दलित युवती के अश्लील वीडियो पर आयोग सख्त, जांच को भेजी टीम
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चकराता क्षेत्र की दलित युवती की शक्ल से मिलती जुलती अश्लील वीडियो मोबाइल पर भेजने और पीड़ित परिवार के उत्पीड़न मामले को मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान में लिया है।
आयोग ने डीएम और एसएसपी को नोटिस भेजकर निर्देश दिए कि अपने किसी प्रतिनिधि को गांव में भेजकर असल स्थिति का पता लगाएं। 11 अप्रैल तक मामले की वस्तुस्थिति से आयोग को भी अवगत कराने को कहा गया है।
चकराता क्षेत्र के एक गांव की दलित युवती और उसकी मां ने उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई। युवती ने कहा कि गांव के कुछ लोगों के मोबाइल में उसकी शक्ल से मिलती अश्लील वीडियो भेजी गई है।
गांव वालों ने किया पीड़ित परिवार का हुक्का पानी बंद
युवती का कहना है कि ग्रामीण इस वीडियो को उसका बताकर उसे बदनाम कर रहे हैं। युवती ने एक युवक पर इस वीडियो को वायरल करने का आरोप लगाया है।
उधर युवती की मां ने बताया कि तहसीलदार से शिकायत करने पर पटवारी गांव में आए थे और कुछ लोगों के मोबाइल कब्जे में ले लिए हैं।
इससे गांव वाले पीड़ित परिवार से और चिढ़ गए और हुक्का पानी भी बंद कर दिया है। राष्ट्रीय सामाजिक न्याय कृति मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार ने आयोग में पीड़ित परिवार की तरफ से शिकायत को जोरदार ढंग से उठाया। आयोग में मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल नियत की गई है।