{"_id":"5817887f4f1c1bc032435c3a","slug":"10-crore-on-diwali-fireworks-smoke","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपावली पर 10 करोड़ के पटाखे धुआं धुआं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपावली पर 10 करोड़ के पटाखे धुआं धुआं
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 31 Oct 2016 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
धर्मनगरी में दीपावली पर आस्था के साथ साथ उल्लास के रंग रातभर आतिशबाजी के रूप में आसमान पर छाए रहे। फुलझड़ी, बम, पटाखे और आतिशबाजी का दौर शाम से लेकर भोर तक चला। बाजार से छनकर आ रहे अनुमान के मुताबिक दीपावली पर करीब 10 करोड़ रुपये के पटाखे जलाए गए।
शहर का बाजार एक पखवाड़े से दीपावली के रंग में रंगा हुआ था। साज सजावट के सामान की खरीदारी हफ्ते भर से शुरू हो गई थी। पटाखों की बिक्री छोटी दीपावली पर जमकर हुई। दीपावली के दिन विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद लोगों ने पटाखे जलाकर उल्लास के साथ त्यौहार मनाया। दिन ढलते ही पटाखे, फुलझड़ियों और आतिशबाजी का सिलसिला शुरू हो गया था। कारोबारी नेताओं के मुताबिक कनखल, हरिद्वार, ज्वालापुर, उत्तरी हरिद्वार सहित पंचपुरी और सिडकुल आसपास के क्षेत्र में करीब 10 करोड़ रुपये के पटाखे जलाए गए हैं। पटाखा व्यापारी प्रवीण कुमार और राजीव सिंह ने बताया कि इस बार पटाखे काफ बिके लेकिन इसके बाद भी पहले सालों की अपेक्षा कम बिक्री कम हुई।
चाइनीज पटाखे रहे गायब
दीपावली पर चाइनीज सामान के बहिष्कार का भले ही मिला जुला असर रहा हो, पर पटाखों पर प्रतिबंध लगने के चलते बाजार से चाइनीज पटाखे नदारद रहे। कानूनी झंझट से बचने के लिए कारोबारी इस बार चाइनीज पटाखे नहीं लेकर आए। हालांकि चाइनीज लड़ियों से लेकर साज सजावट का काफी सामान दीपावली पर खरीदा गया। बहिष्कार का असर यह रहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार कई बड़े व्यापारियों का चाइनीज माल का स्टॉक पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया।
शहर का बाजार एक पखवाड़े से दीपावली के रंग में रंगा हुआ था। साज सजावट के सामान की खरीदारी हफ्ते भर से शुरू हो गई थी। पटाखों की बिक्री छोटी दीपावली पर जमकर हुई। दीपावली के दिन विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद लोगों ने पटाखे जलाकर उल्लास के साथ त्यौहार मनाया। दिन ढलते ही पटाखे, फुलझड़ियों और आतिशबाजी का सिलसिला शुरू हो गया था। कारोबारी नेताओं के मुताबिक कनखल, हरिद्वार, ज्वालापुर, उत्तरी हरिद्वार सहित पंचपुरी और सिडकुल आसपास के क्षेत्र में करीब 10 करोड़ रुपये के पटाखे जलाए गए हैं। पटाखा व्यापारी प्रवीण कुमार और राजीव सिंह ने बताया कि इस बार पटाखे काफ बिके लेकिन इसके बाद भी पहले सालों की अपेक्षा कम बिक्री कम हुई।
विज्ञापन
चाइनीज पटाखे रहे गायब
दीपावली पर चाइनीज सामान के बहिष्कार का भले ही मिला जुला असर रहा हो, पर पटाखों पर प्रतिबंध लगने के चलते बाजार से चाइनीज पटाखे नदारद रहे। कानूनी झंझट से बचने के लिए कारोबारी इस बार चाइनीज पटाखे नहीं लेकर आए। हालांकि चाइनीज लड़ियों से लेकर साज सजावट का काफी सामान दीपावली पर खरीदा गया। बहिष्कार का असर यह रहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार कई बड़े व्यापारियों का चाइनीज माल का स्टॉक पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया।
विज्ञापन