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बारिश के साथ बरसी आफत
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:57 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। धर्मनगरी में बृहस्पतिवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश से उत्तरी हरिद्वार में भारी नुकसान हुआ है। खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट के पास ऊर्जा निगम का 132 केवी का टावर आधार हिलने से झुक गया है। वहीं, शिवालिक पर्वत पर भूस्खलन से हरकी पैड़ी से खड़खड़ी तक आबादी पर खतरा मंडरा रहा है। भारी बारिश से कई मवेशियों के भी बहने की सूचना है। उधर, पथरी रेलवे स्टेशन के आसपास सैकड़ों घरों में पानी भरने के कारण कई परिवारों को छत पर रात बितानी पड़ी। शुक्रवार दोपहर तक लोग घरों से पानी निकालते रहे। बहादराबाद, धनौरी और श्यामपुर आदि क्षेत्रों में भी बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बीती रात करीब दस बजे पहले धीमी और बाद में मूसलाधार बारिश का असर उत्तरी हरिद्वार में ज्यादा देखने को मिला। राजाजी पार्क से निकलने वाली सूखरो नदी हाईवे और खड़खड़ी में पुल के ऊपर से होकर बहती रही। पानी के वेग से नींव बहने के कारण सूखी नदी में ऊर्जा निगम के 132 केवी का ऊपर से झुक गया है। इसी पुल पर कौरा देवी कॉलोनी की तरफ सड़क और दीवार बहने से दो ट्रांसफार्मर हवा में झूल रहे हैं। उधर, हिल बाईपास से गिरे मलबे से भीम कुंड में सिल्ट भर गया है। रेलवे लाइन के ऊपर काली मंदिर के समीप भी काफी भूस्खलन हुआ। रेलवे की सुरंग के ऊपर भी चट्टान हिल गई है। डेंजर जोन में कांगड़ा मोड़ के ऊपर चट्टान खोदकर बनी बिल्डिंग के पास से भी सड़क पर पत्थर गिरे हैं। हरकी पैड़ी के समीप चट्टान गिरने और भूस्खलन से खतरा और बढ़ गया है। एहतियातन पुलिस ने आधी सड़क को बंद कर दिया है। वहीं, भूस्खलन से हनुमान मंदिर और सुलभ शौचालय भी खतरे की जद में आ गए हैं।
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सप्तसरोवर रोड पर कीचड़ ही कीचड़
सप्तसरोवर रोड पर कई स्थानों पर कीचड़ भर गया है। इसी क्षेत्र में हाईवे से केले वाली पुलिया का 15 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा नाला ओवरफ्लो होने से भारतमातापुरम् कॉलोनी जलमग्न हो गई। घरों के आगे पानी भरने लोगों परेशानी का सामान करना पड़ा। नवीन पंत और उनके भाइयों के परिवार ने पूरी रात मुसीबत में काटी। नरेश गिरि के घर के आगे तक सड़क पर दो फीट पानी भरा रहा। नेपाली गली में भी कीचड़ भर गई है। इसके अलावा मध्य हरिद्वार में भी कई घरों में नालियाें के ओवरफ्लो होने से पानी भरा गया। कनखल में लाटोवाली और बैरागी कैंप के कई घरों में पानी भरने से लोगों का सामान खराब हो गया।
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ढक्कन बहने से सीवर लाइनें चोक
भीमगोड़ा नई बस्ती क्षेत्र में डॉ. सत्यनारायण शर्मा वाली गली में बारिश के कारण पहाड़ से पत्थर और मिट्टी भी बहकर आई। नाला ओवरफ्लो होने से सीवर लाइन के ढक्कन भी बह गए। इससे सीवर लाइन पत्थर और सिल्ट से भर गई है। सीवर चोक होने से सड़क पर गंदगी फैल गई है। पं. ज्ञानचंद और रोशन गिरि के घर में घुटनों तक पानी भर गया। बनखंडी आश्रम, शंकर आश्रम, जगदंबा टेंट हाउस में सिल्ट व पानी भरने से सामान खराब हो गया। बस्ती में एक कार पर पत्थर गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गई। खेमानंद मार्ग भी सिल्ट और पत्थर से भर गया है।
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गैंग मजदूरों की सतर्कता से चलती रहीं ट्रेनें
