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रेलवे यूनियन एक मंच पर आकर अन्य संगठनों को साथ लेकर चलाएंगे आंदोलन
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। नार्दन रेलवे मैंस यूनियन ने रेलवे कर्मचारियों की मांगें नहीं मानने पर रेल का चक्का जाम करने का आह्वान किया है। हरिद्वार में नरमू की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रेलवे की सभी यूनियनों के साथ शिक्षक, मिनिस्ट्रीयल एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भी एक मंच पर लाकर आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
रेलवे कालोनी स्थित बारात घर में नार्दन रेलवे मैंस यूनियन (नरमू) की केंद्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ हुआ। बैठक में यूनियन के 2019 में होने वाले चुनाव की तैयारियों को लेकर कार्ययोजना तैयार की। नरमू के अध्यक्ष एसके त्यागी ने कहा कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर कतई गंभीर नहीं है। महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि कई वर्षों से रेलवे की सभी यूनियनें समान मांगों पर प्रदर्शन और आंदोलन चला रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर किसी भी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। अब फिर से समय आ गया है कि सब यूनियनें एक मंच पर आकर रेलवे प्रशासन से मांगे मनवाने के लिए दबाव बनाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को एनपीएस को दोषपूर्ण मानते हुए पुरानी पेंशन प्रणाली को मानना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पहले जनपद स्तर पर होगा और फिर देश व्यापी होगा। इस मौके पर नरमू के सहायक महामंत्री डीएन चौबे, राम अवतार मीना, प्रविना सिंह, एसयू शाह, आरके पांडे, अनून शर्मा, राजेश चौबे, रोहित बाली, मनोज श्रीवास्तव, शाखा हरिद्वार के अध्यक्ष विजय श्रीवास्तव, सचिव अजय कुमार तोमर, सहायक सचिव दुर्गेश खन्ना, ओमवीर सिंह, पुष्पा सिंह, पंकज निगम आदि शामिल हुए।
यह हैं प्रमुख मांगें
- पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए।
- फैमिली पेंशन बहाल की जाए।
-न्यूनतम वेतन निर्धारित किया जाए।
- सातवें वेतनमान को लागू किया जाए।
- फिटनेस फार्मूले में तत्काल सुधार किया जाए।
- निजीकरण और नियमितीकरण की नीति पर रोक लगाई जाए।
हरिद्वार। नार्दन रेलवे मैंस यूनियन ने रेलवे कर्मचारियों की मांगें नहीं मानने पर रेल का चक्का जाम करने का आह्वान किया है। हरिद्वार में नरमू की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रेलवे की सभी यूनियनों के साथ शिक्षक, मिनिस्ट्रीयल एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भी एक मंच पर लाकर आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
रेलवे कालोनी स्थित बारात घर में नार्दन रेलवे मैंस यूनियन (नरमू) की केंद्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ हुआ। बैठक में यूनियन के 2019 में होने वाले चुनाव की तैयारियों को लेकर कार्ययोजना तैयार की। नरमू के अध्यक्ष एसके त्यागी ने कहा कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर कतई गंभीर नहीं है। महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि कई वर्षों से रेलवे की सभी यूनियनें समान मांगों पर प्रदर्शन और आंदोलन चला रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर किसी भी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। अब फिर से समय आ गया है कि सब यूनियनें एक मंच पर आकर रेलवे प्रशासन से मांगे मनवाने के लिए दबाव बनाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को एनपीएस को दोषपूर्ण मानते हुए पुरानी पेंशन प्रणाली को मानना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पहले जनपद स्तर पर होगा और फिर देश व्यापी होगा। इस मौके पर नरमू के सहायक महामंत्री डीएन चौबे, राम अवतार मीना, प्रविना सिंह, एसयू शाह, आरके पांडे, अनून शर्मा, राजेश चौबे, रोहित बाली, मनोज श्रीवास्तव, शाखा हरिद्वार के अध्यक्ष विजय श्रीवास्तव, सचिव अजय कुमार तोमर, सहायक सचिव दुर्गेश खन्ना, ओमवीर सिंह, पुष्पा सिंह, पंकज निगम आदि शामिल हुए।
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यह हैं प्रमुख मांगें
- पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए।
- फैमिली पेंशन बहाल की जाए।
-न्यूनतम वेतन निर्धारित किया जाए।
- सातवें वेतनमान को लागू किया जाए।
- फिटनेस फार्मूले में तत्काल सुधार किया जाए।
- निजीकरण और नियमितीकरण की नीति पर रोक लगाई जाए।