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मौ. सतार को हटवाने के लिए मुख्यमंत्री एवं दो मंत्रियों से मिले चैंपियन
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:52 PM IST
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हरिद्वार।
जिला पंचायत की संचालन समिति के तीनों सदस्यों के बीच तकरार जारी है। समिति में शामिल मोहम्मद सत्तार को लेकर असली लड़ाई है। इनको हटाने के लिए विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन पूरा जोर लगाए हैं। बुधवार को वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और राजस्व मंत्री अरविंद पांडेय से मिले और उन्होंने शिकायती पत्र सौंपकर मोहम्मद सत्तार को समिति से हटाने की मांग की है।
जिला पंचायत की चेयरमैन सविता चौधरी के पांच दिसंबर को अधिकार सीज कर दिए गए थे। अधिकार सीज किए जाने के बाद 8 दिसंबर को तीन सदस्यीय संचालन समिति बना दी गई थी। समिति में भाजपा के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी रानी देवयानी सिंह, बसपा के पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद के भाई मोहम्मद सत्तार और भाजपा नेता अमीलाल वाल्मीकि को शामिल किया गया। तीन सदस्यीय समिति ने 23 दिसंबर को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक की और बजट पास करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव जारी करते हुए अपनी सहमति प्रदान कर दी। बोर्ड बैठक के बाद समिति की सदस्य रानी देवयानी सिंह ने हस्ताक्षर कर दिए, लेकिन मौ. सत्तार और अमीलाल वाल्मीकि ने हस्ताक्षर नहीं किए। बताया जाता है कि इसी बात को लेकर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन नाराज चल रहे हैं। उनकी ज्यादा नाराजगी मौ. सत्तार से है। इसलिए वह पिछले एक सप्ताह से मोहम्मद सत्तार को समिति से हटाने लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं।
बताया जाता है कि मंगलवार से बुधवार सुबह तक वह तक वह शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से तीन बार मिले।
उन्होंने शिकायत भरा 16 बिंदुओं का एक पत्र तैयार किया हुआ है। जिसको लेकर वह बुधवार को देहरादून जाकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और राजस्व मंत्री अरविंद पांडेय से भी मिले। उन्होंने तीनों से मिलकर मौ. सत्तार के बड़े भाई मौ. शहजाद और छोटे भाई की पत्नी पूर्व अध्यक्ष अंजुम बेग पर गंभीर आरोप लगाने के साथ-साथ पूर्व राज्य सरकार के द्वारा अधिकार सीज करने तक के मामलों से अवगत कराया है। विधायक प्रणव चैंपियन ने पूरी प्रक्रिया को स्वयं स्वीकार करते हुए बताया कि जिला पंचायत के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों को बाधित नहीं होने देंगे। उन्हें सुचारु करने के लिए वह सभी प्रयास करेंगे।
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जिला पंचायत की संचालन समिति के तीनों सदस्यों के बीच तकरार जारी है। समिति में शामिल मोहम्मद सत्तार को लेकर असली लड़ाई है। इनको हटाने के लिए विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन पूरा जोर लगाए हैं। बुधवार को वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और राजस्व मंत्री अरविंद पांडेय से मिले और उन्होंने शिकायती पत्र सौंपकर मोहम्मद सत्तार को समिति से हटाने की मांग की है।
जिला पंचायत की चेयरमैन सविता चौधरी के पांच दिसंबर को अधिकार सीज कर दिए गए थे। अधिकार सीज किए जाने के बाद 8 दिसंबर को तीन सदस्यीय संचालन समिति बना दी गई थी। समिति में भाजपा के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी रानी देवयानी सिंह, बसपा के पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद के भाई मोहम्मद सत्तार और भाजपा नेता अमीलाल वाल्मीकि को शामिल किया गया। तीन सदस्यीय समिति ने 23 दिसंबर को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक की और बजट पास करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव जारी करते हुए अपनी सहमति प्रदान कर दी। बोर्ड बैठक के बाद समिति की सदस्य रानी देवयानी सिंह ने हस्ताक्षर कर दिए, लेकिन मौ. सत्तार और अमीलाल वाल्मीकि ने हस्ताक्षर नहीं किए। बताया जाता है कि इसी बात को लेकर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन नाराज चल रहे हैं। उनकी ज्यादा नाराजगी मौ. सत्तार से है। इसलिए वह पिछले एक सप्ताह से मोहम्मद सत्तार को समिति से हटाने लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं।
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बताया जाता है कि मंगलवार से बुधवार सुबह तक वह तक वह शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से तीन बार मिले।
उन्होंने शिकायत भरा 16 बिंदुओं का एक पत्र तैयार किया हुआ है। जिसको लेकर वह बुधवार को देहरादून जाकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और राजस्व मंत्री अरविंद पांडेय से भी मिले। उन्होंने तीनों से मिलकर मौ. सत्तार के बड़े भाई मौ. शहजाद और छोटे भाई की पत्नी पूर्व अध्यक्ष अंजुम बेग पर गंभीर आरोप लगाने के साथ-साथ पूर्व राज्य सरकार के द्वारा अधिकार सीज करने तक के मामलों से अवगत कराया है। विधायक प्रणव चैंपियन ने पूरी प्रक्रिया को स्वयं स्वीकार करते हुए बताया कि जिला पंचायत के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों को बाधित नहीं होने देंगे। उन्हें सुचारु करने के लिए वह सभी प्रयास करेंगे।
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