फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   सोमवती के लिए लाखों श्रद्धालुओं का आगमन शुरू

सोमवती के लिए लाखों श्रद्धालुओं का आगमन शुरू

Sat, 01 Jun 2019 11:51 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2019 11:51 PM IST
विज्ञापन
सोमवती के लिए लाखों श्रद्धालुओं का आगमन शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन

सोमवती अमावस्या का स्नान इस बार पूरे छह योग साथ लेकर आ रहा है। सोमवार को होने वाले स्नान के लिए बाहरी प्रदेशों से श्रद्धालुओं को हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गया है।
जब भी कभी सोमवार को अमावस्या पड़ती है उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। खास बात ये है कि इस बार सोमवार को अमावस्या तिथि दोपहर बाद 3.32 बजे तक रहेगी। अमावस्या का आगमन एक दिन पूर्व रविवार को सांय काल चार बजे से कृतिका नक्षत्र में हो जाएगा। सोमवार को प्रमान योग में अमावस्या पड़ेगी। योगों में संयोग यह देखिए कि इस दिन चंद्रमा भी सवेरे से ही रोहिणी नक्षत्र में आ जाएगा। अमावस्या को रोहिणी व्रत ही रखा जाएगा। इसी दिन भगवान शनिदेव की भी जयंती है। इस कारण सोमवती शनैश्चरी बन गई है। इसी दिन वट सावित्री का व्रत रखा जाएगा। देशभर में महिलाएं अपने पतियों को अनिष्ट से बचाने के लिए वट सावित्री व्रत रखेंगी। सोमवती अमावस्या के दिन लाखों महिलाएं पीपल के वृक्षों की परिक्रमा सूत के धागे लपेटते हुए करेंगी। सोमवार को भावुका जयंती भी है, जिसे भावुका अमावस्या कहा जाता है। इस प्रकार भोलेनाथ और चंद्रमा की पूजा के इस दिन छह योग एक साथ पड़ रहे हैं। ऐसा होना प्राय: दुर्लभ माना जाता है। रातभर अमावस्या रहने के कारण सोमवती का स्नान रविवार की अर्द्धरात्रि बारह बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इस दिन सर्वमान संयोग भी बना रहेगा। सोमवती अमावस्या का स्नान पर्व अनेक योगों को और संयोगों को लेकर आ रहा है।
विज्ञापन

हजारों श्रद्धालु करेंगे पितृ तर्पण
हरिद्वार। वर्ष की प्रत्येक अमावस्या को श्राद्ध तर्पण के लिए हजारों लाखों श्रद्धालुओं का आगमन धर्मनगरी में होता आया है। इस बार स्नान और श्राद्ध तर्पण का संयोग भी पड़ रहा है। फलस्वरूप गंगा के कुशावर्त घाट और नारायणी शिला पर हजारों श्रद्धालु सुबह से ही पितरों को विदाई देने लगेंगे। पितरों को जलाजंलि देने के साथ साथ कालसर्प योग निवारण व पितृ शांति के लिए यमयज्ञ कराए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed