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संस्कृत के विकास के लिए एबीवीपी ने सरहानीय पहल
Updated Tue, 27 Feb 2018 11:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने संस्कृत के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए सराहनीय पहल की है। एबीवीपी पहली बार सोशल मीडिया के माध्यम से संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का ऑनलाइन आयोजन कर रही है। इस प्रतियोगिता में नेट, जेआरएफ, संस्कृत टीजीटी, पीजीटी आदि परीक्षाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
संस्कृत ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन 28 फरवरी की रात्रि नौ बजे से 10:30 बजे के बीच संस्कृतरसास्वाद: फेसबुक पेज पर ऑनलाइन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के प्रथम छह विजेताओं को नेट, जेआरएफ की परीक्षाओं की तैयारियों से संबंधित पुस्तकें और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। एबीवीपी संस्कृत इकाई के प्रदेश प्रमुख प्रकाश तिवारी और प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन पंत ने बताया संस्कृत ज्ञान प्रतियोगिता के लिए देशभर से करीब 250 अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। इस प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संस्कृत के प्रति प्रेरित और संस्कृत का प्रचार-प्रसार करना है। इस प्रतियोगिता के छह विजेताओं को डा. दिनेश कुमार भारद्वाज, डा. योगेश व्यास और संस्कृत गंगा प्रयाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा। जगदीश डाभी गुजरात, आंचल गर्ग एवं भूमि बिष्ट दिल्ली विश्वविद्यालय इस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाएंगे।
हरिद्वार।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने संस्कृत के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए सराहनीय पहल की है। एबीवीपी पहली बार सोशल मीडिया के माध्यम से संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का ऑनलाइन आयोजन कर रही है। इस प्रतियोगिता में नेट, जेआरएफ, संस्कृत टीजीटी, पीजीटी आदि परीक्षाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
संस्कृत ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन 28 फरवरी की रात्रि नौ बजे से 10:30 बजे के बीच संस्कृतरसास्वाद: फेसबुक पेज पर ऑनलाइन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के प्रथम छह विजेताओं को नेट, जेआरएफ की परीक्षाओं की तैयारियों से संबंधित पुस्तकें और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। एबीवीपी संस्कृत इकाई के प्रदेश प्रमुख प्रकाश तिवारी और प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन पंत ने बताया संस्कृत ज्ञान प्रतियोगिता के लिए देशभर से करीब 250 अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। इस प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संस्कृत के प्रति प्रेरित और संस्कृत का प्रचार-प्रसार करना है। इस प्रतियोगिता के छह विजेताओं को डा. दिनेश कुमार भारद्वाज, डा. योगेश व्यास और संस्कृत गंगा प्रयाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा। जगदीश डाभी गुजरात, आंचल गर्ग एवं भूमि बिष्ट दिल्ली विश्वविद्यालय इस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाएंगे।
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