजय, सलेखचंद, लक्ष्मीचंद, नीरज, अनुराग, नानकचंद, बलराम, प्रवीण व अशोक आदि कर्मचारी नेता शामिल थे।
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बायोमीट्रिक हाजिरी भी समस्या
बायोमीट्रिक हाजिरी व्यवस्था सफाई हवलदारों के लिए जी का जंजाल बन गई है। कर्मचारी चाहते हैं कि सफाई कर्मचारियों की हाजिरी की व्यवस्था पुराने ढर्रे पर रहे। कुछ का कहना है कि बायोमीट्रिक मशीन में उंगली का निशान नहीं आ रहा है। दूसरी ओर नगर आयुक्त नितिन भदौरिया का आदेश है कि बायोमीट्रिक हाजिरी की जांच के बाद ही वेतन भुगतान किया जाएगा।
कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने व उनसे ज्ञापन लेने गया था। जब कर्मचारी हंगामा करने लगे और अभद्रता पर उतारु हो गए तो लौट आया। कर्मचारियों की समस्याएं हल करने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई जारी है। बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था प्रदेश के सभी नगर निकायों में लागू है। इसमें कुछ भी नही किया जा सकता है।
- नितिन भदौरिया, नगर आयुक्त