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गंगा की सफाई को उठे हजारों हाथ
Updated Sun, 22 Apr 2018 11:00 PM IST
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हरिद्वार।
मां गंगा के अवतरण दिवस के मौके पर शांतिकुंज की ओर से गोमुख से गंगासागर तक के प्रमुख घाटों पर चलाए गए सफाई अभियान के हरिद्वार में भी हजारों लोग शामिल हुए। हरिद्वार में सप्तऋषि क्षेत्र से लेकर जटवाड़ा पुल ज्वालापुर तक करीब 20 किमी की दूरी तक श्रमदान करके सफाई की गई।
इस दौरान गंगा से निकाला गया कचरा एकत्र कर उसे निस्तारण के लिए सराय प्लांट ले जाया गया। सफाई अभियान के अवसर पर रोड़ी बेलवाला में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शांतिकुंज प्रमुख प्रमुख डा प्रणव पंडया ने कहा कि गंगा हमारी संस्कृति को जोड़ती है। गंगा भारत की पहचान है। इसे स्वच्छ व निर्मल रखना हम सबका नैतिक दायित्व है। इसके लिए सफाई के साथ-साथ जन जागरण आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सबको मिलकर हरिद्वार की गरिमा को और अधिक बढ़ाने की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने कहा कि गोमुख से गंगा सागर तक गंगा को प्रतीकात्मक रूप से साफ करने का मुख्य मकसद गंगा की स्वच्छता के लिए लोगों को जागरूक करना है। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने इसे सराहनीय कदम बताया। उन्होंने गायत्री परिवार के रचनात्मक कार्यों में पुलिस की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। डा. प्रणव पंड्या और एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सुभाष घाट पर गंगा आरती कर सफाई अभियान की शुरूआत की।
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अभियान में शांतिकुंज और देसंविवि के करीब दो हजार स्वयंसेवकों ने सीसीआर टॉवर से लेकर ललतारौ पुल तक अभियान चलाया। इसमें तीन वर्ष की बच्ची से लेकर 85 साल तक के बुजुर्ग के कार्यकर्त्ता शामिल रहे। सफाई अभियान के समन्वयक केदार प्रसाद दूबे ने बताया कि अभियान में हरिद्वार पुलिस के 55 जवानों के साथ ही देसंविवि के विद्यार्थियों, एनएसएस के स्वयंसेवियों, युग निर्माण स्काउट गाइड, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्री विद्यापीठ, हरिद्वार नागरिक मंच, महामना सेवा संस्थान, देवभूमि पूर्व सैनिक मंच, सेवा भारती, भारत लोक सेवा संस्थान, बडोला जी वेलफेयर फाउंडेशन, एसएमजेएन कॉलेज, सेवा भारती, मुस्कान फाउंडेशन, धर्मयात्रा महासंघ, राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण समिति और जयराम आश्रम सहित शहर के 43 संस्थानों के लोग शामिल हुए।
मां गंगा के अवतरण दिवस के मौके पर शांतिकुंज की ओर से गोमुख से गंगासागर तक के प्रमुख घाटों पर चलाए गए सफाई अभियान के हरिद्वार में भी हजारों लोग शामिल हुए। हरिद्वार में सप्तऋषि क्षेत्र से लेकर जटवाड़ा पुल ज्वालापुर तक करीब 20 किमी की दूरी तक श्रमदान करके सफाई की गई।
इस दौरान गंगा से निकाला गया कचरा एकत्र कर उसे निस्तारण के लिए सराय प्लांट ले जाया गया। सफाई अभियान के अवसर पर रोड़ी बेलवाला में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शांतिकुंज प्रमुख प्रमुख डा प्रणव पंडया ने कहा कि गंगा हमारी संस्कृति को जोड़ती है। गंगा भारत की पहचान है। इसे स्वच्छ व निर्मल रखना हम सबका नैतिक दायित्व है। इसके लिए सफाई के साथ-साथ जन जागरण आवश्यक है।
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उन्होंने कहा कि सबको मिलकर हरिद्वार की गरिमा को और अधिक बढ़ाने की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने कहा कि गोमुख से गंगा सागर तक गंगा को प्रतीकात्मक रूप से साफ करने का मुख्य मकसद गंगा की स्वच्छता के लिए लोगों को जागरूक करना है। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने इसे सराहनीय कदम बताया। उन्होंने गायत्री परिवार के रचनात्मक कार्यों में पुलिस की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। डा. प्रणव पंड्या और एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सुभाष घाट पर गंगा आरती कर सफाई अभियान की शुरूआत की।
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अभियान में शांतिकुंज और देसंविवि के करीब दो हजार स्वयंसेवकों ने सीसीआर टॉवर से लेकर ललतारौ पुल तक अभियान चलाया। इसमें तीन वर्ष की बच्ची से लेकर 85 साल तक के बुजुर्ग के कार्यकर्त्ता शामिल रहे। सफाई अभियान के समन्वयक केदार प्रसाद दूबे ने बताया कि अभियान में हरिद्वार पुलिस के 55 जवानों के साथ ही देसंविवि के विद्यार्थियों, एनएसएस के स्वयंसेवियों, युग निर्माण स्काउट गाइड, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्री विद्यापीठ, हरिद्वार नागरिक मंच, महामना सेवा संस्थान, देवभूमि पूर्व सैनिक मंच, सेवा भारती, भारत लोक सेवा संस्थान, बडोला जी वेलफेयर फाउंडेशन, एसएमजेएन कॉलेज, सेवा भारती, मुस्कान फाउंडेशन, धर्मयात्रा महासंघ, राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण समिति और जयराम आश्रम सहित शहर के 43 संस्थानों के लोग शामिल हुए।