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बागी तो चले गए, पर कहां जाएंगे 'सिपहसलार'

Fri, 20 May 2016 03:55 AM IST
रजा शास्त्री/अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 20 May 2016 03:55 AM IST
सार

  • - भाजपा अभी इन्हें शामिल करने में हिचक रही
  • - कांग्रेस में इन्हें देखा जा रहा शक की नजर से

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future of rebel mla supporter.
बागी‌ विधायक - फोटो : file photo

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत बागी विधायक तो भाजपा में शामिल हो गए हैं, लेकिन इनके समर्थकों के सामने यह समस्या पैदा हो गई है कि वे कहां जाएं? इन समर्थकों की अपने नेता के कारण ही पार्टी में हनक और पहचान रही है। भाजपा इन सारे समर्थकों को शामिल करने में अभी हिचक रही है और कांग्रेस में इन्हें शक की नजर से देखा जा रहा है।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों को आदेश कर दिए हैं कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा का पूरा गुट अभी कांग्रेस में ही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बहुगुणा ने अपने समर्थकों को बड़े पद दिलवाए थे। टिहरी लोकसभा क्षेत्र में बहुगणा ने अपनी लॉबी काफी मजबूत कर ली थी। इसी तरह पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत पौड़ी से जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
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रावत की नजदीकी लक्ष्मी राणा रुद्रप्रयाग से जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, वे अभी कांग्रेस में ही हैं। इसके अलावा विधायक सुबोध उनियाल, उमेश शर्मा काऊ आदि विधायकों के समर्थक पार्षद, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य हैं। ये सभी असमंजस की स्थिति में हैं।

दो मंडी समितियों के पूर्व अध्यक्ष नजर आए थे दिल्ली में

future of rebel mla supporter.
भाजपा ज्वाइन करने बाद बागी विधायक। - फोटो : AmarUjala

दिल्ली में बागी विधायकों के भाजपा में शामिल होने के कार्यक्रम के दौरान मंच पर कई कांग्रेसी नेता नजर आए थे। इनमें दो मंडी समितियों के पूर्व अध्यक्ष हैं।

पार्टी ने इन नेताओं का भी संज्ञान लिया है। इन नेताओं के पूरे गुट को शामिल करने में भाजपा हिचक रही है। वहीं, कांग्रेस में इन्हें शक की नजर से देखा जा रहा है। कांग्रेस के रणनीतिकारों का मशविरा है कि शीर्ष नेतृत्व को इनसे बात करनी चाहिए जिससे कांग्रेस के समर्पित नेताओं को इत्मिनान रहे। 

क्या कहते हैं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
पार्टी विरोधी गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ अपने स्तर से कार्रवाई के लिए जिलाध्यक्षों से कह दिया गया है। कांग्रेस के लिए समर्पित किसी व्यक्ति को शक की निगाह से नहीं देखा जाएगा।
- किशोर उपाध्याय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

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