उत्तराखंड में जल्द बनेगी पांच स्मार्ट टाउनशिप
- गैरसैंण और रुद्रपुर में इसी माह होगा जमीनों का हस्तांतरण
- अन्य तीन टाउनशिप के लिए भी चिह्नित की गई है जमीन
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राज्य में पांच नई स्मार्ट टाउनशिप के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। दो स्मार्ट टाउनशिप के लिए इसी माह जमीनों का हस्तांतरण भी हो जाएगा। अन्य तीन टाउनशिप के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। यहां भी जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए राजधानी देहरादून का चयन किया गया है। दून में स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव दोबारा केंद्र सरकार को भेजा गया है। जल्द ही इस मामले में निर्णय होने वाला है। लेकिन उससे पहले राज्य सरकार स्मार्ट टाउनशिप बसाने की अपनी घोषणा को अमली जामा पहनाना चाहती है।
कोशिश है कि अगले कुछ माह में मौके पर काम शुरू होता दिख जाए। इसके पीछे आने वाले विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ लेने की मंशा भी हो सकती है। स्मार्ट टाउनशिप परियोजना के लिए उत्तराखंड आवास एवं नगरीय विकास प्राधिकरण (उडा) ने गढ़वाल में चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) व गैरसैंण (चमोली) और कुमाऊं में रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर), पिथौरागढ़ व जागेश्वर (अल्मोड़ा) का चयन किया है।
गैरसैंण में पशुपालन विभाग की करीब 500 एकड़ और रुद्रपुर में खुरपिया फार्म की जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। चिन्यालीसौड़, पिथौरागढ़ और जागेश्वर के लिए भी जमीन चिह्नित की गई है।
जानिए, क्या है स्मार्ट टाउनशिप
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी परियोजना की तर्ज पर राज्य सरकार ने स्मार्ट टाउनशिप परियोजना की शुरुआत की है। इसके अनुसार पहाड़ों के छोटे नगरों और कस्बों को स्मार्ट तरीके से बसाया जाएगा। इन सभी जगहों पर नई टाउनशिप बसाने की योजना है। साथ ही मौजूदा कस्बों या नगरों में भी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। यह परियोजना अगले 15 से 20 साल के लिए तैयार की जाएगी।
इसी महीने पूरी होगी हस्तांतरण प्रक्रिया
गैरसैंण और रुद्रपुर में टाउनशिप के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया इसी माह पूरी हो जाएगी। अन्य टाउनशिप के लिए भी जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
-वंशीधर तिवारी, संयुक्त मुख्य प्रशासक, उडा