तबाह हो गए केदारघाटी के दर्जनों गांव
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चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले रोजी रोटी के लिए केदानाथ के लिए रवाना हुए 107 लोगों की अभी तक घर वापसी नहीं हो सकी। लापता हुए इन लोगों में से ज्यादातर की उम्र भी चासील से कम है।
यात्रा के मद्देनजर अपने कारोबार के लिए निकले थे, इन्हीं चार महीनों में साल भर की आजीविका चलाने के पैसे की जरूरत पूरी की जाती है, लेकिन उनके नहीं लौटने से गांवों में सन्नाटा पसरा है।
और जो जान बचाकर गांव पहुंच भी गए हैं उनके सामने साल भर की रोजी रोटी का संकट। क्योंकि यात्रा बंद होने के बाद केदारघाटी के गांवों की आर्थिकी को तगड़ा झटका लगा है।
107 लोग अब भी लापता
केदारघाटी के लमगौंडी समेत सात गांवों के 107 लोग आज भी लापता है। नौजवानों का इंतजार इन गांवों में आज भी हो रहा है। गुप्तकाशी के आस पास की कुदरती जगहों पर बसे इन गांवों में कुदरत के कहर को लेकर ही पीड़ा है।
ग्रामीणों को इन लोगों के मरने का प्रमाण नहीं मिला तो जिंदा रहने की उम्मीद अभी भी कायम है। इस हादसे में लापता हुए लोगों के बाद गांवों में मरघट सा सन्नाटा टूटने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज की दिनचर्या, सामाजिक गतिविधियां सभी बंद पड़ी हैं।
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गांव में लोग हैं लेकिन वीरान जंगल जैसी सुनसानी मन को पीड़ा पहुंचा रही है। अपनों का इंतजार हो रहा है, हो सकता है कि केदार बाबा का कोई चमत्कार ही हो जाए। इस हादसे ने लमगौंडी के आस पास के सभी गांवों में हालात को दर्दनाक बना दिया है। चार धाम यात्रा से इन सभी गांवों के लोगों की गुजर बसर होती है।
आगे रोजगार का संकट
यात्रा शुरू होने से पहले किसी ने केदार मंदिर के पास अपनी दुकान संभाली तो किसी ने चाय की दुकान पर काम शुरू किया। इनमें से कुछ लोग रामबाड़ा में भी कारोबार करते थे। लमगौंडी गांव के काशीनाथ ने कहा कि मृतकों के परिवारों को तो मुआवजा मिल जाएगा, हो सकता है कुछ दिन बशर हो जाए, लेकिन जो लोग बचकर गांव में आ गए उनके परिवारों के सामने रोटी का बड़ा संकट है।
दरअसल यात्रा बंद होने के बाद अब ग्रामीणों के सम्मुख पेट भरने का कोई दूसरा जरिया नहीं रहा। दीवली गांव के शंकर कपरवाण ने बताया कि जो आपदा प्रभावित परिवार हैं उन्हें खाद्य सामग्री तो दी गई लेकिन पर्याप्त नहीं थी। मगर सरकार की तरफ से घोषित एक महीने के निशुल्क राशन तो अभी सपना ही है।
स्थानीय गांवों के आपदा में गुम हुए लोगों की संख्याः
| गांव | लापता लोग |
| लमगौंडी | 25 |
| दीवली | 14 |
| भणिग्राम | 26 |
| लुवाणी | 16 |
| लुवारा | 11 |
| फहाली पसालत | 3 |
| सिरवानी पिथौरा | 12 |