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11 घंटे के शट टाउन से मूडऑफ
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sun, 26 Feb 2017 09:25 PM IST
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रविवार को बिजली का ब्लैकआउट आधे से ज्यादा शहर पर भारी पड़ा। शहर के व्यापार प्रभावित हुआ तो औद्योगिक इकाईयों का उत्पादन ठप रहा। बिजली कट से करीब 50 हजार की आबादी को पानी तक मयस्सर नहीं हो सका।
औद्योगिक क्षेत्र के फीडर से जुड़ी लाइन की तार बदलने को लेकर शटडाउन लिया गया था। जिसको लेकर सुबह 8.30 बजे से बिजली बंद कर दी गई। फीडर से जुडे़ टिबड़ी, भभूतावाला बाग, शिवलोक, सेक्टर दो जगदीश नगर, नाथनगर, आदर्शनगर, नानकपुरी, औद्योगिक क्षेत्र, निर्मला छावनी, बिलकेश्वर, रेलवे कालोनी, ब्रह्मपुरी, मेला अस्पताल आदि क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। इन कालोनियों में बिजली बंद होते के साथ ही पानी की सप्लाई भी ठप हो गई। घरों में जमा किया पानी भी समाप्त हो गया। दोपहर बाद लोगों को पानी के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। सबसे बड़ी समस्या औद्योगिक क्षेत्रों में हो गई। औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन नहीं हो सका। इससे श्रमिकों को बिना काम के खाली हाथ लौटाना पड़ा। वहीं कालोनियों की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में जनरेटर चलाने पड़े। जनरेटरों के शोर से कालोनी निवासियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
ब्लडबैंक का जनरेटर फेल
मेला अस्पताल का जनरेटर दोपहर को जवाब दे गया। इसके बाद जनरेटर को ठंडा कर फिर स्टार्ट किया, लेकिन शाम चार बजे जनरेटर पूरी तरह से बंद हो गया। ब्लडबैंक स्टाफ के सामने 400 यूनिट ब्लड को बचाना मुश्किल हो गया। ब्लडबैंक कर्मी दिनेश लखेड़ा ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन रिसीव करना तक मुनासिब नहीं समझा।
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छुट्टी का मजा हुआ किरकिरा
रविवार को अवकाश के दिन बिजली ने पूरा मजा किरकिरा कर दिया। पूरे दिन बिजली न होने से टीवी शोपीस बनकर रह गए। मोबाइल स्विच आफ हो गए। कई जगह के लोगों ने दूसरी कालोनियों में जाकर फोन की बैटरी चार्ज करवाई।
शाम को पांच मिनट आई बिजली
बिजली के तारों को बदलने के लिए शाम पांच बजे तक का शटडाउन लिया था, देर शाम तक बिजली सुचारु नहीं हो सकी। शाम 7.30 बजे बिजली आई, लेकिन पांच मिनट के बाद फिर गुल हो गई।
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औद्योगिक क्षेत्र के फीडर से जुड़ी लाइन की तार बदलने को लेकर शटडाउन लिया गया था। जिसको लेकर सुबह 8.30 बजे से बिजली बंद कर दी गई। फीडर से जुडे़ टिबड़ी, भभूतावाला बाग, शिवलोक, सेक्टर दो जगदीश नगर, नाथनगर, आदर्शनगर, नानकपुरी, औद्योगिक क्षेत्र, निर्मला छावनी, बिलकेश्वर, रेलवे कालोनी, ब्रह्मपुरी, मेला अस्पताल आदि क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। इन कालोनियों में बिजली बंद होते के साथ ही पानी की सप्लाई भी ठप हो गई। घरों में जमा किया पानी भी समाप्त हो गया। दोपहर बाद लोगों को पानी के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। सबसे बड़ी समस्या औद्योगिक क्षेत्रों में हो गई। औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन नहीं हो सका। इससे श्रमिकों को बिना काम के खाली हाथ लौटाना पड़ा। वहीं कालोनियों की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में जनरेटर चलाने पड़े। जनरेटरों के शोर से कालोनी निवासियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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ब्लडबैंक का जनरेटर फेल
मेला अस्पताल का जनरेटर दोपहर को जवाब दे गया। इसके बाद जनरेटर को ठंडा कर फिर स्टार्ट किया, लेकिन शाम चार बजे जनरेटर पूरी तरह से बंद हो गया। ब्लडबैंक स्टाफ के सामने 400 यूनिट ब्लड को बचाना मुश्किल हो गया। ब्लडबैंक कर्मी दिनेश लखेड़ा ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन रिसीव करना तक मुनासिब नहीं समझा।
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छुट्टी का मजा हुआ किरकिरा
रविवार को अवकाश के दिन बिजली ने पूरा मजा किरकिरा कर दिया। पूरे दिन बिजली न होने से टीवी शोपीस बनकर रह गए। मोबाइल स्विच आफ हो गए। कई जगह के लोगों ने दूसरी कालोनियों में जाकर फोन की बैटरी चार्ज करवाई।
शाम को पांच मिनट आई बिजली
बिजली के तारों को बदलने के लिए शाम पांच बजे तक का शटडाउन लिया था, देर शाम तक बिजली सुचारु नहीं हो सकी। शाम 7.30 बजे बिजली आई, लेकिन पांच मिनट के बाद फिर गुल हो गई।