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योग और आयुर्वेद एक दूसरे के पूरक: डॉ. निशंक
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ब्यूरो/अमर उजाला, बहादराबाद
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि योग और आयुर्वेद एक दूसरे के पूरक है। हमारा शरीर पंच महाभूतों से निर्मित है। योग के द्वारा हम अपने स्वास्थ्य को कायम रख सकते हैं। यदि शरीर अस्वस्थ है तो हमें आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति अपनानी चाहिए।
संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहे दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीययोग संगोष्ठी के आज समापन पर मुख्य अतिथि डॉ. निशंक ने कहा कि योग हमारी एक ऐसी प्राचीन पद्धति है जो तन और मन दोनों को ठीक करता है। कहा कि संस्कृत दुनिया में बोली जाने वाली सभी भाषाओं की जननी है। विज्ञान के कारण अमेरिका, जापान आदि यूरोपीय देश महाशक्ति के रूप में जाने जाते है वह विज्ञान इसी संस्कृत भाषा की देन है। कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे सभी शोधार्थियों से अपील करते हुए डॉ. निशंक कहा कि आज आप जब यहां से जाओ तो अपने मन में एक संकल्प लेकर जाना की हमें योग और आयुर्वेद को पूरे विश्व में प्रसारित करना है। डॉ. निशंक ने कार्यक्रम में विशेष योगदान देने पर शिक्षक राजेंद्र नौटियाल व छात्र शिवचरण नौडियाल को सम्मानित किया। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि प्रो. ईश्वर भरद्वाज, ओमप्रकाश जमदग्नि, डा. मीरा शर्मा, डॉ1 कामाख्या कुमार, डॉ. प्रतिभा शुक्ला, अनुपम कोठारी, आशीष सेमवाल, आशीष नौटियाल, प्रदीप बेलवाल, शुभम झा, ललित शर्मा, लोकेंद्र कुरेती आदि मौजूद थे।
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पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि योग और आयुर्वेद एक दूसरे के पूरक है। हमारा शरीर पंच महाभूतों से निर्मित है। योग के द्वारा हम अपने स्वास्थ्य को कायम रख सकते हैं। यदि शरीर अस्वस्थ है तो हमें आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति अपनानी चाहिए।
संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहे दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीययोग संगोष्ठी के आज समापन पर मुख्य अतिथि डॉ. निशंक ने कहा कि योग हमारी एक ऐसी प्राचीन पद्धति है जो तन और मन दोनों को ठीक करता है। कहा कि संस्कृत दुनिया में बोली जाने वाली सभी भाषाओं की जननी है। विज्ञान के कारण अमेरिका, जापान आदि यूरोपीय देश महाशक्ति के रूप में जाने जाते है वह विज्ञान इसी संस्कृत भाषा की देन है। कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे सभी शोधार्थियों से अपील करते हुए डॉ. निशंक कहा कि आज आप जब यहां से जाओ तो अपने मन में एक संकल्प लेकर जाना की हमें योग और आयुर्वेद को पूरे विश्व में प्रसारित करना है। डॉ. निशंक ने कार्यक्रम में विशेष योगदान देने पर शिक्षक राजेंद्र नौटियाल व छात्र शिवचरण नौडियाल को सम्मानित किया। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि प्रो. ईश्वर भरद्वाज, ओमप्रकाश जमदग्नि, डा. मीरा शर्मा, डॉ1 कामाख्या कुमार, डॉ. प्रतिभा शुक्ला, अनुपम कोठारी, आशीष सेमवाल, आशीष नौटियाल, प्रदीप बेलवाल, शुभम झा, ललित शर्मा, लोकेंद्र कुरेती आदि मौजूद थे।
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