हरिद्वार को देहरादून से जोड़ने वाले रेल पथ पर भूस्खलन होने के बावजूद गैंग मजदूरों की सतर्कता से ट्रेनों का आवागमन बाधित नहीं हुआ। रेलवे सुरंग के ऊपर, कुष्ठ बस्ती, काली मंदिर के आसपास शुक्रवार सुबह तक भूस्खलन होता रहा। रात में दो गैंग मजदूर श्रवण और सुभाष मोर्चा संभाले रहे। रातभर दोनों रेल लाइन से सिल्ट और पत्थर हटाते रहे। सुबह सोहन सिंह समेत अन्य गैंग मजदूरों ने सुरंग के ऊपर से गिरे पत्थरों और सिल्ट की सफाई की। इससे रेलगाड़ियों का आवागमन प्रभावित नहीं हुआ। सुरंग की दीवार के साथ लगी एक दुकान भी क्षतिग्रस्त हुई है।
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नालों ने खोली प्रशासन की पोल
भारी बारिश से शहर के कई नालों ने प्रशासन की सफाई की पोल खोलकर रख दी है। हरकी पैड़ी क्षेत्र में नाईसोता नाला नाई घाट और सुभाष घाट पर ओवरफ्लो होने से घाट व प्लेटफार्म सिल्ट से भर गए। क्षेत्र निवासी रमेश चंद्र शर्मा आदि का आरोप है कि नाला की सफाई दिखाने मात्र के लिए की गई। बेलदेई के अतिक्रमित नाले से अपर रोड पर भी सिल्ट भर गया। कई बंद दुकानों के अंदर तक सिल्ट पहुंच गई। दोनों चेकडैम नालों ने सब्जी मंडी, रामघाट और विष्णु घाट के बाजरों को सिल्ट से भर दिया है। शटर जाम होने से दुकानदारों को काफी परेशान होना पड़ा।
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रेलवे पुलिया के नीचे भी भरी सिल्ट
ब्रह्मपुुरी, रेलवे रोड, देवपुरा, रानीपुर मोड, चंद्राचार्य चौक की हालत भी खराब है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में रेलवे पुलिया के नीचे सिल्ट भर गई है। सुबह लोग मेला अस्पताल भी नहीं जा पाए। नगर निगम ने जेसीबी से सिल्ट हटाकर लोगों के लिए रास्ता बनाया। वहीं, अतिक्रमण के चलते रेलवे रोड के नाले की गंदगी सड़क पर फैल गई। देवपुरा में औद्योगिक क्षेत्र से ऋषिकुल की पुलिया से बहने वाले नाले के भी ओवरफ्लो होने से कई दुकानों के अंदर सिल्ट के साथ पानी भरने से नुकसान हुआ है। चंद्राचार्य चौक क्षेत्र में नालों की गंदी सिल्ट जमा होने से लोग परेशान रहे।
हरिद्वार। धर्मनगरी में बृहस्पतिवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश से उत्तरी हरिद्वार में भारी नुकसान हुआ है। खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट के पास ऊर्जा निगम का 132 केवी का टावर आधार हिलने से झुक गया है। वहीं, शिवालिक पर्वत पर भूस्खलन से हरकी पैड़ी से खड़खड़ी तक आबादी पर खतरा मंडरा रहा है। भारी बारिश से कई मवेशियों के भी बहने की सूचना है। उधर, पथरी रेलवे स्टेशन के आसपास सैकड़ों घरों में पानी भरने के कारण कई परिवारों को छत पर रात बितानी पड़ी। शुक्रवार दोपहर तक लोग घरों से पानी निकालते रहे। बहादराबाद, धनौरी और श्यामपुर आदि क्षेत्रों में भी बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बीती रात करीब दस बजे पहले धीमी और बाद में मूसलाधार बारिश का असर उत्तरी हरिद्वार में ज्यादा देखने को मिला। राजाजी पार्क से निकलने वाली सूखरो नदी हाईवे और खड़खड़ी में पुल के ऊपर से होकर बहती रही। पानी के वेग से नींव बहने के कारण सूखी नदी में ऊर्जा निगम के 132 केवी का ऊपर से झुक गया है। इसी पुल पर कौरा देवी कॉलोनी की तरफ सड़क और दीवार बहने से दो ट्रांसफार्मर हवा में झूल रहे हैं। उधर, हिल बाईपास से गिरे मलबे से भीम कुंड में सिल्ट भर गया है। रेलवे लाइन के ऊपर काली मंदिर के समीप भी काफी भूस्खलन हुआ। रेलवे की सुरंग के ऊपर भी चट्टान हिल गई है। डेंजर जोन में कांगड़ा मोड़ के ऊपर चट्टान खोदकर बनी बिल्डिंग के पास से भी सड़क पर पत्थर गिरे हैं। हरकी पैड़ी के समीप चट्टान गिरने और भूस्खलन से खतरा और बढ़ गया है। एहतियातन पुलिस ने आधी सड़क को बंद कर दिया है। वहीं, भूस्खलन से हनुमान मंदिर और सुलभ शौचालय भी खतरे की जद में आ गए हैं।
