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सरकारी ट्यूबवेल को चलाने के लिए डीएम से लगायी गुहार
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पथरी।
बादशाहपुर के ग्रामीणों ने कहा डीएम साहब बिजली आपूर्ति करवाकर बंद सरकारी ट्यूबवेल को चालू करवा दो, ताकि फसलों को सूखने से बचाया जा सके।
गांव बादशाहपुर में दस साल पहले स्थापित सरकारी ट्यूबवेल को चलाने के लिए अब तक बिजली का कनेक्शन मंजूर नहीं हुआ है। ऐसे में ट्यूबवेल चालू नहीं हो सका है। किसानों ने डीएम दीपक रावत से हस्तक्षेप कर समस्या हल कराने की मांग की है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही किसानों को इस सरकारी ट्यूबवेल की याद आती है। कारण गर्मी के दिनों में फसलों को पानी की ज्यादा जरूरत होती है। ओमप्रकाश, हरपाल, नरेंद्र, पुष्करराज, बुद्ध सिंह, बिशंबर सैनी एवं ग्राम प्रधान जाफिर हसन का कहना है कि वर्ष 2009 में जल निगम ने यह सरकारी ट्यूबवेल स्थापित किया था। इसके बाद किसी ने इसकी सुध नहीं ली। अंकुर सैनी, रामकुमार, लीलाधर कांत, अजय सैनी, बिट्टू सैनी आदि का कहना है कि संबंधित अधिकारियों की अनदेखी से यह सरकारी ट्यूबवेल चालू नहीं हो सका है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि डीएम दीपक रावत इस समस्या का जरूर समाधान कराएंगे। दूसरी ओर ऊर्जा निगम के सहायक अभियंता मुकेश कुमार का कहना है कि उन्हें इस बारें में जानकारी नहीं है।
पथरी।
बादशाहपुर के ग्रामीणों ने कहा डीएम साहब बिजली आपूर्ति करवाकर बंद सरकारी ट्यूबवेल को चालू करवा दो, ताकि फसलों को सूखने से बचाया जा सके।
गांव बादशाहपुर में दस साल पहले स्थापित सरकारी ट्यूबवेल को चलाने के लिए अब तक बिजली का कनेक्शन मंजूर नहीं हुआ है। ऐसे में ट्यूबवेल चालू नहीं हो सका है। किसानों ने डीएम दीपक रावत से हस्तक्षेप कर समस्या हल कराने की मांग की है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही किसानों को इस सरकारी ट्यूबवेल की याद आती है। कारण गर्मी के दिनों में फसलों को पानी की ज्यादा जरूरत होती है। ओमप्रकाश, हरपाल, नरेंद्र, पुष्करराज, बुद्ध सिंह, बिशंबर सैनी एवं ग्राम प्रधान जाफिर हसन का कहना है कि वर्ष 2009 में जल निगम ने यह सरकारी ट्यूबवेल स्थापित किया था। इसके बाद किसी ने इसकी सुध नहीं ली। अंकुर सैनी, रामकुमार, लीलाधर कांत, अजय सैनी, बिट्टू सैनी आदि का कहना है कि संबंधित अधिकारियों की अनदेखी से यह सरकारी ट्यूबवेल चालू नहीं हो सका है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि डीएम दीपक रावत इस समस्या का जरूर समाधान कराएंगे। दूसरी ओर ऊर्जा निगम के सहायक अभियंता मुकेश कुमार का कहना है कि उन्हें इस बारें में जानकारी नहीं है।