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उत्तराखंड: शक्ति परीक्षण को लेकर राज्यपाल ने दिए स्पीकर को अहम निर्देश

Wed, 23 Mar 2016 09:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 23 Mar 2016 09:45 PM IST
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governor send letter to speaker for voting in house.
स्पीकर गोविंद कुंजवाल - फोटो : file photo
राज्य में चल रही सियासी लड़ाई के बीच राज्यपाल केके पाल ने विधानसभा अध्यक्ष को संदेश भेजकर 28 मार्च को सरकार के शक्ति परीक्षण के दौरान सदन की व्यवस्था पर दिशा निर्देश जारी किए हैं। राज्यपाल ने हिदायत दी है कि बहुमत साबित करने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण संपन्न होनी चाहिए।
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यह भी साफ कहा गया है मत विभाजन का परिणाम तुरंत घोषित होना चाहिए और पूरी कार्यवाही को रिकॉर्ड किया जाना चाहिए। राज्यपाल के इस संदेश से कई अफवाहों पर भी विराम लगा है और यह भी साफ हो गया है कि सरकार को 28 मार्च को सदन में हर हाल में बहुमत साबित करना होगा।
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इस पत्र का एक संकेत यह भी है कि पूरे घटनाक्रम पर राजभवन नजर रखे हुए है। यह पत्र जारी करने के लिए राज्यपाल ने संविधान की धारा 175(2) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग किया है।
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28 मार्च को सरकार को सदन में साबित करना है बहुमत

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हरीश रावत - फोटो : file photo

पत्र में राज्यपाल ने 18 मार्च को सदन में हंगामे के बाद भाजपा के 26 और कांग्रेस के 9 विधायकों की ओर से की गई शिकायत का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि राजभवन पहुंचे इन इन विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर वित्त विनियोग विधेयक-2016 पर सवाल उठाया था।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का आग्रह था कि सदन में 35 सदस्यों की ओर से मत विभाजन की मांग करने के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी एक नहीं सुनी।

इससे वित्त विनियोग विधेयक पर मत जाहिर करने का उनका अधिकार बाधित हुआ। यह भी दावा किया गया कि विधेयक के खिलाफ और उसके समर्थन में पड़ने वाले मतों को रिकार्ड नहीं किया गया।

पत्र में राज्यपाल ने कहा कि इस संदर्भ में 19 मार्च को मुख्यमंत्री हरीश रावत से कहा गया था कि जितनी जल्दी हो सके, लेकिन 28 मार्च के बाद नहीं, सदन में अपना बहुमत साबित करें।

संवैधानिक नियमों के तहत संचालित होगा सत्र: स्पीकर

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उत्तराखंड विधानसभा - फोटो : file photo

चूंकि, 28 मार्च की विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र आहूत किया था, इसलिए यह तिथि चुनी गई। इसके बाद 20 मार्च को एक और पत्र मुख्यमंत्री को भेजकर जितनी जल्द हो सके विश्वास मत हासिल करने का कहा गया था। राज्यपाल के मुताबिक मुख्यमंत्री ने इसके जवाब में बताया कि 28 मार्च को सदन में विश्वास मत हासिल कर लिया जाएगा।

राज्यपाल ने इस पत्र के माध्यम से विधानसभा से यह भी कहा कि 28 मार्च को विश्वास मत हासिल करने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और इस तरह की होनी चाहिए जिसमें लोकतंत्र की मूल भावना प्रतिबिंबित हो।

विधानसभा अध्यक्ष का है कहना
कुछ माननीय विधायक महामहिम राज्यपाल से मिले थे। विधायकों ने जो बातें कहकर राज्यपाल से अनुरोध किया था, उन्हीं को संदेश के रूप में राज्यपाल ने हमारे पास भेजा है। राजभवन से कोई खास निर्देश हमें नहीं दिया गया है। विधानसभा सत्र संवैधानिक नियमों और कानूनों के दायरे में संचालित किया जाएगा।
-गोविंद सिंह कुंजवाल, विधानसभा अध्यक्ष

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