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सप्तसरोवर रोड पर कीचड़ ही कीचड़
सप्तसरोवर रोड पर कई स्थानों पर कीचड़ भर गया है। इसी क्षेत्र में हाईवे से केले वाली पुलिया का 15 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा नाला ओवरफ्लो होने से भारतमातापुरम् कॉलोनी जलमग्न हो गई। घरों के आगे पानी भरने लोगों परेशानी का सामान करना पड़ा। नवीन पंत और उनके भाइयों के परिवार ने पूरी रात मुसीबत में काटी। नरेश गिरि के घर के आगे तक सड़क पर दो फीट पानी भरा रहा। नेपाली गली में भी कीचड़ भर गई है। इसके अलावा मध्य हरिद्वार में भी कई घरों में नालियाें के ओवरफ्लो होने से पानी भरा गया। कनखल में लाटोवाली और बैरागी कैंप के कई घरों में पानी भरने से लोगों का सामान खराब हो गया।
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ढक्कन बहने से सीवर लाइनें चोक
भीमगोड़ा नई बस्ती क्षेत्र में डॉ. सत्यनारायण शर्मा वाली गली में बारिश के कारण पहाड़ से पत्थर और मिट्टी भी बहकर आई। नाला ओवरफ्लो होने से सीवर लाइन के ढक्कन भी बह गए। इससे सीवर लाइन पत्थर और सिल्ट से भर गई है। सीवर चोक होने से सड़क पर गंदगी फैल गई है। पं. ज्ञानचंद और रोशन गिरि के घर में घुटनों तक पानी भर गया। बनखंडी आश्रम, शंकर आश्रम, जगदंबा टेंट हाउस में सिल्ट व पानी भरने से सामान खराब हो गया। बस्ती में एक कार पर पत्थर गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गई। खेमानंद मार्ग भी सिल्ट और पत्थर से भर गया है।
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गैंग मजदूरों की सतर्कता से चलती रहीं ट्रेनें
हरिद्वार को देहरादून से जोड़ने वाले रेल पथ पर भूस्खलन होने के बावजूद गैंग मजदूरों की सतर्कता से ट्रेनों का आवागमन बाधित नहीं हुआ। रेलवे सुरंग के ऊपर, कुष्ठ बस्ती, काली मंदिर के आसपास शुक्रवार सुबह तक भूस्खलन होता रहा। रात में दो गैंग मजदूर श्रवण और सुभाष मोर्चा संभाले रहे। रातभर दोनों रेल लाइन से सिल्ट और पत्थर हटाते रहे। सुबह सोहन सिंह समेत अन्य गैंग मजदूरों ने सुरंग के ऊपर से गिरे पत्थरों और सिल्ट की सफाई की। इससे रेलगाड़ियों का आवागमन प्रभावित नहीं हुआ। सुरंग की दीवार के साथ लगी एक दुकान भी क्षतिग्रस्त हुई है।
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नालों ने खोली प्रशासन की पोल
भारी बारिश से शहर के कई नालों ने प्रशासन की सफाई की पोल खोलकर रख दी है। हरकी पैड़ी क्षेत्र में नाईसोता नाला नाई घाट और सुभाष घाट पर ओवरफ्लो होने से घाट व प्लेटफार्म सिल्ट से भर गए। क्षेत्र निवासी रमेश चंद्र शर्मा आदि का आरोप है कि नाला की सफाई दिखाने मात्र के लिए की गई। बेलदेई के अतिक्रमित नाले से अपर रोड पर भी सिल्ट भर गया। कई बंद दुकानों के अंदर तक सिल्ट पहुंच गई। दोनों चेकडैम नालों ने सब्जी मंडी, रामघाट और विष्णु घाट के बाजरों को सिल्ट से भर दिया है। शटर जाम होने से दुकानदारों को काफी परेशान होना पड़ा।
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रेलवे पुलिया के नीचे भी भरी सिल्ट
ब्रह्मपुुरी, रेलवे रोड, देवपुरा, रानीपुर मोड, चंद्राचार्य चौक की हालत भी खराब है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में रेलवे पुलिया के नीचे सिल्ट भर गई है। सुबह लोग मेला अस्पताल भी नहीं जा पाए। नगर निगम ने जेसीबी से सिल्ट हटाकर लोगों के लिए रास्ता बनाया। वहीं, अतिक्रमण के चलते रेलवे रोड के नाले की गंदगी सड़क पर फैल गई। देवपुरा में औद्योगिक क्षेत्र से ऋषिकुल की पुलिया से बहने वाले नाले के भी ओवरफ्लो होने से कई दुकानों के अंदर सिल्ट के साथ पानी भरने से नुकसान हुआ है। चंद्राचार्य चौक क्षेत्र में नालों की गंदी सिल्ट जमा होने से लोग परेशान रहे।