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Haridwar: फार्मा कंपनी में 1.02 करोड़ का फर्जीवाड़ा, चार कर्मचारी नामजद, कर्मचारियों ने ऐसे लगाया पलीता
Mon, 23 Jun 2025 04:34 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 23 Jun 2025 04:34 PM IST
सार
आईटी विभाग में कार्यरत रहे रोहित तिवारी, कमलदीप, रवि सहरावत और विवेक गोयल ने साजिश के तहत औफेल एलएलपी, निकोल कंसल्टेंसी सर्विसेज प्रा. लि. और एडवांस इन्फो सॉल्यूशन खड़ी कीं। ये कंपनियां उनके रिश्तेदारों के नाम पर रजिस्टर्ड थीं।
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- फोटो : amar ujala (file Photo)
विस्तार
हरिद्वार के सिडकुल थाना क्षेत्र स्थित एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स कंपनी में आईटी विभाग से जुड़े चार कर्मचारियों के फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कर्मचारियों ने मिलीभगत कर तीन फर्जी कंपनियों के नाम पर झूठे खरीद आदेश जारी किए और 1.02 करोड़ की रकम हड़प ली। कंपनी की आंतरिक जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी सहित प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के अनुसार, कंपनी की ओर से एचआर अधिकारी समंदर सिंह ने शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि आईटी विभाग में कार्यरत रहे रोहित तिवारी, कमलदीप, रवि सहरावत और विवेक गोयल ने साजिश के तहत औफेल एलएलपी, निकोल कंसल्टेंसी सर्विसेज प्रा. लि. और एडवांस इन्फो सॉल्यूशन खड़ी कीं। ये कंपनियां उनके रिश्तेदारों के नाम पर रजिस्टर्ड थीं। इन फर्जी कंपनियों को जरूरत से ज्यादा दामों पर आईटी उपकरण, सॉफ्टवेयर और सेवाओं की मांग दिखाकर ऑर्डर दिए गए। कई ऑर्डर ऐसे थे, जिनमें भुगतान के बाद भी कोई माल कंपनी तक नहीं पहुंचा।
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आरोप है कि जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारी रवि सहरावत, हरिद्वार में रहकर इन फर्जी कंपनियों के संचालकों के संपर्क में था। उसी के जरिए डील फाइनल होती थी और भुगतान के बाद मोटी रकम सीधे निजी खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।