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बेकार नहीं जाने देंगे निगमानंद का बलिदान
Updated Wed, 13 Jun 2018 11:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। गंगा की रक्षा के लिए अनशन करते हुए बलिदान देने वाले मातृसदन के युवा ब्रह्मचारी निगमानंद को बुधवार को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई। मातृसदन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संकल्प दोहराया गया कि निगमानंद का बलिदान बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। गंगा की रक्षा के लिए मातृसदन और सहयोगी संस्थाएं संघर्ष जारी रखेगी।
बुधवार को जगजीतपुर स्थित मातृसदन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बड़ी संख्या में लोग गंगापुत्र निगमानंद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। गंगा में खनन बंद करने की मांग समेत गंगा के संरक्षण को लेकर अनशन करते हुए निगमानंद का 13 जून 2011 को देहावसान हो गया था। मातृसदन का आरोप है कि निगमानंद की हत्या की गई है।
श्रद्धांजलि समारोह में मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकारों और शासन- प्रशासन पर निगमानंद के संघर्ष को भुला देने और गंगा में अवैध खनन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
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स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने कहा कि गंगा को स्वच्छ निर्मल और अविरल बनाकर ही ब्रह्मचारी निगमानंद को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती हैं। उन्होंने गंगा को अविरल बनाने समेत अपनी मांगों को लेकर 22 जून से अनशन करने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा था लेकिन आज तक उनका जवाब नहीं आया।
शिवडेल स्कूल के संस्थापक स्वामी शरद पुरी ने निगमानंद को दृढ संकल्प वाला व्यक्तित्व बताया। इस दौरान स्वामी केशवानंद, डा. विजय वर्मा, भाजपा नेता संजीव चौधरी, रक्षा वर्मा, दिनेश वालिया समेत दिल्ली, मुजफ्फरनगर, नालंदा आदि स्थानों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
हरिद्वार। गंगा की रक्षा के लिए अनशन करते हुए बलिदान देने वाले मातृसदन के युवा ब्रह्मचारी निगमानंद को बुधवार को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई। मातृसदन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संकल्प दोहराया गया कि निगमानंद का बलिदान बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। गंगा की रक्षा के लिए मातृसदन और सहयोगी संस्थाएं संघर्ष जारी रखेगी।
बुधवार को जगजीतपुर स्थित मातृसदन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बड़ी संख्या में लोग गंगापुत्र निगमानंद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। गंगा में खनन बंद करने की मांग समेत गंगा के संरक्षण को लेकर अनशन करते हुए निगमानंद का 13 जून 2011 को देहावसान हो गया था। मातृसदन का आरोप है कि निगमानंद की हत्या की गई है।
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श्रद्धांजलि समारोह में मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकारों और शासन- प्रशासन पर निगमानंद के संघर्ष को भुला देने और गंगा में अवैध खनन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
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स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने कहा कि गंगा को स्वच्छ निर्मल और अविरल बनाकर ही ब्रह्मचारी निगमानंद को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती हैं। उन्होंने गंगा को अविरल बनाने समेत अपनी मांगों को लेकर 22 जून से अनशन करने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा था लेकिन आज तक उनका जवाब नहीं आया।
शिवडेल स्कूल के संस्थापक स्वामी शरद पुरी ने निगमानंद को दृढ संकल्प वाला व्यक्तित्व बताया। इस दौरान स्वामी केशवानंद, डा. विजय वर्मा, भाजपा नेता संजीव चौधरी, रक्षा वर्मा, दिनेश वालिया समेत दिल्ली, मुजफ्फरनगर, नालंदा आदि स्थानों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।