{"_id":"5c927399bdec22140012d089","slug":"141553101721-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचपुरी के दर्जनों स्थानों पर दिनभर हुआ होलिका पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचपुरी के दर्जनों स्थानों पर दिनभर हुआ होलिका पूजन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
पंचपुरी में होलिका उत्साह चारों ओर दिखाई देता रहा। होली ध्वज स्थलों पर महिलाओं और बच्चों का आगमन सवेरे से शुरू हो गया था और सूर्यास्त तक चलता रहा। रात में मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया गया।
पंचुपरी के कई होली ध्वज स्थापन स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। ध्वज के चारों ओर लकड़ी उपले लगाकर होली को परंपरागत रूप प्रदान किया गया। होली पूजन के लिए दर्जनों ध्वज स्थलों पर महिलाएं और बच्चे पहुंच रहे थे। कुछ महिलाएं ढोल-बाजों के साथ भी होली पूजने पहुंचीं। घरों में तैयार किए गए विभिन्न पकवान और मिष्ठान होलीस्थल पर चढ़ाए गए। जल प्रवाह करते हुए होलिका ध्वज की परिक्रमा करने के बाद महिलाओं ने उसी स्थल पर बैठ कर धूप दीप जलाए। साथ ही मिठाइयों के बायने निकाले। होली के दिन एक-दूसरे को गुझिया खिलाकर शुभकामनाएं दी गईं। सवेरे से लेकर होली पूजन तक महिलाओं ने व्रत रखा। होली दहन स्थलों पर कई रंगारंग कार्यक्रम भी हुए।
दो दिन मनाई जाने वाली होली का बुधवार पहला दिन था। बृहस्पतिवार को रंगों का फागोत्सव मनाया जाएगा। कई शुभ नक्षत्रों के कारण बुधवार को होली के दिन एक-दूसरे को उपहार भी भेंट किए गए। होली पर लगे आठ दिनों के होलाष्ठकों का समापन बृहस्पतिवार को दुल्हंडी मनाने के बाद होगा। यह पर्व बीतते ही मांगलिक कार्यों पर लगा विराम समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचपुरी में होलिका उत्साह चारों ओर दिखाई देता रहा। होली ध्वज स्थलों पर महिलाओं और बच्चों का आगमन सवेरे से शुरू हो गया था और सूर्यास्त तक चलता रहा। रात में मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया गया।
पंचुपरी के कई होली ध्वज स्थापन स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। ध्वज के चारों ओर लकड़ी उपले लगाकर होली को परंपरागत रूप प्रदान किया गया। होली पूजन के लिए दर्जनों ध्वज स्थलों पर महिलाएं और बच्चे पहुंच रहे थे। कुछ महिलाएं ढोल-बाजों के साथ भी होली पूजने पहुंचीं। घरों में तैयार किए गए विभिन्न पकवान और मिष्ठान होलीस्थल पर चढ़ाए गए। जल प्रवाह करते हुए होलिका ध्वज की परिक्रमा करने के बाद महिलाओं ने उसी स्थल पर बैठ कर धूप दीप जलाए। साथ ही मिठाइयों के बायने निकाले। होली के दिन एक-दूसरे को गुझिया खिलाकर शुभकामनाएं दी गईं। सवेरे से लेकर होली पूजन तक महिलाओं ने व्रत रखा। होली दहन स्थलों पर कई रंगारंग कार्यक्रम भी हुए।
विज्ञापन
दो दिन मनाई जाने वाली होली का बुधवार पहला दिन था। बृहस्पतिवार को रंगों का फागोत्सव मनाया जाएगा। कई शुभ नक्षत्रों के कारण बुधवार को होली के दिन एक-दूसरे को उपहार भी भेंट किए गए। होली पर लगे आठ दिनों के होलाष्ठकों का समापन बृहस्पतिवार को दुल्हंडी मनाने के बाद होगा। यह पर्व बीतते ही मांगलिक कार्यों पर लगा विराम समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन