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योग से ऋषिमुनि हजारों वर्ष जीवित रहते थे: हरक
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ब्यूरो/अमर उजाला, बहादराबाद
मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि योग हजारों, लाखों वर्ष पुरानी पद्वति है, जिसके आधार पर हमारे ऋषिमुनि हजारों वर्षों तक स्वस्थ्य रहकर जीवित रहते थे। उन्होंने कहा कि भारत भूमि सनातन कालसे सत्य, अहिंसा, ज्ञान, धर्म व शांति की भूमि रही है। समस्त प्राणी मात्र के लिए सर्वविध कल्याण की कामना ही इसका मूल मंत्र है।
शनिवार को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ प्रदेश के आयुष एवं वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि आज योग को पूरी दुनिया में फैलाने का श्रेय उत्तराखंड की इस पवित्र भूमि को जाता है, जिसका हम सभी उत्तराखंडवासियों को गर्व है। लंदन र्से आइं मीरा शर्मा ने कहा कि योग एक ऐसी पद्वति है यदि इसे शिद्दत के साथ अपनाया जाए तो सभी रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योग की समस्त क्रियाएं करने से मनुष्य की सुप्त चेतन शक्ति का विकास होता है। अध्यक्षता डॉ. कामाख्या कुमार और संचालन डॉ. विनय सेठी ने किया। कार्यक्रम में डा. लक्ष्मी नारायण, कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी, सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार, मंडी समिति के पूर्व चेयरमैन संजय चोपड़ा, विनोद चौहान, अनूप बहुखंडी, आर्यन वर्मा, शिवनारायण, ललित शर्मा, आशीष नोटियाल सहित विश्वविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं शामिल थे।
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मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि योग हजारों, लाखों वर्ष पुरानी पद्वति है, जिसके आधार पर हमारे ऋषिमुनि हजारों वर्षों तक स्वस्थ्य रहकर जीवित रहते थे। उन्होंने कहा कि भारत भूमि सनातन कालसे सत्य, अहिंसा, ज्ञान, धर्म व शांति की भूमि रही है। समस्त प्राणी मात्र के लिए सर्वविध कल्याण की कामना ही इसका मूल मंत्र है।
शनिवार को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ प्रदेश के आयुष एवं वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि आज योग को पूरी दुनिया में फैलाने का श्रेय उत्तराखंड की इस पवित्र भूमि को जाता है, जिसका हम सभी उत्तराखंडवासियों को गर्व है। लंदन र्से आइं मीरा शर्मा ने कहा कि योग एक ऐसी पद्वति है यदि इसे शिद्दत के साथ अपनाया जाए तो सभी रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योग की समस्त क्रियाएं करने से मनुष्य की सुप्त चेतन शक्ति का विकास होता है। अध्यक्षता डॉ. कामाख्या कुमार और संचालन डॉ. विनय सेठी ने किया। कार्यक्रम में डा. लक्ष्मी नारायण, कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी, सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार, मंडी समिति के पूर्व चेयरमैन संजय चोपड़ा, विनोद चौहान, अनूप बहुखंडी, आर्यन वर्मा, शिवनारायण, ललित शर्मा, आशीष नोटियाल सहित विश्वविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं शामिल थे।
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